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हर माह 5 हजार कारतूस यूपी से बिहार के अपराधियों को हो रही सप्लाई, इतनी गोलियां तो पुलिस को भी नहीं मिल रहीं

एक वर्ष पहले
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मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण समेत उत्तर बिहार के अन्य जिलों के अपराधियाें काे हर माह हथियार तस्कर 5 हजार से अधिक गाेलियां सप्लाई कर रहे हैं। जबकि, इतनी गाेलियां हर माह पुलिस के लिए सरकारी सप्लाई भी नहीं है। पुलिस ने 2019 में हथियार तस्कराें द्वारा लाई गईं गाेलियाें की दाे बड़ी खेप पकड़ी थी, जबकि इस वर्ष एक बड़ी खेप पकड़ी गई है। ये गाेलियां उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल से मुजफ्फरपुर व अासपास के जिलाें में लाई जा रही हैं। अपराधियाें काे हथियार सप्लाई करने वाले गिरफ्तार तस्कराें ने पूछताछ में जब उक्त जानकारी पुलिस काे दी तो पुलिस भी सकते में आ गई थी। लेकिन, अागे की कार्रवाई में फिर भी शिथिलता बरती जा रही है। स्थिति यह है कि इन तस्करों से कम उम्र के अपराधियाें काे भी गाेलियां अासानी से मिल जा रही हैं। हर छाेटे-बड़े समाराेह में गोलीबारी की घटना अाम हाे गई है। अक्सर हर्ष फायरिंग का वीडियाे वायरल हाे रहा है। तस्कराें से मिली जानकारी काे थाने की पुलिस दबाए बैठी है अाैर गाेलियाें की खेप के साथ धराए हथियार तस्कर जमानत लेने के प्रयास में हैं।

गिरफ्तार तस्करों ने कई नाम भी पुलिस को बताए थे, लेकिन किसी को नहीं पकड़ पाई है पुलिस

बीते वर्ष 15 सितंबर काे मुजफ्फरपुर- हाजीपुर राेड में फकुली नाका पर पुलिस टीम ने गाेलियाें की खेप लेकर अा रहे गायघाट थाने के थरमा गांव निवासी अाशिक अंसारी, दरभंगा के सिमरी थाने के सरैया निवासी माे. अकील अाैर मुशहरी थाने के विशुनपुर जगदीश गांव के माे. शमशेर काे पकड़ा था। इनके पास से पुलिस टीम ने 1610 गाेलियां अलग-अलग बाेर की जब्त की थीं। पूछताछ में तीनाें तस्कराें ने पुलिस काे एक बड़े नेटवर्क की जानकारी दी थी। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक के एक दर्जन से अधिक हथियार तस्कर अौर अापराधिक गिराेह के बारे में तीनाें ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी थीं। लेकिन, गिरफ्तार तीनाें पर चार्जशीट दायर कर पुलिस बैठ गई। इसके पहले जीअारपी ने एक सितंबर 2019 काे मुजफ्फरपुर जंक्शन पर विशुनपुर जगदीश गांव के महफूज अालम काे 830 गाेलियाें के साथ पकड़ा था। महफूज ने भी कई साथियाें के नाम पुलिस काे बताए थे। लेकिन, उन सबको पुलिस अब तक नहीं पकड़ पाई है। इसके बाद ब्रह्मपुरा पुलिस ने बैरिया में 500 गाेलियाें के साथ पुजारी रवि पांडेय, महिला रवीना खातून, वली अालम, माे. इरशाद अाैर रंजीत कुमार काे पकड़ा। इन अपराधियाें ने भी वैशाली और माेतिहारी के अपराधियाें के अलावा यूपी व पश्चिम बंगाल के शातिराें के नाम बताए, लेकिन अागे की कार्रवाई शिथिल पड़ गई है।

तस्कराें ने नगालैंड का हथियार का अवैध लाइसेंस बनवा रखा है। एेसे दर्जनाें लाइसेंस पर ही यूपी अाैर पश्चिम बंगाल से अासानी से गाेलियां खरीद कर ये हथियार तस्कर उत्तर बिहार ला रहे हैं।

नगालैंड के अवैध लाइसेंस पर खरीद कर लाते गाेलियां


हथियार तस्कराें के तीनाें कांडाें की संयुक्त रूप से माॅनिटरिंग की जा रही है। जेल भेजे गए हथियार तस्कराें के स्वीकाराेक्ति बयान में अाए उनके साथियाें काे दबाेचने के लिए टीम बनाकर कार्रवाई करने की रणनीति बनाई गई है।
-गणेश कुमार, अाईजी।

नाबालिग शातिर और अन्य अपराधियों से लेकर हाई प्रोफाइल सफेदपोश तक खरीद रहे गोलियां


तीन एफअाईअार के बाद भी गिराेह पर कार्रवाई के बदले फाइल दबाकर बैठ गई जिले की पुलिस
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