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15 मिनट पहले अजय ने पत्नी मंजू से कहा था- कुछ देर में पहुंच जाऊंगा घर, मिली हादसे की सूचना

एक वर्ष पहले
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दुर्घटना से 15 मिनट पहले ही अजय सहनी ने अपनी प|ी मंजू देवी से मोबाइल पर बात की थी। कहा था बस कुछ देर में घर पहुंच जाउंगा। इसके 15 मिनट बाद एक पुलिस अधिकारी ने पति के ही मोबाइल से काॅल कर मंजू काे दुर्घटना की सूचना दी। मंजू ने पति के साथ उस गाड़ी पर सवार परिवार के राजू सहनी, रामवरन सहनी, कमलेश सहनी के मोबाइल पर काॅल लगाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने मोबाइल नहीं उठाया। जिसके बाद बड़ी अनहोनी की आशंका पर वह जाेर से चीखीं। परिवार के सारे लाेग जुट गए। तब तक कई लाेगाें के मोबाइल पर एक्सीडेंट की खबर अा चुकी थी। गांव में कोहराम मच गया। आनन-फानन में गांव के लाेग एसकेएमसीएच की ओर भागे। सबसे बड़ा पहाड़ रामानंद सहनी के परिवार पर टूटा। एक ही परिवार के राजू सहनी, रामवरन सहनी की मौत हो गई। छोटे पुत्र अजय सहनी, पौत्र कमलेश सहनी के घायल होने की सूचना आई।

राजमिस्त्री का काम कर संभाला परिवार, अब आर्थिक संकट...

नवीन कुमार | अाैराई

औराई प्रखंड के डीहजीवर गावं में मातमी सन्नाटा पसरा है। इस गांव में अधिकतर पिछड़ाें एवं दलितों की आबादी है। प्रखंड मुख्यालय से 40 किलोमीटर तथा एनएच-77 से लगभग 10 किलोमीटर अंदर बसे गांव की एक बड़ी आबादी भवन निर्माण के ठेके से जुड़ी है। उत्तर प्रदेश अाैर दूसरे प्रदेश में भी ये लाेग मकान बनाने का काम करते हैं। राजमिस्त्री के पेशे से गांव में खुशहाली अाई है। मरने वालाें में अधिकतर भवन निर्माण के कुशल कारीगर एवं मजदूर थे। पंचायत के एक प्रतिनिधि मो. जावेद ने बताया कि वर्ष भर परदेश में कमाने वाले अधिकांश युवक होली या दीपावली में परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर लौटते हैं। लेकिन, इस हाेली में ऊपर वाले को कुछ और हीं मंजूर था। 18 साल के मृतक ऋतिक भी कुशल कारीगर था। मृतक जयकरण सहनी के 5 नादान बच्चे हैं। घर के वह इकलौते कमाऊ सदस्य थे। हादसे में दो सगे भाई राजू सहनी और रामवरण सहनी की भी माैत हो गई। हादसे में घायल अजय सहनी भी इनके भाई हैं। एक अन्य परिजन कमलेश की भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मृतक शिकिन्दर सहनी के तीन छाेटे-छाेटे बच्चे हैं। उधर, मृतक के परिजनों को औराई विधायक डाॅ. सुरेन्द्र कुमार, पूर्व विधायक रामसूरत राय के साथ बेचन महतो सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में 4-4 लाख अनुग्रह राशि का चेक दिया गया।

कंटेंट | शैलेश कुमार, गुलशाद व केशव कुमार {फोटो | दयानंद पाठक

एसकेएमसीएच पहुंचे अधिकारी व नेतागण।

परिवार की खुशहाली के लिए इकलौता ध्रुव सहनी चाचा के साथ गया था यूपी, घर लाैटा शव | खोरक सहनी की आंखों के सामने अंधेरा छा गया, क्योंकि इकलौता पुत्र ध्रुव सहनी इस हादसे का शिकार हो गया। जयकरन सहनी के परिजनों के समक्ष भरण-पोषन की समस्या आ गई है। कुछ ही माह पूर्व अपने भतीजे रितिक को साथ ले कर गया था कि परिवार की आर्थिक तंगी दूर हाे जाएगी, लेकिन इस हादसे में चाचा-भतीजे की मौत हो गई।

दो भाइयों मनीष व विकास की मौत से बिखर गया परिवार

इधर, मनीष साह के परिवार में भरण-पोषण करने वाले दोनों भाई मनीष व विकास की मौत ने लोगों को झकझोर दिया। विधवा चमेली देवी की आंखों में दर्द साफ झलक रहा था। एक पैर से दिव्यांग सिकंदर के हाथों ही जीवन की पतवार थी, जो खत्म हाे गई। अब सिकंदर के तीन पुत्रों की परवरिश कैसे होगी? इसकी चिंता में बूढ़ी मां बेहोश हाे रही थी।

हीं मंजूर था। 18 साल के मृतक ऋतिक भी कुशल कारीगर था। मृतक जयकरण सहनी के 5 नादान बच्चे हैं। घर के वह इकलौते कमाऊ सदस्य थे। हादसे में दो सगे भाई राजू सहनी और रामवरण सहनी की भी माैत हो गई। हादसे में घायल अजय सहनी भी इनके भाई हैं। एक अन्य परिजन कमलेश की भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मृतक शिकिन्दर सहनी के तीन छाेटे-छाेटे बच्चे हैं। उधर, मृतक के परिजनों को औराई विधायक डाॅ. सुरेन्द्र कुमार, पूर्व विधायक रामसूरत राय के साथ बेचन महतो सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में 4-4 लाख अनुग्रह राशि का चेक दिया गया।

रामनंदन सहनी के बिलखते परिजन।

सगे भइयों मनीष व विकास के घर जुटे तिमारदार।

रंजन साह के घर पर जुटे ग्रामीण।
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