दिल्ली / मिथिला पेंटिंग्स की धूम, एक्जीबिशन में 22 फीट तक की कलाकृतियों को हाथों हाथ ले रहे लोग



Exhibition of Mithila Paintings in Delhi
Exhibition of Mithila Paintings in Delhi
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Exhibition of Mithila Paintings in Delhi
Exhibition of Mithila Paintings in Delhi

  • मानसिंह रोड स्थित आईजीएनसीए की ट्वीन आर्ट गैलरी में लगी इस प्रदर्शनी में पहुंच रहीं बड़ी-बड़ी हस्तियां
  • 22 सितंबर तक चलेगी यह प्रदर्शनी, जिसमें पद्मश्री समेत अन्य नेशनल अवार्डी कलाकारों के आर्ट्स भी हैं शामिल

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2019, 04:33 AM IST

मुजफ्फरपुर. देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों मिथिला पेंटिंग्स के नए-नए आर्ट्स काफी चर्चा में हैं। राजधानी के मानसिंह रोड स्थित इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स (आईजीएनसीए) की ट्वीन आर्ट गैलरी में लगी प्रदर्शनी में इन पेंटिंग्स को देखने व खरीदने के लिए देश की बड़ी-बड़ी हस्तियों समेत काफी भीड़ उमड़ रही है।

 

बता दें कि लिखिया नामक यह प्रदर्शनी 22 सितंबर तक चलेगी। इसका आयोजन मिथिला पेंटिंग्स की राष्ट्रीय अवार्डी कलाकार मधुबनी आर्ट सेंटर की संस्थापक मनीषा झा की मॉनिटरिंग में हो रहा है। मनीषा इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर में मिथिला पेंटिंग्स का अर्काइव तैयार करने में भी सहयाेगी रही हैं। 6 सितंबर से चल रही इस प्रदर्शनी की खास विशेषता यह है कि इसमें मिथिला पेंटिंग्स की सौ से अधिक महिला कलाकारों के लेटेस्ट आर्ट्स हैं।

 

इनमें उन आर्ट्स के भी कलेक्शंस हैं, जो आईजीएनसीए में 2005 से 2012 तक की विभिन्न प्रदर्शनियों में चर्चा में रह चुके हैं। मिथिला पेंटिंग्स की ये कलाकृतियां लोगों को काफी आकर्षित कर रही हैं, जो बिहार के मधुबनी जिले के ही विभिन्न गांवों की महिला कलाकारों द्वारा बनाई गई हैं। इन कलाकारों में पद्मश्री बउआ देवी, शांति देवी, लीला देवी, चंद्रकला देवी, उर्मिला देवी समेत अनेक नेशनल अवार्डी कलाकार शामिल हैं, जिनकी कलाकृतियों को लोग हाथों-हाथ ले रहे हैं। प्रदर्शनी में पहली बार 22 फीट तक की पेंटिंग्स हैं। नई पेंटिंग्स में मिथिला के सुहागिनों द्वारा मनाए जानेवाले लोकपर्व मधुश्रावणी व उसकी 15 दिनों की कथा शामिल हैं, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।

1958 से अब तक की मिथिला पेंटिंग्स की जर्नी है यह प्रदर्शनी : मनीषा
आयोजक मनीषा झा ने माेबाइल पर बातचीत में बताया कि यह एक्जीबिशन 1958 से अब तक की मिथिला पेंटिंग्स की जर्नी है। इसमें पद्मश्री से नवाजी जा चुकीं मिथिला पेंटिंग्स की 5 कलाकारों सीता देवी, जगदंबा देवी, महासुंदरी देवी, बउआ देवी और गोदावरी दत्त की कई प्रमुख पेंटिंग्स को भी रखा गया है।

 

साथ ही यमुना देवी, गोपाल साह, शशिकला देवी और भगवती देवी जैसी ख्यातिलब्ध कलाकारों की भी पेंटिंग्स हैं। इन कलाकारों की एक-एक पेंटिंग्स को देखने के लिए लोग काफी समय दे रहे हैं। मनीषा ने कहा कि मिथिला पेंटिंग्स मधुबनी समेत पूरे मिथिलांचल की महिलाओं की एक भाषा है, जिसे उन्होंने स्वयं रचा है। इसी को बताने के लिए इस प्रदर्शनी का नाम लिखिया रखा गया है।

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