केंद्रीय टीम ने बताए बच्चों के इलाज से जुड़े प्रोटोकॉल

Muzaffarpur News - हेल्थ रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर केंद्रीय टीम के नेतृत्वकर्ता नियोनेटल चाइल्ड हेल्थ के प्रभारी सह राष्ट्रीय बाल...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:10 AM IST
Muzaffarpur News - central team told protocols related to treatment of children
हेल्थ रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर

केंद्रीय टीम के नेतृत्वकर्ता नियोनेटल चाइल्ड हेल्थ के प्रभारी सह राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के सलाहाकार व संस्थापक डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने एसकेएमसीएच में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों के जायजा लेने के बाद गुरुवार को अधीक्षक प्रकोष्ठ में शिशु रोग विशेषज्ञ, पैथोलॉजिस्ट और आईसीएमआई की टीम के साथ बैठक की। बैठक में बीमारी के दौरान बच्चों के मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर तीन घंटे तक बीमारी की हिस्ट्री और डायग्नोसिस पर विस्तृत चर्चा की।

इस दौरान डॉ. सिन्हा ने बीमारी के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल की जानकारी डॉक्टर और कर्मियों को दी। बताया कि बीमार बच्चों में मृत्यु दर कमी लगाने के लिए जिस क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप है उस क्षेत्र में बीमारी से जुड़े उपकरण, दवा की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। पीएचसी लेवल से लेकर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज तक व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि बीमारी हुए बच्चे नजदीकी अस्पताल में पहुंचने के बाद एक स्टेज तक उनका इलाज हो सके। इसके बाद ही उन्हें मेडिकल कॉलेज या सदर अस्पताल डॉक्टर रेफर कर सके। बीमारी के मौसम से पहले स्वास्थ्य उपकेंद्र, पीएचसी, एएनएम सेंटर, आंगनबाड़ी केंद्र की मदद से बीमारी के बारे में लोगों को बताना होगा।

केजरीवाल अस्पताल में भर्ती बच्चों का हाल लेते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन माेहन झा। इधर, एसकेएमसीएच में इलाजरत बच्चों के साथ परिजन।

बीमार बच्चों के इलाज के लिए रोजी-रोटी छोड़ अस्पताल मेें जमे हैं परिजन

मुजफ्फरपुर| चमकी बुखार का कहर बढ़ने के बाद कई परिवारों ने बच्चों के इलाज के लिए अपने जीवन-यापन का सहारा तक छोड़ दिया है। अपनों बच्चाें के साथ अस्पताल में समय बिता कर बच्चों के स्वस्थ होने की दिन-रात प्रार्थना ईश्वर से कर रहे हैं। मुशहरी थाना के उपराघोनगर गांव के सोनेलाल सहनी का पुत्र अायुष चमकी बुखार से पीड़ित होकर एसकेएमसीएच के पीआईसीयू वार्ड में इलाजरत है। सोनेलाल पलदारी का काम करते हैं। देखभाल के लिए सोनेलाल अपनी प|ी और छोटे लड़का के साथ पलदारी छोड़कर अस्पताल में है। उनका कहना है कि बच्चा बच जाएगा तो वह फिर कमा लेगा। यही हाल अहियापुर थाना के पटियासा गांव के रामलाल राम की है। वे अपने 8 वर्षीय पुत्र आलोक कुमार का इलाज करा रहे हैं। काम-काज छोड़ कर दिन-रात उसके स्वस्थ होने की कामना करते रहते हैं। हल्का मर्ज बढ़ते ही वे दौड़कर बच्चे की इलाज की गुहार लगाने डॉक्टर और नर्स के पास पहुंच जाते हैं। उसने बताया कि उनका बेटा ही उसके जीने का सहारा है। वे चालक का कार्य करके जीवन-यापन करता है। वहीं, सदर थाना क्षेत्र के पताही के अमरेश पासवान का तीन वर्षीय पुत्र प्रीतम अस्पताल में भर्ती है। उनकी प|ी सुुमित्रा बताती हैं कि दो दिन से दिन-रात एक करके बच्चा का इलाज करवा रहे हैं। अब धीरे-धीरे बेटे की तबीयत में सुधार हो रहा है। बेटे के इलाज के आगे उसने सारा काम-काज छोड़ दिया है।

चमकी बुखार से हुई मौत के लिए केंद्र और राज्य जिम्मेदार, ऐसी सरकार पर हत्या का मुकदमा होना चाहिए : पप्पू

मुजफ्फरपुर|एसकेएमसीएच में 70 बच्चों की मौत के बाद गुरुवार को पूर्व सांसद और जाप संरक्षक पप्पू यादव पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की केंद्रीय टीम के साथ एसकेएमसीएच के शिशु विभाग के डॉक्टर और अधीक्षक से बातचीत की। भर्ती और मृत बच्चों के अनुपात को लेकर पूर्व सांसद भड़क उठे। उन्होंने मौत के लिए जिम्मेवार केंद्र और राज्य सरकार को बताया। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बीमारी की रोकथाम को लेकर नकारा साबित हो रही है। ऐसी सरकार पर हत्या का मुकदमा दायर होना चाहिए। हाईकोर्ट जाने की भी बात कही। सरकार अब तक बीमारी के इलाज की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं कर सकी है। एसकेएमसीएच में न तो ट्रामा सेंटर है और न ट्रेंड स्टाफ। विशेष वार्ड भी नहीं है। जैसे-तैसे इलाज किया जा रहा है। इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने भी केजरीवाल अस्पताल में चमकी बुखार पीड़ित बच्चों का हाल जाना।

एसकेएमसीएच में 9 मृत बच्चों की सूची |
सीएचसी मुशहरी में तीन मरीज पहुंचे, अस्पताल में रही अफरातफरी

मुशहरी/कांटी | सीएचसी मुशहरी में गुरुवार की सुबह एईएस के तीन मरीजों के पहुंचने से अस्पताल परिसर में काफी आपाधापी रही। प्रहलादपुर के 11 वर्षीय सुमन कुमार, रजवाड़ा के 7 वर्षीय अमरेश और मुशहरी के 4 वर्षीय पुत्र आयुष को लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे।

‘बच्चाें पर टूटते कहर का जायजा लेने को सीएम अविलंब करें मुजफ्फरपुर का दौरा’

मुजफ्फरपुर|उत्तर बिहार जागरण माेर्चा के संयाेजक डाॅ. निशींद्र किंजल्क ने मुजफ्फरपुर में बच्चाें पर टूट रहे कहर काे देखते हुए सीएम से अविलंब मुजफ्फरपुर दाैरा करने की मांग की है। साथ ही डीएम काे पत्र लिख कर मृत बच्चाें के परिजनाें काे एक लाख रुपए मुअावजा देने की मांग उठाई है। कहा है कि 1 अगस्त 13 काे बाल अधिकारी संरक्षण अायाेग के सदस्य के रूप में मैंने 14 पृष्ठाें की एक रिपाेर्ट सीएम के साथ स्वास्थ्य विभाग काे साैंपी थी। यदि उस रिपाेर्ट पर कार्रवाई हाेती ताे शायद कुछ बच्चाें की जान बच सकती थी।

पीडीएस विक्रेता जेई व एईएस से बचाव की देंगे जानकारी :

बोचहां| जेई एवं एईएस के प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए पीडीएस विक्रेता राशन लेने आए उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी देगें। विभाग के निर्देश पर गुरुवार को कृषि सभागार कक्ष में विक्रेताओं के साथ बैठक कर एमओ श्रीप्रकाश ने टिप्स दिए। वहीं, प्रखंड कार्यालय तुर्की व कुढ़नी पीएचसी के सभागार व मीनापुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में एईएस से बचाव के लिए किसान सलाहकार, पंचायत रोजगार सेवक और जनवितरण प्रणाली दुकानदार को जानकारी दी गई।

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