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जिले में 247 पैक्स और व्यापार मंडलों को धान क्रय की मिली अनुमति

3 वर्ष पहले
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जिले के 247 पैक्स व व्यापार मंडलों को धान खरीद की अनुमति मिल गई है। अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन इसके नोडल अधिकारी होंगे। जानकारी के अनुसार जिले में सामान्य से 40 फीसदी तक कम धान का उत्पादन हुआ है। खरीद के लिए मुख्य सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर खाद्य-उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को मार्गदर्शन भेजा है। निबंधित व वास्तविक किसानों से धान खरीद के लिए बीएसएफसी के जिला प्रबंधक को प्रखंडवार क्रय केंद्र स्थापित करते हुए धान खरीद शुरू कराने के लिए कहा गया है। विभाग के मार्गदर्शन के आलोक में जिले में धान खरीद को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम मो. सोहैल की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक हुई। डीएम ने कहा कि राज्य मुख्यालय से 52.8 मीट्रिक टन की खरीदारी का लक्ष्य दिया गया है। अवधि 31 मार्च 2019 तक निर्धारित की गई है। उन्होंने किसानों को उचित कीमत दिलाने के लिए बीएसएफसी के जिला प्रबंधक को सभी प्रखंडों में खरीद केंद्र खोल पैक्स व व्यापार मंडलों के माध्यम से धान खरीद कराने को कहा है। सामान्य श्रेणी के धान का 1750 रुपए प्रति क्विंटल तो ग्रेड ए का 1710 रुपए क्विंटल मूल्य रखा गया है। जिला सहकारिता अधिकारी ललन शर्मा की सूचना के बाद 241 पैक्स तथा 6 व्यापार मंडलों को धान खरीद के लिए अधिकृत किया गया है। डीएम ने निबंधित किसानों से मतदाता पहचान पत्र, बैंक पास बुक की छाया प्रति, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आई कार्ड लेने के बाद ही धान क्रय करने, सभी बीडीओ-सीओ को विशेष मॉनिटरिंग करने व इस बात का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है कि प्रखंडों में धान के उत्पादन से अधिक मात्रा में खरीद नहीं हो सके।

एसी बने आपदा नोडल अधिकारी, बीएसएफसी केंद्रों को कराएगा क्रियान्वित
िबचौलियों के हाथ बेचा गया धान।

बिचौलियों से बिका धान तो बीसीओ पर होगी कार्रवाई
मुख्य सचिव दीपक कुमार ने सरकारी निर्देश के बाद भी जिलों में अब तक धान खरीद नहीं शुरू होने पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने किसानों द्वारा बिचौलियों को धान बेचे जाने पर संबंधित प्रखंड में खरीद के लिए जिम्मेदार प्रखंड सहकारिता अधिकारी पर कार्रवाई करने को कहा है। सरकारी योजना के अनुसार किसानों को उचित कीमत दिलाने तथा समय से राशि के भुगतान के लिए धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम चलाए जाने की बात कही है। प्रमंडलीय आयुक्त तथा डीएम को इसके संबंध में जानकारी देते हुए निबंधित किसानों से धान की खरीद कराने के साथ ही सभी किसानों को तुरंत भुगतान की व्यवस्था करने को कहा है। साथ ही सरकारी प्रावधान के बाद भी बिचौलियों के हाथों कम कीमत पर धान बेचे जाने पर इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा है। मुख्य सचिव ने इसकी विशेष निगरानी करने को कहा है।

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