शर्मनाक / सदर अस्पताल व सर्किट हाउस के बीच सड़क किनारे फेंके गए नवजात को नोंच-नोंच कर खा गया कुत्ता, देखते रहे लोग



नवजात को नोंच-नोंचकर खाता कुत्ता नवजात को नोंच-नोंचकर खाता कुत्ता
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नवजात को नोंच-नोंचकर खाता कुत्तानवजात को नोंच-नोंचकर खाता कुत्ता

  • भ्रूण हत्या रोकने के लिए जिला प्रशासन के सारे प्रयास फेल, पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी घटनाएं
  • शव को नोंच-नोंचकर खाते कुत्ते का लोगों ने बनाया वीडियो, किसी ने पुलिस को नहीं किया सूचित

Dainik Bhaskar

Nov 20, 2018, 10:32 AM IST

समस्तीपुर. जिले में भ्रूण हत्या का दौर अब भी जारी है। इसका ताजा उदाहरण सोमवार को देखने को मिला। जिले के अतिथि गृह व सदर अस्पताल के बीच मेन रोड किनारे की हृदय विदारक यह तस्वीर मानवता को शर्मसार करती नजर आई। वहां भ्रूण हत्या कर फेंके गए नवजात को कुत्ते नोंच-नोंचकर खाते रहे और लोग इस घटना का वीडियो बनाते रहे। नवजात को जिंदा फेंका गया था या मुर्दा, ये पता नहीं चल पाया।

 

बताया जाता है कि सर्किट हाउस के सामने कुत्ता नवजात के शव को नोंच-नोंचकर खा रहा था और भीड़ तमाशा देख रही थी। पूरा शव खाने के बाद कुत्ता सिर का हिस्सा मुंह में दबाए भाग गया। सड़क पर चलते लोग ये तमाशा देख चुपचाप आगे बढ़ गए। किसी ने कुत्ते को भगाने का प्रयत्न तक नहीं किया। सड़क के एक ओर सदर अस्पताल व दूसरी ओर सर्किट हाउस है। यहां से सैकड़ों लोग आते-जाते रहे। मगर किसी ने भी उचित पहल नहीं की।

 

लिंगानुपात में 23वें नंबर पर है जिला, 1000 लड़के पर 909 लड़कियां 
बताया जाता है कि बीते वित्तीय वर्ष 2017-18 के आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान 52304 लड़कों की तुलना में 47633 लड़कियों का जन्म हुआ। लड़कों की तुलना में लड़कियों के जन्मदर में लगातार आ रही गिरावट से यहां का लिंगानुपात काफी घटता जा रहा है। 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य स्तर पर जिला लिंगानुपात में 23वें नंबर पर है। जिसमें यहां का लिंगानुपात प्रति एक हजार लड़के पर 909 लड़कियां हैं। वहीं 2001 की जनगणना में यह अनुपात 928 था। यानी एक जनगणना वर्ष में लिंगानुपात 19 घट गया।

 

जांच के लिए पहले से गठित है 9 सदस्यीय टीम : 
अल्ट्रासाउंड से लिंग जांच पर रोक लगाने के लिए सीएस के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम गठित है। जिसमें डॉ. अदिति प्रियदर्शी, डॉ. एसके चौधरी, डॉ. विनोद कुमार सिंह, अधिवक्ता विश्वनाथ ठाकुर, वरीय उप समाहर्ता बाल मुकुंद प्रसाद, रूरल मेडिकल साइंस के चंद्र विभूति अग्रवाल, जनक सेवा प्रांगण की विमला सिंह व प्रयास की इंदू सिंह हैं। बताया जाता है कि इस टीम की ओर से अब तक कोई केस नहीं हुआ। 

 

तिरहुत एकेडमी रोड में नाले में मिला था नवजात का शव
जिले में भ्रूण हत्या की घटनाएं सामने आ रही है। पिछले साल तिरहुत एकेडमी रोड में नाला से नवजात का एक शव बरामद किया गया था। वहीं डा. आरपी मिश्रा रोड में भी एक नवजात का शव पिछले साल ठंड में फेंका पड़ा था। जिसे जानवर नोच-नोच कर खा गया। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया। बावजूद नतीजा सिफर ही रहा। अल्ट्रासाउंड से लिंग जांच पर रोक के लिए 9 सदस्यीय टीम गठित है। 

 

बच्चे के लिंग का नहीं चल पाया पता 
कुत्ता नवजात के पूरे शरीर को खा चुका था इसीलिए बच्चे के लिंग का पता नहीं चल पा रहा था। लेकिन, स्थानीय लोगों की मानें तो उनका कहना है कि बेटी जन्म देने के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया होगा। जिस कलयुगी मां ने इस नवजात के साथ ऐसा कुकृत्य किया है उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

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