मधुबनी / कमला ने वर्ष 1987 का रिकॉर्ड को तोड़कर बनाया नया रिकॉर्ड, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट



Bihar Flood News Madhubani Kamla breaks record of 1987, Broken record after 32 years
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Bihar Flood News Madhubani Kamla breaks record of 1987, Broken record after 32 years

  • 32 साल पहले कमला ने दिखाया था रौद्र रूप, इस बार टूटा रिकॉर्ड
  • 1 हजार फीट है पुल की लंबाई पुल पर लोगों व वाहनों के चलने से प्रशासन ने मना किया
  • कमला नदी में आई बाढ़ के कारण खजौली का इलाका भी हुआ जलमग्न

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 12:48 PM IST

मधुबनी. कमला नदी के रौद्र रूप से जयनगर बॉर्डर पर हाहाकार मचा है। 1957 में बना कमला बराज पहली बार कमला में आयी भयानक बाढ़ में ओझल हो गया। पुल के ऊपर से करीब 3 फीट पानी तेज गति से क्रॉस कर रहा था। कमला के तांडव को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन पुल के ऊपर से बढ़ रही जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और पुल के दोनों छोड़ को बैरिकेडिंग कर वाहनों व लोगों के आवागमन पर प्रशासन ने ब्रेक लगा दी। एसडीओ शंकर शरण ओमी ने माइकिंग के माध्यम से लोगों से अपील की कि पुल एवं आस पास के क्षेत्र को खाली कर दें एवं प्राकृतिक आपदा के समय धैर्य एवं हिम्मत बनाए रखें।

 

कमला ने 32 साल पूर्व 1987 का रिकॉर्ड को तोड़कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। सुबह करीब 10 बजे कमला अचानक रुद्र रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते कमला के डेंजर लेबल से ऊपर बह रहा पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। पुल की पानी के उछाल से एनएच झील में तब्दील हो गई। इससे पहले 1987 में रिकॉ‌र्ड बाढ़ आया था। लेकिन उस समय बाढ़ का पानी डेंजर लेबर से ऊपर उठकर पुल को स्पर्श कर लिया था। लेकिन इस बार बाढ़ ने पिछले सभी रिकॉ‌र्ड को तोड़कर एक नया इतिहास गढ़ा है।

 

बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का दिया गया निर्देश 
जयनगर | डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने जयनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने कमला बराज, वाटर वेज चौक, इनरवा तटबंध, कमला रोड नदी के किनारे अवस्थित काली मंदिर घाट, सिंघराही समेत जगहों का निरीक्षण किया। बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, आवश्यक समान की आपूर्ति करने समेत अन्य जरूरी निर्देश अधिकारियों को दिया।

 

पीड़तों की सहायता में लापरवाही नहीं बरतें विभागीय अधिकारी
बाढ़ पीड़ितों से भी बातचीत की व हर संभव मदद करने को लेकर आश्वस्त किया। लोगों ने भी वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

इनरवा में तटबंध टूटा, नेपाली ट्रैक के नीचे कटाव जारी 
कमला की रिकॉर्ड तोड़ जल स्तर में वृद्धि होने से जयनगर कमला तटबंध टूट गया। इसके कारण इनरवा, देवधा, उछाल, ब्लडीहा, बलुआ टोल, अकोन्हा में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। वहीं बेला, इस्लामपुर, सेलरा, डोरवार, छड़की, बरमोत्रा, खैरामाठ, बैरा, बरही समेत दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इसकी वजह से करीब 5,000 हजार लोग परोक्ष एवं अपरोक्ष रूप से प्रभावित बताए गए हैं। इनमें सबसे अधिक डोरवार, बरमोत्रा, खैरामाठ एवं कोरहिया अधिक प्रभावित हैं। सैकड़ों लोग बाढ़ के पानी मे फंसे हुए हैं। एसडीओ शंकर शरण ओमी ने बताया कि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने को लेकर जुटा है।

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