35 गांवों में घुसा बागमती का पानी, कटरा में पलायन

Muzaffarpur News - नेपाल के तराई क्षेत्र में जारी बारिश से बागमती, गंडक व बूढ़ी गंडक नदियां उफान पर हैं। बागमती नदी कटाैंझा में अाधा...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:15 AM IST
Muzaffarpur News - 35 villages in the village the land of bagmati fleeing in katra
नेपाल के तराई क्षेत्र में जारी बारिश से बागमती, गंडक व बूढ़ी गंडक नदियां उफान पर हैं। बागमती नदी कटाैंझा में अाधा मीटर की वृद्धि के साथ खतरे के निशान से 2.67 मीटर ऊपर बह रही है। इस कारण अाैराई व कटरा प्रखंड में दहशत है। कटरा प्रखंड के एक दर्जन गांवाें में पानी घुस जाने से लाेग पलायन कर रहे हैं। बागमती नदी में जलस्तर बढ़ने से बकुची विद्युत सब-स्टेशन में पानी घुस गया है। वाल्मीकिनगर बराज से गंडक में 1.89 लाख क्यूसेक पानी छाेड़े जाने से गंडक नदी के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में सिकंदरपुर में 35 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। हालांकि गंडक व बूढ़ी गंडक नदियां अभी लाल निशान से नीचे बह रही हैं। राहत व बचाव कार्य के लिए शनिवार काे बिहटा से एसडीआरएफ की एक टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। इस टीम में 8 बाेट के साथ 32 जवान शामिल हैं। उधर, कमला के जलस्तर में भारी वृद्धि से मधुबनी के जयनगर में स्थिति भयावह हाे गई है। यहां कमला का तटबंध टूट गया। इसके कारण जयनगर बाजार की 90 प्रतिशत दुकानों में बाढ़ का पानी भर गया है। आधे शहर को प्रशासन ने खाली करा लिया है। वहीं, मोतिहारी के सिकरहना में लालबकेया व बागमती नदी के पश्चिमी तटबंध पर कई जगहों पर पानी का अत्यधिक दबाव बना हुआ है। शनिवार की सुबह से ही कई जगहों पर बांध से मोटा रिसाव होने लगा। सीतामढ़ी में बागमती, झीम व अधवारा समूहों की नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी है। जमुरा नदी का बांध सिंगरहिया के पास टूट गया है।

कटरा प्रखंड के नवादा गांव में बेनीबाद-अौराई रोड के ऊपर से बहकर घरों में घुस रहा बाढ़ का पानी। -फोटो | दयानंद पाठक

अाैराई-बेनीबाद सड़क पर 5 किमी में पानी का तेज बहाव

अाैराई-बेनीबाद सड़क के बसघट्टा से मिश्राैली तक पांच किलाेमीटर से अधिक में पानी का तेज प्रवाह हाेने से यातायात ठप है। बकुची चाैक पर चाराें अाेर से पानी चढ़ जाने से दुकानों में भी पानी प्रवेश कर गया है। बसघट्टा से बेनीबाद तक 12 किलाेमीटर के क्षेत्र के अधिकांश गांव चाराें अाेर से बाढ़ से घिर गए हैं। वहां के लाेग सुरक्षित आशियाने की तलाश कर रहे हैं। मुजफ्फरपुर डीएम अालाेक रंजन घाेष ने अमले के साथ अाैराई व कटरा प्रखंडों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। प्रशासन ने अागे भी बागमती के जलस्तर में वृद्धि की अाशंका काे देखते हुए प्रभावितों काे सुरक्षित स्थानों पर जाने काे कहा है।

एसडीआरएफ की एक टीम 8 बाेट के साथ मुजफ्फरपुर पहुंची

जयनगर में कमला बराज पर 3 फीट ऊपर से बह रहा पानी

कमला नदी के रौद्र रूप से जयनगर बॉर्डर पर हाहाकार मचा है। कमला ने 32 साल पूर्व 1987 का रिकॉर्ड को तोड़कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। सुबह करीब 10 बजे कमला ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते कमला के डेंजर लेवल से ऊपर बह रहा पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। पुल की पानी के उछाल से एनएच झील में तब्दील हो गया। पुल के ऊपर से करीब 3 फीट पानी तेज गति से क्रॉस कर रहा था। कमला के तांडव को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, प्रशासन ने पुल के दोनों छोर को बैरिकेडिंग कर वाहनों व लोगों के आवागमन पर रोक लगा दिया।

आठ की डूबने से मौत

सुपौल : कोसी नदी का जलस्तर इस साल के सर्वाधिक स्तर पर है। निर्मली में पांच हजार परिवारों के घरों में पानी घुस गया है। करीब 40 हजार लोग प्रभावित हैं। मुरलीगंज में डूबने से 3 की मौत।

अररिया : परमान, बकरा, नूना, भलुआ नदियां खतरे के निशान से ऊपर है। सिकटी और कुर्साकांटा का संपर्क टूट गया है। दो दिनों में डूबने से पांच की मौत हो गई है।

बागमती में जलस्तर बढ़ने से बकुची विद्युत सब-स्टेशन में बाढ़ का पानी घुस गया है।

असर : सीतामढ़ी-रक्साैल और नरकटियागंज-गाेरखपुर रेलखंड पर परिचालन ठप, कई ट्रेनें रद्द

शनिवार काे भी कई स्थानाें पर रेलवे ट्रैक धंस गया। सीतामढ़ी-रक्साैल के बीच कुंडवा चैनपुर अाैर नरकटियागंज-गाेरखपुर रेलखंड के पनियहवा के समीप रेलवे ट्रैक धंसने से परिचालन ठप हाे गया। सीतामढ़ी-रक्साैल रेलखंड पर पूरी तरह परिचालन ठप हाे गया है। इस रेलखंड पर चलने वाली सभी ट्रेनाें काे डायवर्ट कर चलाया जा रहा है। पनियहवा के समीप ट्रैक धंसने से पांच घंटे तक परिचालन ठप रहा। मुजफ्फरपुर जंक्शन से सटे गुमटी नंबर 106 के समीप ट्रैक धंसने से सुबह 8 से 9 बजे तक परिचालन ठप रहा। वहीं, गाेराैल के समीप भी ट्रैक धंसने से दाे घंटे परिचालन प्रभावित रहा। -पढ़ें पेज 7, 9 व 11 भी

पूर्णिया-कटिहार परमान, कनकई, महानंदा में बाढ़ से अमौर और बायसी के 20 हजार लोग घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर गए। कटिहार में सैकड़ों एकड़ जमीन गंगा में विलीन।

X
Muzaffarpur News - 35 villages in the village the land of bagmati fleeing in katra
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना