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100 फीसदी टीकाकरण की भेज दी रिपोर्ट, जांच में 20 से 50 फीसदी बच्चे मिले टीकाकरण से वंचित

एक वर्ष पहले
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{जांच के दौरान जिले के मड़वन प्रखंड में 50 ताे कांटी में 20 फीसदी बच्चे जेई टीकाकरण से वंचित मिले

शत-प्रतिशत बच्चाें के जेई टीकाकरण के दावाें की पाेल खुली है। जांच में चाैंकाने वाले तथ्य सामने अाए हैं। मड़वन प्रखंड के शुभंकरपुर गांव में 50 फीसदी ताे कांटी प्रखंड के बरियारपुर में 20 प्रतिशत बच्चाें में जेई का टीकाकरण नहीं हाेने की बात सामने अाई है। दरअसल, पिछले वर्ष चमकी बुखार/एईएस/जेई के अत्यधिक मामले सामने अाने के बाद राज्य स्वास्थ्य समिति ने बच्चों को जेई से बचाव के लिए 3 फरवरी से 6 मार्च तक टीकाकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया था। जिसमें एक से 15 साल तक के सभी बच्चों का टीकाकरण करना था। इस अभियान के बाद जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने राज्य स्वास्थ्य समिति काे जिले में शत प्रतिशत बच्चों के जेई टीकाकरण हाेने की रिपोर्ट भेजी। लेकिन, सरकार ने इसकी जांच के लिए जिले के छह प्रखंडों में टीम भेजकर सर्वेक्षण कराया तो मड़वन के शुभंकरपुर गांव के महज 50 फीसदी ताे कांटी प्रखंड के बरियारपुर में 80 फीसदी बच्चों में टीकाकरण हाेने की बात सामने आई। राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर निदेशक डॉ. नरेन्द्र कुमार सिन्हा ने जिले से शत प्रतिशत जेई टीकाकरण की रिपोर्ट काे अाैचक जांच में झूठा बताया है। उन्होंने बताया कि जिले में 3 फरवरी से 6 मार्च तक शत प्रतिशत जेई टीकाकरण हाेने की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के छह प्रखंड के 25 गावाें में जेई टीकाकरण हाेने की जांच कराई गई। जिले के कांटी, मीनापुर, माेतीपुर, बाेचहां, सरैया तथा मड़वन प्रखंड में राज्य स्वास्थ्य समिति काे एक से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों के जेई टीकाकरण कराने का मामला गलत पाया गया। उन्होंने जिला प्रतिरक्षण अधिकारी काे मामले की गंभीरता काे देखते हुए 31 मार्च तक इसका सघन अनुश्रवण कराने के साथ ही शत प्रतिशत जेई टीकाकरण कराने काे कहा है। साथ ही राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर निदेशक ने जिले में जेई टीकाकरण से बच्चों के वंचित रह जाने की जिम्मेवारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी की हाेने की बात कही है।

पल्स पाेलियाे टीकाकरण अभियान में पाई गईं त्रुटियां, कार्रवाई के आदेश

राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने 29 फरवरी काे चलाए गए टीकाकरण अभियान में त्रुटियां पाए जाने की जानकारी दी है। सिविल सर्जन काे भेजी गई रिपोर्ट में पल्स पाेलियाे राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के दौरान पाई गई खामियाें की समीक्षा कर दाेषी कर्मियों व पदाधिकारी पर अावश्यक कार्रवाई करते हुए 15 मार्च तक इसकी सूचना उपलब्ध कराने काे कहा है।

जिले के छह प्रखंडों के दर्जनों गांवाें में जांच टीम
काे नहीं मिला शत-प्रतिशत टीकाकरण


रिपोर्ट के अनुसार मड़वन प्रखंड के शुभंकरपुर गांव के 50 फीसदी, मोतीपुर के सेंदुअारी, नरियार, माेरसंडी, पचरूखी, बरियारपुर, रसूलपुर, महवल, बरैठा, काेठिया, नया टाेला ठिकहां, कुशाही के 34 प्रतिशत बच्चों काे टीकाकरण से वंचित बताया गया है। इसी प्रकार मीनापुर के छैगन नेउरा चमरुअा टाेली, चांदपरना, धर्मपुर, धेरिया, अली नेउरा, खेमलपट्टी तथा मझाैली में 24 फीसदी, कांटी के बरियारपुर तथा मुशहर टाेला बारमतपुर में 20 फीसदी, बाेचहां के कन्हारा तथा सिमरी बसंत के 15 फीसदी तथा सरैया के चितरी माधाेपुर तथा सिवरल गाेपीनाथपुर के 10 फीसदी बच्चों का टीकाकरण नहीं हुअा है।

एईएस/जेई से बचाव की तैयारियों की खुली पाेल

{राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर निदेशक ने जिला प्रतिरक्षण अधिकारी काे शत प्रतिशत टीकाकरण कराने काे कहा
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