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यहां आग से 60 झोपड़ियां जलकर राख, डेढ़ घंटे तक मची रही चीख-पुकार

आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अलाव या बिजली के हीटर से आग लगने की चर्चा थी।

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 07:35 AM IST
सामान बचाने की कोशित करती लड़की व रोते परिजन। सामान बचाने की कोशित करती लड़की व रोते परिजन।

मुजफ्फरपुर. यहां एक बस्ती में रविवार रात 9 बजे भयानक आग लग गई। आग में करीब 60 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। हालांकि अंधेरा व घने कोहरे के कारण कितने घर जले, इसका सही आकलन नहीं हो सका। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अलाव या बिजली के हीटर से आग लगने की चर्चा थी। अगलगी में एक दर्जन बकरी और पशुओं के जलने की आशंका है। आग के बाद कई लोगों ने कड़ाके की ठंड में सड़कों पर रात गुजारी।

पीड़ितों ने दी ये जानकारी

पीड़ितों ने बताया कि गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद कुछ ही देर में आग ने कई घरों को चपेट में ले लिया। लोग कुछ समझ पाते तब तक धू-धू कर घर जलने लगे। तीन गैस सिलेंडर में आग लगने के बाद हुए विस्फोट की दहशत में लोग जैसे-तैसे भागने लगे। कई महिलाओं व बच्चों को भागने के क्रम में चोटें भी आईं। प्रभावित लोगों ने कांटी सीओ को फोन कर आग लगने की सूचना दी। लेकिन, उन्होंने आने से इनकार कर दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा किया।

आधी रात को डेढ़ घंटे तक मची रही चीख-पुकार

दादर पुलिस लाइन मोहल्ले में रविवार की रात करीब 9 बजे अग लगने की घटना के बाद डेढ़ घंटे तक चीख-पुकार मची रही। दादर पुल से सटी एक झोपड़ी से आग की लपटें उठीं और एक-एक कर पांच दर्जन से अधिक झोपड़ियां आग की चपेट में आती चली गईं। आग की लपट और गैस सिलेंडर विस्फोट की आवाज से इलाका थर्रा उठा। बगल में पुलिस लाइन के हथियारों के कोत तक कोई सिलेंडर उड़ कर ना पहुंच जाए, इस डर से पुलिस अधिकारी भी सहमे रहे।


इस वजह से आग पर नहीं पाया जा सका काबू

गैस सिलेंडर के विस्फोट के डर से लोग शुरुआत में आग पर काबू नहीं कर पाए। आग की लपटें कई झोपड़ियों तक फैल जाने के बाद कुछ युवकों ने पोल पर चढ़कर बिजली का कनेक्शन काटा। मोहल्ले में अधिकांश लोग रात का खाना खाकर सो चुके थे। जब आग लगी तो मां अपने बच्चों को बिछावन से जगा-जगा कर दूर भागती रही। बांध पर पहुंचे बच्चे एक-दूसरे को पकड़कर रोते हुए जलती झोपड़ियों को देखते रहे। आग बुझने के बाद बच्चों की तलाश में मां दौड़ती चिल्लाती रही। बांध पर बच्चों को तलाश रही पूनम देवी ने रोते हुए बताया घर का सारा सामान जल गया। बच्चे कहां गए कुछ पता नहीं चल रहा।

1 घंटे में 250 लोगों के घर जले

महज एक घंटे के अंदर करीब 250 लोगों का आशियाना जलकर खाक हो चुका था। शंकर सहनी ने बताया कि नींद से जगकर भागे लोगों का ओढ़ना-बिछौना तक जल गया। रामानंद पासवान ने कहा- ठिठुरती रात में खुले आकाश के नीचे बच्चे कांपने लगे, तो जली झोपड़ियों की आग ही उनका सहारा बनी। कुछ ड्राम, कपड़े और तीन पेटी समेत कुछ सामान बचाने में कामयाब हुई शकुंतला देवी नेे पोते-पोती को एक कंबल ओढ़ाते हुए कहा- सब जल गया। बस कंबल ही सहारा है। उधर, देर रात ही हरिसभा चौक पर एक दुकान भी जल गई।

डीएम के निर्देश पर 2 घंटे देरी से पहुंचे सीओ, पीड़ितों से नोकझोंक

घटना की सूचना देने पर जब कांटी सीओ नहीं पहुंचे तो पीड़ितों ने डीएम धर्मेंद्र सिंह को फोन कर सूचना दी। इसके बाद डीएम ने सीओ दिलीप कुमार को तत्काल घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर पहुंचे सीओ की गाड़ी का पीड़ित महिलाएं, बच्चों और युवाओं ने घेर कर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ युवाओं ने सीओ के साथ नोकझाेंक भी की। सीओ ने टेंट हाउस से कंबल व बिस्तर मंगवाकर पीड़ितों को दिया। इसके बाद हंगामा शांत हुआ।

आग से कई लोगों के घर का सामान जलकर राख हो गया। आग से कई लोगों के घर का सामान जलकर राख हो गया।
कड़ाके की ठंड में लोगों ने खुली आसमान के नीचे रात गुजारी। कड़ाके की ठंड में लोगों ने खुली आसमान के नीचे रात गुजारी।
घरों को जलते देखते बेबस लोग। घरों को जलते देखते बेबस लोग।
आग का जायजा लेने पहुंचे कांटी अंचल के सीओ का लोगों ने किया घेराव। आग का जायजा लेने पहुंचे कांटी अंचल के सीओ का लोगों ने किया घेराव।
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सामान बचाने की कोशित करती लड़की व रोते परिजन।सामान बचाने की कोशित करती लड़की व रोते परिजन।
आग से कई लोगों के घर का सामान जलकर राख हो गया।आग से कई लोगों के घर का सामान जलकर राख हो गया।
कड़ाके की ठंड में लोगों ने खुली आसमान के नीचे रात गुजारी।कड़ाके की ठंड में लोगों ने खुली आसमान के नीचे रात गुजारी।
घरों को जलते देखते बेबस लोग।घरों को जलते देखते बेबस लोग।
आग का जायजा लेने पहुंचे कांटी अंचल के सीओ का लोगों ने किया घेराव।आग का जायजा लेने पहुंचे कांटी अंचल के सीओ का लोगों ने किया घेराव।
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