बालिका गृह / मौत तक कैद में रहने की सजा का ऐलान होते ही फूट-फूट कर रोया ब्रजेश, अन्य दोषियों के भी छलके आंसू

मंगलवार को नई दिल्ली के साकेत कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस गिरफ्त में बाहर निकलता ब्रजेश ठाकुर। मंगलवार को नई दिल्ली के साकेत कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस गिरफ्त में बाहर निकलता ब्रजेश ठाकुर।
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मंगलवार को नई दिल्ली के साकेत कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस गिरफ्त में बाहर निकलता ब्रजेश ठाकुर।मंगलवार को नई दिल्ली के साकेत कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस गिरफ्त में बाहर निकलता ब्रजेश ठाकुर।

  • बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी में दोषियों की कोर्ट में पेशी कराई गई
  • सबसे पहले ब्रजेश ठाकुर पर पाए गए प्रत्येक दोष को बताते हुए उसके लिए सजा सुनाई गई

दैनिक भास्कर

Feb 12, 2020, 10:12 AM IST

मुजफ्फरपुर. बालिका गृह में किशोरियों से दुष्कर्म व गैंग रेप जैसे घिनौने अपराध के दोषियों को सजा सुनाए जाने को लेकर नई दिल्ली के साकेत कोर्ट में दोपहर 11 बजे के बाद से ही गहमागहमी शुरू हो गई। कोर्ट रूम में कई वकील एक बजे के बाद पहुंच गए। फैसला ढाई बजे से आना था, लेकिन कोर्ट में 11 बजे से ही इसकी तैयारी दिखने लगी। गहमागहमी के बीच 12 बजे से वकील भी पहुंचने लगे। 

मौके पर मौजूद अधिवक्ता सुधीर ओझा ने बताया कि ब्रजेश समेत तमाम दोषियों को जेल से लाया गया। कोर्ट में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी में दोषियों की कोर्ट में पेशी कराई गई। इजलास में दोषियों को देने के लिए 156 से अधिक पन्ने की सजा की प्रति लाकर रख दी गई थी। सबसे पहले ब्रजेश ठाकुर पर पाए गए प्रत्येक दोष को बताते हुए उसके लिए सजा सुनाई गई। 

जैसे ही आरोप के आधार पर सजा और जुर्माने की राशि बतानी शुरू हुई ब्रजेश के चेहरे का भाव बदलता गया। सजा सुन कर कोर्ट से निकलने के बाद ब्रजेश समेत कई दोषी फूट-फूट कर रो पड़े। परिजन की आखें भी डबडबा गईं। दोषियों के करीबी, परिजन व उनके वकील कोर्ट में मौजूद थे।

इन्हें भी अंतिम सांस तक उम्रकैद
पी 376डी सामूहिक दुष्कर्म, अभिरक्षा में दुष्कर्म 376-2, 354, 354 ए छेड़खानी, 120 बी षडयंत्र, जेजे एक्ट 75, यौन हिंसा में 6, 10, 12, 21 पॉक्सो के दोष में रवि कुमार रौशन, विकास कुमार, दिलीप वर्मा, विजय तिवारी, गुड्डू पटेल को अंतिम सांस तक उम्रकैद।

इनको उम्रकैद
सरकारी अभिरक्षा में दुष्कर्म और पॉक्सो यौन हिंसा के आपराधिक षडयंत्र के लिए आईपीसी 120 बी के तहत शाइस्ता परवीन उर्फ मधु, किरण कुमारी, रामानुज ठाकुर उर्फ मामू, मीनू देवी, कृष्णा राम को उम्रकैद।

इनको हुई 10 वर्ष कैद
सरकारी अभिरक्षा में दुष्कर्म व यौन हिंसा के लिए आपराधिक षडयंत्र 120 बी, व यौन हिंसा की पॉक्सो धाराओं में दोष के लिए डॉ. अश्विनी, मंजू देवी, चंदा देवी, रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर हेमा मसीह, नेहा कुमारी को 10 साल कैद।

3 साल कैद व जुर्माना
1. इंदु कुमारी : बालिका गृह में किशोरी की प्रताड़ना व जेजे एक्ट के दोष में 3 साल कैद व 10 हजार रुपए जुर्माना।

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