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​मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड : दो महिला आरोपियों को सरकारी गवाह बना सकती है सीबीआई

जेल में बंद हैं आधा दर्जन महिला आरोपी

Danik Bhaskar | Aug 21, 2018, 02:13 AM IST

पटना. मुजफ्फरपुर बालिका गृह में लड़कियों के साथ हुई शारीरिक, मानसिक व यौनशोषण के मामले की तफ्तीश में लगी सीबीआई की जांच टीम दो महिला आरोपियों को सरकारी गवाह बना सकती है। कभी ब्रजेश ठाकुर के लिए काम करने वाली ये महिलाएं उसके जुर्म की पोल खोलेंगी।


31 मई को मुजफ्फरपुर के महिला थाने में यौनशोषण का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मीनू देवी, मंजू देवी, इंदू कुमारी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा,चंदा देवी (गृह माता) समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। इन्हीं में से दो महिलाओं को सरकारी गवाह बनाने की संभावना है। पुलिस ने इस मामले में ब्रजेश कुमार ठाकुर, विकास कुमार, सीपीओ रवि कुमार रौशन, गृह माता मीनू देवी, परामर्शी मंजू देवी, इंदू कुमारी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा, चंदा देवी (गृह माता) व दिलीप कुमार वर्मा आरोपी बताना है। इनमें दिलीप वर्मा फरार है।
सरकारी फंड हड़पने का खास तरीका
एनजीओ की आड़ में सरकारी फंड हासिल करने के लिए ब्रजेश ठाकुर ने खास तरीका अपनाया था। कागजात की जांच में पता चला है कि ब्रजेश के एनजीओ की गवर्निंग बॉडी में उसके ही परिवार के लोग या कुछ करीबी रखे जाते थे। पत्नी, बेटी, बेटा आदि को अहम पदों पर रखा था, ताकि राशि के गबन में कोई अंगुली नहीं उठे। अखबार या अन्य कारोबार में भी परिजनों को अहम जिम्मेदारी या पद मिले थे।
विरोध करने पर मधु करती थी मारपीट
मुजफ्फरपुर के साहू रोड स्थित बालिका गृह में ब्रजेश के साथ उसकी करीबी राजदार मधु कुमारी ने आतंक राज कायम कर रखा था। विरोध में बोलने वाली लड़कियों को मधु मारपीट कर कंट्रोल करती थी। एक बांग्लादेशी पीडि़ता के मुताबिक पटना से हाजीपुर जाने के दौरान बेहोश होने के बाद उसने खुद को मुजफ्फरपुर के महिला गृह में पाया। वहां उसके पैसे, पासपोर्ट आदि मधु ने छीन लिए आैर अक्सर मारपीट करती थी।