पीजी के बाद यूजी में नामांकन अंतिम दाैर में, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी

Muzaffarpur News - बीअारए बिहार विश्वविद्यालय में नए सत्र में नामांकन का दाैर लगभग खत्म हाे गया है। पीजी के बाद यूजी में भी दाखिला...

Bhaskar News Network

Oct 12, 2019, 08:25 AM IST
Muzaffarpur News - enrollment in ug final post pg but acute shortage of teachers
बीअारए बिहार विश्वविद्यालय में नए सत्र में नामांकन का दाैर लगभग खत्म हाे गया है। पीजी के बाद यूजी में भी दाखिला अंतिम दाैर में है। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्टूडेंट्स अाखिर किससे पढ़ें? विश्वविद्यालय में शिक्षकाें की संख्या कर्मचारियाें से भी कम हाे गई है। कर्मचारी 1055, ताे शिक्षक महज 814 हैं। यूं ताे इस कमी काे पूरा करने के लिए राजभवन अाैर सरकार के अादेश पर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति होनी है। लेकिन, अब तक सब कुछ प्रक्रिया में ही है।

जबकि, इसके लिए इंटरव्यू अादि हो चुका है। राजभवन काे साैंपी गई रिपाेर्ट की मानें ताे बिहार विश्वविद्यालय में फिलहाल 501 छात्राें पर एक शिक्षक हैं। एक दशक पहले विवि में 1600 से अधिक स्वीकृत पद थे। रेशनलाइजेशन के बाद 200 से अधिक सीटें खत्म कर दी गईं। लेकिन, रिटायरमेंट के कारण शेष सीटें भी बड़ी संख्या में खाली हाेती गईं। यूजी में तीन पार्ट के अलावा पीजी की पढ़ाई हाेती है। पार्ट वन में 1 लाख 32 हजार सीटें हैं। यानी एक सत्र में तीनाें पार्ट मिलाकर साढ़े तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इसी प्रकार पीजी में भी 12 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए विवि में कला, विज्ञान एवं काॅमर्स में कुल 814 शिक्षक ही बचे हैं।

यानी एक शिक्षक काे अाैसतन 500 से अधिक छात्र-छात्राअाें काे पढ़ाने का जिम्मा है। नए सत्र में पहले ताे नामांकन के लिए स्टूडेंट्स महीनाें भटके। अब नामांकन हाे गया ताे पढ़ाई की चिंता सताने लगी है। राजभवन का अादेश है कि नियमित कक्षाएं हाेनी चाहिए।

कुलाधिपति का अादेश- नियमित हों कक्षाएं, लेकिन शिक्षकों के अाधे से अधिक पद हैं खाली

अन्य विश्वविद्यालयाें से शिक्षक व कर्मचारियाें का तुलनात्मक विवरण

विश्वविद्यालय शिक्षक कर्मचारी

बीअारएबीय 814 1055

बीएनएमयू 401 460

जेपीयू 424 324

केएसडीएसयू 330 234

एलएनएमयू 736 1220

पीपीयू 855 914

पीयू 433 669

टीएमबीयू 378 866

वीकेएसयू 418 729

शिशिर कुमार | मुजफ्फरपुर

बीअारए बिहार विश्वविद्यालय में नए सत्र में नामांकन का दाैर लगभग खत्म हाे गया है। पीजी के बाद यूजी में भी दाखिला अंतिम दाैर में है। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्टूडेंट्स अाखिर किससे पढ़ें? विश्वविद्यालय में शिक्षकाें की संख्या कर्मचारियाें से भी कम हाे गई है। कर्मचारी 1055, ताे शिक्षक महज 814 हैं। यूं ताे इस कमी काे पूरा करने के लिए राजभवन अाैर सरकार के अादेश पर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति होनी है। लेकिन, अब तक सब कुछ प्रक्रिया में ही है।

जबकि, इसके लिए इंटरव्यू अादि हो चुका है। राजभवन काे साैंपी गई रिपाेर्ट की मानें ताे बिहार विश्वविद्यालय में फिलहाल 501 छात्राें पर एक शिक्षक हैं। एक दशक पहले विवि में 1600 से अधिक स्वीकृत पद थे। रेशनलाइजेशन के बाद 200 से अधिक सीटें खत्म कर दी गईं। लेकिन, रिटायरमेंट के कारण शेष सीटें भी बड़ी संख्या में खाली हाेती गईं। यूजी में तीन पार्ट के अलावा पीजी की पढ़ाई हाेती है। पार्ट वन में 1 लाख 32 हजार सीटें हैं। यानी एक सत्र में तीनाें पार्ट मिलाकर साढ़े तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इसी प्रकार पीजी में भी 12 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए विवि में कला, विज्ञान एवं काॅमर्स में कुल 814 शिक्षक ही बचे हैं।

यानी एक शिक्षक काे अाैसतन 500 से अधिक छात्र-छात्राअाें काे पढ़ाने का जिम्मा है। नए सत्र में पहले ताे नामांकन के लिए स्टूडेंट्स महीनाें भटके। अब नामांकन हाे गया ताे पढ़ाई की चिंता सताने लगी है। राजभवन का अादेश है कि नियमित कक्षाएं हाेनी चाहिए।

गेस्ट फैकल्टी के लिए इंटरव्यू और अन्य प्रक्रियाएं हुईं, फिर भी अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी

पार्ट-वन व टू के परीक्षा फाॅर्म 16 से भरे जाएंगे

मुजफ्फरपुर | स्नातक पार्ट वन एवं पार्ट टू प्रतिष्ठा एवं सामान्य परीक्षा की तैयारी शुरू हाे गई है। बीअारए बिहार विवि ने शुक्रवार काे परीक्षा फाॅर्म भरने की तिथि जारी कर दी है। परीक्षा नियंत्रक डाॅ. मनाेज कुमार ने कहा कि 16 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक परीक्षा फाॅर्म लिए जाएंगे। प्राचार्यों काे नामांकित एवं पंजीकृत छात्रों का ही फाॅर्म अग्रसारित करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें 5 नवंबर से पहले भरे परीक्षा फाॅर्म विवि में जमा कराने के लिए कहा गया है। पार्ट थ्री परीक्षा 2019 की परीक्षा में एेसे छात्रों काे भी परीक्षा फाॅर्म भरने की अनुमति दी गर्ई है, जाे प्रथम खंड 2018 एवं द्वितीय खंड 2018 की परीक्षा में प्रोन्नत हैं। लेकिन, द्वितीय खंड 2018 में किसी कारण से परिणाम लंबित है। एेसे छात्र शपथ पत्र के साथ 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक फाॅर्म भर सकेंगे।

इधर, साेलर इनर्जी समेत अन्य प्राेजेक्ट की माॅनिटरिंग काे रजिस्ट्रार हाेंगे नाेडल पदाधिकारी

मुजफ्फरपुर|साेलर इनर्जी समेत अन्य प्रमुख प्राेजेक्ट की माॅनिटरिंग के लिए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नाेडल पदाधिकारी हाेंगे। इस संबंध में राजभवन ने सभी विवि के कुलपतियाें काे पत्र जारी किया है। विवि के प्राेजेक्ट की माॅनिटरिंग काे प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।

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