बैंकों ने पूछा- थाने में पुलिस की संख्या क्याें नहीं बढ़ाई जाती?

Muzaffarpur News - सुरक्षा में कमी बताकर शुक्रवार काे पुलिस उत्तर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक मुरौल, ढोली बाजार की महिला कैशियर काे...

Feb 15, 2020, 08:56 AM IST
Muzaffarpur News - banks asked what is the number of police in the police station not increased

सुरक्षा में कमी बताकर शुक्रवार काे पुलिस उत्तर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक मुरौल, ढोली बाजार की महिला कैशियर काे अपने साथ थाने ले गई। वहीं, सदर थाना पुलिस ने एटीएम में कैश लाेड करने जा रहे कैश सर्विस मैनेजमेंट (सीएमएस) के वाहन काे जब्त कर तीन गार्ड से पूछताछ की। दरअसल, कैश लूट की घटनाओं में वृद्धि के बाद पुलिस प्रशासन ने बैंकों में सुरक्षा सख्त करने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर थानाध्यक्ष राजेश कुमार दोपहर 1 बजे बैंक सुरक्षा की जांच करने ग्रामीण बैंक के मुराैल शाखा पहुंचे। उस वक्त कैश काउंटर पर एक महिला कैशियर मीनाक्षी अकेले काम कर रही थीं अाैर गेट पर एक मात्र लाठीधारी सुरक्षा कर्मी तैनात थे। थानाध्यक्ष के अनुसार, सुरक्षा काे लेकर पूछताछ की ताे उन्होंने बाहर गए प्रबंधक ज्ञान दीप साेनी से बात कीं। प्रबंधक ने कहा कि सुरक्षा देना पुलिस का काम है। इसकी जानकारी एसएसपी काे देने के बाद थानाध्यक्ष ने बैंक शाखा बंद करा दिया अाैर कैशियर काे थाना ले गए। उधर, कैश वैन पर बिना वर्दी के सुरक्षा गार्ड की तैनाती काे लेकर सदर पुलिस ने भगवानपुर में वाहन काे जब्त कर लिया। 3 सुरक्षा गार्ड से पूछताछ की। जांच में गाड़ी में हूटर भी नहीं लगा था। कंपनी अधिकारी के काफी प्रयास के बावजूद सदर पुलिस ने कैश वैन मुक्त नहीं किया।

पुलिस का जवाब- प्रबंधक की गलत जानकारी से भ्रम फैला

थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि प्रबंधक ने आरएम को गलत जानकारी दी कि थानेदार कैशियर को जबरन उठाकर थाने ले गए और दुर्व्यवहार किए हैं। इस तरह की कोई बात हुई ही नहीं है। प्रबंधक ने कैशियर को बोला कि मै थाने पर ही पहुंच रहा हूं तुम भी वहीं पहुंचो। अगर घर जाएगी तो आज का सीएल भरा जाएगा। कैशियर टेंपो से निकलना चाह रही थी, जिसे सुरक्षा के लिहाज से अपने ही गाड़ी से थाने पर ले अा अाए। पुलिसकर्मियों की कमी से जूझ रहा मुजफ्फरपुर क्राइम के मामले में सूबे में पटना के बाद दूसरे स्थान पर है। हालांकि हाल के दाे माह में मुजफ्फरपुर में क्राइम पर थाेड़ी अंकुश दिख रही है। मुजफ्फरपुर में प्रति लाख आबादी पर महज 54 पुलिस कर्मी है। जबकि बिहार के अन्य जिलों का अाैसत प्रति लाख आबादी पर 77 पुलिस कर्मी है। मुजफ्फरपुर में आबादी के अनुसार पुलिस बल की कमी पर तत्कालीन एसएसपी विवेक कुमार ने मुख्यालय में विस्तार से रिपोर्ट भेजकर पद सृज की स्वीकृति मांगी थी। तत्कालीन एसएसपी के प्रस्ताव पर अब तक काेई ठाेस पहल नहीं हाे सकी है। तत्कालीन एसएसपी ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि मुजफ्फरपुर में प्रति लाख आबादी पर सुरक्षा के लिए 54 पुलिस कर्मी हैं। सामान्य दिनाें में मुजफ्फरपुर में अाैसत 123 वीआईपी की सुरक्षा में 240 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगती है। प्रति लाख आबादी पर महज 54 पुलिसकर्मियों के जिम्मे ही क्राइम कंट्राेल,विधि व्यवस्था की जिम्मेवारी है। इसी में पुलिसकर्मियों काे नए व पुराने मामलों की जांच भी करनी है। सूबे के कई जिले में प्रति लाख आबादी पर पुलिस कर्मियों की संख्या 78 है। इस अनुपात में देखें ताे दूसरे जिले से मुजफ्फरपुर में प्रति लाख आबादी पर 44 पुलिस कर्मी कम हैं। आईजी गणेश कुमार भी मुख्यालय में इस मुद्दे पर प्रस्ताव भेज चुके है। आईजी मुख्यालय की समीक्षा में दारोगा व जमादार के खाली पदों के कारण मुजफ्फरपुर में लंबित कांड की संख्या बहुत ज्यादा पाई गयी है।


पुलिसकर्मियाें की कमी | मुजफ्फरपुर में एक लाख की आबादी पर 54 पुलिसकर्मी


लूट की घटना से सबक नहीं ले रहे बैंक, सुरक्षा नहीं रहने पर पुलिस ने ग्रामीण बैंक मुराैल कराया बंद; महिला स्टाफ भी थाने गईं, सीएमएस के वाहन काे सदर पुलिस ने किया जब्त


यह है जिले में पुलिस बल का आंकड़ा**

{एसअाई के 497 पदों में 243 रिक्त

{एएसअाई के 441 पदों में 222 रिक्त

{हवलदार के 326 पदों में 209 रिक्त

{सिपाही सामान्य के 1658 पदों में 422 रिक्त

{ट्रैफिक एसआई के 8 पदों में सभी रिक्त

{ट्रैफिक हवलदार के 7 पदों में 5 रिक्त

{चालक हवलदार के 30 पदों में 25 रिक्त

{ट्रैफिक सिपाही के 120 पदों में सभी रिक्त

सुरक्षा के नाम पर बैंक शाखा काे बंद कराने एवं महिला स्टाफ काे थाने ले जाने की घटना से ग्रामीण बैंक कर्मियों में हड़कंप मच गया। बैंक यूनियनों ने पुलिस के इस कदम पर सवाल उठाए हैं। बैंक अधिकारियों एवं यूनियन का कहना है कि बैंक में जरूरत के हिसाब से स्टाफ रहते हैं। एेसे में बैंक शाखाओं काे अचानक बंद करा देना सही नहीं है। महिला स्टाफ के थाने जाने से भी यूनियन नेताओं में काफी आक्रोश है। आरएम मो. रेयाजुल ने कहा कि बैंक सुरक्षा के लिए उचित कार्यवाही की जाएगी। लेकिन, जिस तरह बैंक को अचानक बंद करा दिया गया। वो ठीक नहीं है। बैंक बंद होने पर लेन-देन पर असर पड़ता है। ग्राहकों में नाराजगी बढ़ती है। कई ग्राहक लगातार फोन भी किए कि बैंक बंद क्यों है? क्षेत्रीय अधिकारी एससी तिवारी ने भी सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया। फिर एेसे कदम उठाए गए। यूबीजीबी ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव सुनील कुमार ने बैंक बंद कराकर महिला स्टाफ काे थाने ले जाने पर आक्रोश जताया है। घटना की जानकारी डीएम, एसएसपी अाैर एलडीएम काे भी दी है। पूरे मामले से रिजर्व बैंक काे अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन काे सुरक्षा की चिंता है ताे थाने में पुलिस की संख्या बढ़ानी चाहिए। बैंक में सुरक्षा कर्मी तैनात करते। बैंक बंद रहने पर पैसे के अभाव में किसी तरह की घटना हाेने पर काैन जवाबदेह हाेता? बैंक काे ही बंद करा देना कहीं से उचित नहीं है। वैसे महिला कैशियर मीनाक्षी ने कहा कि शाखा प्रबंधक के कहने पर टेंपो से थाना जा रही थी। थानेदार ने कहा कि थाना चलना है ताे उनकी गाड़ी से ही चलिए। इसलिए थानेदार के साथ चली गई। उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं हुआ है।

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