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वेलोड्रम ट्रैक न मिला तो नेशनल हाइवे पर करने लगे साइक्लिंग की प्रैक्टिस

14 पुरुष खिलाड़ी और 4 महिला खिलाड़ी हैं। खतरों के बावजूद वे रोज 4 से 6 घंटे अभ्यास करते हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 26, 2018, 05:34 AM IST
practicing cycling on National Highway

मुजफ्फरपुर. यूं तो साइक्लिंग की प्रैक्टिस के लिए वेलोड्रम ट्रैक की जरूरत होती है, लेकिन शहर के 18 धुरंधरों ने सुविधाओं के अभाव में ही चैंपियन बनने की ठान ली और एनएच-57 पर ही साइक्लिंग की प्रैक्टिस शुरू कर दी। शुरुआत में तो काफी परेशानी हुई। गिरे-पड़े। कभी साइकिल टूटी तो कभी हड्डियां। लेकिन उनका जोश और जुनून उस वक्त रंग लाया जब इनमें से कई से नेशनल चैंपियनशिप में चौथा स्थान हासिल किया और राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में चैंपियन बने। अब साइक्लिंग टीम अक्टूबर में गोवा में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर फोकस कर रही है।

एनएच पर रोज करते हैं 6 घंटे प्रैक्टिस

पटना में इसी वर्ष हुई राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में 275 खिलाड़ियों में पहला स्थान हासिल करने वाले व एनएच पर अभ्यास के दौरान हाथ तुड़वा चुके सुमित रंजन ने बताया कि कोच एके लुईस की देखरेख में पूरी टीम मुजफ्फरपुर-दरभंगा रोड पर अभ्यास करती है। 14 पुरुष खिलाड़ी और 4 महिला खिलाड़ी हैं। खतरों के बावजूद वे रोज 4 से 6 घंटे अभ्यास करते हैं।

राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2017 में प्रदर्शन

रूपाली कुमारी चौथा स्थान दरभंगा
सुमित रंजन 20वां स्थान मुजफ्फरपुर
आशुतोष कुमार चौथा स्थान मुजफ्फरपुर
आशीष कुमार अंशु पांचवां स्थान मुजफ्फरपुर
रौशन कुमार चौथा स्थान मुजफ्फरपुर
शांभवी चौथा स्थान मुजफ्फरपुर

नेशनल इवेंट में महज 2 सेकंड से छूट गया रूपाली का मेडल

22वीं राष्ट्रीय साइक्लिंग प्रतियोगिता में दरभंगा की रूपाली का मेडल केवल 2 सेकंड से छूट गया। प्रतियोगिता में रूपाली ने चौथा स्थान हासिल किया। वहीं आशुतोष, रौशन व शांभवी को भी चौथा व सुमित को 20वां स्थान मिला।

दिल्ली, झारखंड समेत अन्य राज्यों की तरह नहीं मिलतीं सुविधाएं

आशुतोष, सुमित, आशीष कुमार अंशु की मानें तो पड़ोसी राज्य झारखंड व राजधानी दिल्ली समेत अन्य राज्यों में साइक्लिस्टों को बेहतर सुविधाएं मिलती रहती हैं। इसी के चलते वहां के खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में सफल हो रहे हैं।

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