मस्तिष्क ज्वर / 9 और माैत, 12 दिन में 71 मौतें; बच्चों की जांच रिपोर्ट में लीवर, किडनी, फेफड़ों में खराबी



बच्चे की मौत पर विलाप करते परिजन। बच्चे की मौत पर विलाप करते परिजन।
बीमार बच्चे का इलाज करते डॉक्टर। बीमार बच्चे का इलाज करते डॉक्टर।
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बच्चे की मौत पर विलाप करते परिजन।बच्चे की मौत पर विलाप करते परिजन।
बीमार बच्चे का इलाज करते डॉक्टर।बीमार बच्चे का इलाज करते डॉक्टर।

  • केजरीवाल अस्पताल में अब सरकारी खर्च पर होगा मस्तिष्क ज्वर पीड़ित बच्चों का इलाज 
  • बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने को पीडीएस दुकानों पर रहेंगे वाहन

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 06:35 AM IST

मुजफ्फरपुर. मस्तिष्क ज्वर (एईएस) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित 9 और बच्चाें ने इलाज के दाैरान दम तोड़ दिया। एसकेएमसीएच में 22 बच्चे भर्ती हुए। वहां 8 की मौत हो गई। वहीं, केजरीवाल अस्पताल में पांच बच्चों को भर्ती किया गया, जिसमें एक बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही पिछले 12 दिनों में मरने वाले बच्चों की संख्या 71 हो गई है।

 

स्वास्थ्य विभाग की केंद्रीय टीम के सदस्य डॉ.अरुण कुमार सिन्हा ने पीड़ित बच्चों की बीमारी के बारे में एसकेएमसीएच के पैथोलॉजी व शिशु विभाग के एचओडी के साथ तीन घंटे तक चर्चा की। इसमें सभी बच्चों में एक ही तरह की केस हिस्ट्री सामने आ रही है। सभी बच्चों के पैथोलॉजिकल जांच में लीवर, किडनी और फेफड़ों में खराबी आने की बातें सामने आईं। साथ ही बच्चों में ग्लूकोज लेवल का सबसे न्यूनतम स्तर 20-35 रहना बताया गया।

 

डॉ. सिन्हा ने कहा कि एसकेएमसीएच में बीमारी से निपटने के लिए ट्रामा सेंटर, ट्रेंड स्टाफ, बेहतरीन वार्ड, उपकरण व बीमार बच्चों की सही देखभाल की जरूरत है। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम (एसओपी) के तहत बच्चों की जांच व इलाज किया गया है। उसे और बेहतर बनाया जाएगा।

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी रिपोर्ट 

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने अपने राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को मुजफ्फरपुर का दौरा कर बीमारी और बच्चों के मरने के संबंध में अद्यतन हालात की जानकारी लेकर पूरी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित निर्माण भवन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में मुजफ्फरपुर में एईएस से संबंधित बीमारी को लेकर उन्होंने महत्वपूर्ण बैठक की। इस मौके पर मुजफ्फरपुर के हालात पर बिंदुवार चर्चा हुई और मुजफ्फरपुर का दौरा करने वाली केंद्रीय टीम की रिपोर्ट की समीक्षा की गई।

 

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने राज्य सरकार द्वारा एईएस से निपटने के लिए अभी तक उठाए गए कदमों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। केंद्र ने सभी पीएचसी में समुचित व्यवस्था बहाल करने व आशा वर्करों को एक्टिव करने का निर्देश दिया है। मंगल पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को वह मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच पहुंच कर बच्चों का हाल जानेंगे। 

 

सरकारी खर्च पर होगा पीड़ित बच्चों का इलाज 


केजरीवाल अस्पताल में मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित अबतक भर्ती सभी बच्चों से चिकित्सा व दवा मद में वसूली गई राशि परिजनों को वापस की जाएगी। डीएम आलोक रंजन घोष ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब केजरीवाल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक दवा के साथ तैनात रहेंगे। यहां भी चमकी बुखार से पीड़ित आने वाले बच्चों का इलाज सरकारी खर्च पर होगा। 

 

बच्चों को अस्पताल पहुंचाने को पीडीएस दुकानों पर रहेंगे वाहन


डीएम ने जिले के सभी डीलरों को निर्देश दिया है कि वह दुकान के सामने एक वाहन जरूर रखें, ताकि पेशेंट को निकट के सरकारी अस्पताल में तत्काल पहुंचाया जा सके। रोगी कल्याण समिति इसका खर्च वहन करेगी। उपचार नि:शुल्क होगा। बैठक में बताया गया कि कोई भी व्यक्ति अपने निजी वाहन से पेशेंट को लाते हैं तो उसकी प्रतिपूर्ति रोगी कल्याण समिति ही करेगा। डीएम ने बच्चों के अभिभावकों के साथ ही जन प्रतिनिधियों के साथ ही पीडीएस दुकानदारों को पीड़ित बच्चों को तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र भेजने का आग्रह किया।

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