मैट्रिक की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार करने वाले 1195 शिक्षक निलंबित
बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के अाह्वान पर नियोजित शिक्षकों की हड़ताल लगातार 27वें दिन शनिवार को भी जारी रही। जिस कारण विद्यालयों में पठन-पाठन ठप रहा। मीनापुर में हड़ताली शिक्षकों ने बीआरसी भवन में धरना दिया। अध्यक्षता प्रभातचंद्र ने की। संचालन मोख्तार अहमद ने किया। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए लखनलाल निषाद, अभय कुमार, सैयद अली इमाम, मुन्ना यादव व धीरज कुमार ने कहा कि हम शिक्षक निरंकुश सरकार का डटकर मुकाबला करने को तैयार हैं। सरकार का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। सभा को धीरज कुमार, लक्ष्मीनारायण कुमार, सुरेंद्र राम, अलीमुद्दीन अंसारी, धर्मेंद्र कुमार, अरुण कुमार, शत्रुघ्न, काजल, नीतू, अर्चना कुमारी, प्रभावती गुप्ता, सैयदा परवेज, मृत्युंजय कुमार, रघुनाथ सहनी, मो. इस्लाम, अब्दुल रशीद ने भी संबोधित किया।
साहेबगंज |बीआरसी परिसर में आयोजित धरने में शिक्षक मेराजुल हक साबरी, रामसहाय, कुमारी प्रियंका, विनोद कुमार, नीलम संजीव, सत्येंद्र नारायण सिंह थे।
शिक्षक हड़ताल
‘मांगों को मानने के बजाय राज्य सरकार निरंकुश रवैया अपना रही’
एजुकेशन रिपोर्टर|मुजफ्फरपुर
मैट्रिक की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार करने वाले 1195 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसमें जिला परिषद नियोजन इकाई के 1057 शिक्षक, नगर निगम के 114, नगर पंचायत कांटी के 9, नगर पंचायत मोतीपुर के 11 व नगर पंचायत साहेबगंज के 4 शिक्षकों को निलंबित किया गया है। डीईअाे डॉ. विमल ठाकुर की अनुशंसा पर विभिन्न नियोजन इकाइयों की ओर से शिक्षकों को निलंबित किया गया है। नगर निगम के शिक्षकों को निलंबन अवधि में डायट कार्यालय में योगदान करना है। मामले को लेकर नियोजन इकाई की ओर से आदेश जारी किया गया है। इसमें शिक्षकों पर मैट्रिक के मूल्यांकन का बहिष्कार करने, शिक्षकों के बीच भय और अराजकता उत्पन्न करने पर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। जिले में मैट्रिक के मू्ल्यांकन के लिए 6 केंद्र बनाए गए हैं। बिहार बोर्ड की ओर से कॉपियों की जांच के लिए शिक्षकों को पत्र दिया गया था। इसके सभी केंद्रों पर आधे से अधिक शिक्षकों ने योगदान नहीं दिया। विभागीय निर्देश के बाद सभी केंद्रों से मांगी गई शिक्षकों की सूची के आधार पर नियोजन इकाई ने शिक्षकों पर कार्रवाई की है। निलंबित होने वाले शिक्षकों को विभागीय कार्रवाई के अधीन किया गया है।