25 रुपए भी मुर्गे लेने को तैयार नहीं व्यापारी
_photocaption_बंदरा | प्रखंड क्षेत्र में कोरोना वायरस की अफवाह से मुर्गीपालकों को काफी नुकसान पहुंचा है। मुर्गे के खरीदार नहीं मिल रहे है। चिकन की कीमत और बिक्री में भारी गिरावट आई है। इससे पालक आर्थिक व मानसिक रूप से टूट रहे हैं। तेपरी के मुर्गीपालक संतोष कुमार ने बताया कि 25 रुपए किलो के भाव से भी व्यापारी इसे लेने को तैयार नहीं है, जबकि एक किलो का मुर्गा तैयार करने में लगभग 80 रुपए खर्च आते हैं। सिर्फ चूजे की कीमत लगभग 25 से 30 रुपए है। मांग में गिरावट की वजह से कीमत लगातार घट रही है। होली जैसे त्योहार में भी 50 रुपए की रेट पर भी व्यापारी मुर्गे लेने को तैयार नहीं हुए। अब मुर्गे ढाई से तीन किलो के साइज में तैयार हो गए हैं। अगर हालात में सुधार नहीं हुअा तो मुर्गीपालकों को रोजी रोटी के लाले पड़ जाएंगे, लोग इस व्यवसाय को छोड़ने पर विवश हो रहे हैं।*photocaption*