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एक साथ उठी पति - पत्नी की अर्थी, नाबालिग बेटे ने किया अंतिम संस्कार

शहर से कुछ दूरी पर औराई के बनवासपुर के 52 साल विनोद राय और इनकी पत्नी आशा देवी की हादसे में मौत हो गई थी।

Danik Bhaskar | Mar 19, 2018, 04:54 AM IST

पटना. बिहार के मुजफ्फरपुर के औराई के बनवासपुर गांव में 52 साल विनोद राय और इनकी पत्नी आशा देवी की हादसे में मौत हो गई थी। पेशे से दवा दुकानदार विनोद राय के दो पुत्र हैं अमन और विवेक। बड़ा पुत्र 11वीं का छात्र है और पटना में रहकर पढाई करता है। दोनों नाबालिग पुत्रों पर से माता-पिता का साया उठ चुका है। नया गांव में रविवार को दोनों पति पत्नी का एक ही चिता पर अर्थी सजी। नाबालिग बेटे ने जब मां और पिता को अंतिम संस्कार किया। हादसे में मरे दोनों पति-पत्नी को अंतिम विदाई देने के लिए दरवाजे पर पूरा गांव इकट्ठा हुआ था।


मां की जिंदगी बचाने को दवा लाने गया बेटे की पहुंची लाश
- औराई पंचायत वार्ड 14 के वार्ड सदस्य मो. ग्यासुद्दीन उर्फ निराले अपनी मां असमत निशा का इलाज कराने शहर गए थे। वे शनिवार को डाक्टर को मां का रिपोर्ट दिखाकर चंदन रथ से घर लौट रहे थे। पत्नी गुलनाज की नम आंखें कभी पति को कभी अपने दो मासूम बच्चे को देख रही थी।

- 5 वर्ष का मासूम बेटा जैद अनवर और 8 माह की बेटी खदीजा अपने पिता की मौत से बेखबर थे। दरवाजे पर जनाजा रखा है। गुलनाज ने जब दोनों बच्चों को लिपटा कर रोना शुरू किया तो मां को रोता देख दोनों बच्चे भी रोने लगे। पांच माह के बेटे ने जब मां का आंसू पोंछा तो यह दृश्य देख मौजूद गांव की महिलाएं भी चीत्कार उठी। गुलनाज के सिर पर तो मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।

वृद्ध पिता ने कंधे पर उठाया जवान बेटे की अर्थी
- औराई के मथुरापुर पंचायत के सुंदरखौली के 45 वर्षीय उमेश मंडल की मौत हुई है। हादसे में उमेश मंडल की पत्नी सुनीता देवी बुरी तरह जख्मी है तो भाई अजय मंडल भी एसकेएमसीएच में इलाजरत है। हादसे में घर के दो बच्चे नयन मंडल एवं सोनू भी हादसे भी घायल है।

- उमेश के पिता राम वृत मंडल 75 वर्ष के हैं। उन्होंने जवान बेटे की अर्थी बूढ़े कंधे पर उठाया तो मौजूद लोगों की आखें नम हो गई। अब उमेश मंडल के परिवार का बोझ भी राम वृत के बूढ़े कंधे पर है। बेटे की अर्थी कंधे पर लिए 74 वर्षीय वृद्ध पिता राम वृत मंडल आसु को रोकने का प्रयास करते रहे।

- उमेश का गंभीर ऑपरेशन हुआ था वह अस्पताल से छुट्टी मिलने पर परिवार के साथ घर लौट रहा था। राम वृत मंडल की माली हालत भी ठीक नहीं है।े जेब में 25000 रुपए थे जो नहीं मिल पाया। उन्हें अब अस्पताल में भर्ती चार लोगों के इलाज की चिंता सता रही।

साथ बैठे थे पति-पत्नी, पत्नी ने तोड़ा दम घायल पति एंबुलेंस से पहुंचे शव यात्रा में
- औराई के नयागांव परसामा टोला की 42 वर्षीय जेबरी देवी की मौत हादसे में हुई है। बस में पति महेश्वर दास जख्मी हो गए। पत्नी की शव यात्रा में घायल महेश्वर भी एंबुलेंस से शामिल होने गांव पहुंचे। घायल होने के कारण वह कुछ बोल नहीं पा रहे हैं।

- उनके आखों से उदास चेहरे पर ढलक रहे आंसू से उनका दर्द बयां हुआ। कटरा के डुमरी निवासी मो. तहसीम रजा भी बस में बीमार पत्नी नईमा खातून का इलाज करा गांव लौट रहे थे। एक ही सीट पर दोनों बैठे थे।

बीमार पत्नी के इलाज में ट्रैक्टर बेचा लेकिन हादसे में वह खुद चल बसे
- मृतक बसुआ निवासी 50 वर्षीय गिरिश कुमार पत्नी मनोरमा देवी की दवा लाने शहर गये थे। उनकी पत्नी के पैर में एक लंबे समय से जख्म था जिसका आपरेशन भी हो चुका है। उनके पड़ोसी ने बताया कि पेशे से किसान ने अपनी पत्नी के इलाज में ट्रैक्टर तक बेच डाला था।

- आजीविका के लिए गांव के निजी विद्यालय में अध्यापन भी करते थे। पत्नी का इलाज कराते कराते वे खुद दुनिया से चल बसे। बीमार पत्नी के कंधे पर 16 वर्षीय पुत्र आशुतोष कुमार एवं पुत्री श्वेता की जिम्मेवारी आ पड़ी है। पति की मौत के गम में बीमार पत्नी रो-रोकर बेहोश हो रही थी। इसी गांव की घायल रीता देवी का इलाज चल रहा है।

पत्नी के जनाजे में शामिल होने के लिए एम्बुलेंस से घर लाए गए अख्तर
- औराई के नयागांव पंचायत की परसामा टोला 50 वर्षीय सादरा खातून की मौत हो चुकी है। उसके पति मो. अख्तर राईन की हादसे में कमर एवं पैर की हड्डी टूट गई है। पत्नी के जनाजे में शरीक होने के लिए घायल मो. अख्तर एम्बुलेंस से घर लाए गए हैं। वह खुद से हिल भी नहीं सकते हैं।

- जनाजे के बाद उन्हें पुनः इलाज के लिए शहर ले जाया जायेगा। बेटे मो. मुस्तफा जो बाहर मजदूरी करता है उस पर घर की जिम्मेवारी आ पड़ी है। उसके घर से रुक-रुक कर रोने सिसकने की आवाज सन्नाटे को तोड़ रही थी। मुस्तफा ने कहा 6 माह पूर्व आयी बाढ से माली हालत खराब थी ही अब अब्बा के इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।

मुजफ्फरपुर डीएम देंगे अनुग्रह अनुदान, सीतामढ़ी से आई मृतकों की सूची
- सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने 14 मृतकों की सूची मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है। सीतामढ़ी डीएम राजीव रौशन ने कहा मृतकों की सूची अनुग्रह राशि भुगतान के लिए मुजफ्फरपुर भेज दी गई है। हादसे में मृत सभी लोग मुजफ्फरपुर के निवासी थे। लिहाजा मृतकों के परिजन को राशि मुजफ्फरपुर में ही भुगतान होगी।


घायल और मृतकों के परिजन घटनास्थल व बस में खोजते रहे सामान
- घटना के दूसरे दिन रविवार को भी काफी संख्या में लोग भनसपट्टी पहुंचे। घायल और मृतकों के परिजन बस में अपना सामान खोज रहे थे। कई लोग रून्नीसैदपुर थाने पहुंच कर जब्त बैग व अटैची में अपना सामान तलाश करते रहे। सामान नहीं मिलने पर कई लोग निराश होकर लौटे।