मुजफ्फरपुर / एसकेएमसीएच के प्रसव कक्ष में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, अफरा-तफरी में दाे प्रसूता गिरीं, फर्श पर हाे गई डिलीवरी

अस्पताल में भर्ती प्रसूता और उनके परिजन। अस्पताल में भर्ती प्रसूता और उनके परिजन।
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अस्पताल में भर्ती प्रसूता और उनके परिजन।अस्पताल में भर्ती प्रसूता और उनके परिजन।

  • मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच का मामला, बाल-बाल बची जच्चा-बच्चा की जान 
  • दहशत में रहीं प्रसूता, सुबह 8 से दाेपहर 2 बजे तक कटी रही बिजली

दैनिक भास्कर

Feb 08, 2020, 08:04 AM IST

मुजफ्फरपुर. एसकेएमसीएच के प्रसव कक्ष में शुक्रवार की सुबह करीब 8 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इससे कक्ष में अफरातफरी मच गई। प्रसूता व उनकी परिजन भागने लगीं। दाे प्रसूता टेबल पर प्रसव के लिए लिटा दी गई थीं। आग देखकर उनकी परिजन उन्हें भी ले जाने लगीं। इसी क्रम में दाेनाें प्रसूता फर्श पर गिर गईं अाैर बच्चे का जन्म हाे गया। दाेनाें की परिजन व कक्ष के स्वास्थ्यकर्मियाें की सूझबूझ से मां अाैर बच्चाें की जान बची। लेकिन, इस घटना से सभी प्रसूता व उनकी परिजन काफी डर गईं। आधा दर्जन प्रसूता काे ताे उनकी परिजन निजी अस्पताल लेकर चली गईं। आग सुबह करीब 8 बजे एसी के मेन स्विच में लगी। अचानक तेज चिंगारियां निकलने लगीं जाे कक्ष में पड़े कपड़ों पर जा गिरीं। आग फैलने लगी ताे आनन-फानन में कक्ष की बिजली काट कर स्थिति पर काबू पाया गया। फिर बाहर निकल गईं प्रसूता व उनकी परिजन काे समझा-बुझाकर कक्ष में लाया गया। उधर, आग लगने की सूचना पूरे वार्ड में फैल गई, जिससे काफी देर तक प्रसूता व उनकी परिजन दहशत में रहीं। बाद में बाेर्ड व तार की मरम्मत कर करीब 6 घंटे बाद दाेपहर 2 बजे कक्ष की बिजली आपूर्ति बहाल हाे सकी।

सुरक्षा के लिहाज से एसकेएमसीएच जैसे अस्पताल में होनी चाहिए ये व्यवस्था
अग्निशमन गाइडलाइन के मुताबिक एसकेएमसीएच जैसे बड़े अस्पताल में पानी का बड़ा टैंक व सभी वार्डों में सप्लाई की व्यवस्था हाेनी चाहिए, ताकि हादसे से तत्काल निपटा जा सके। इसके अलावा पंप, हीट रीडर, स्मोक रीडर, मोड्यूलर फायर उपकरण, हाइरेंट सिस्टम, राइजर, होज लाइन, होजरील, होज टेबल (छोटे अग्निशमन यंत्र) कार्बन डाईऑक्साइड सिलेंडर आदि का पुख्ता इंतजाम जरूरी है।

आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं

उत्तर बिहार के सबसे बड़े स्पताल एसकेएमसीएच में भीषण आग से निपटने के लिए भी पुख्ता इंतजाम नहीं है। 3 मंजिल व कई बिल्डिंग वाले इस बड़े अस्पताल में आग बुझाने के लिए छाेटे-छाेट यंत्र लगाकर खानापूर्ति की गई है। इनका भी अस्पताल के अधिकतर कर्मचारियाें काे प्रशिक्षण नहीं दिया गया। अग्निशमन विभाग भी इसे मात्र दिखावा बताता है।

एसी समेत सैकड़ों मशीनों का लोड

एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉ सुनील शाही ने बताया कि बिजली विभाग को कई वर्षाें से इसकी जानकारी दी जा रही है। एक बार सभी पुरानी वायरिंग को हटा कर नई लगाने के लिए कहा गया है। एसी समेत सैकड़ों मशीनों का लोड है। इसकी सूचना पटना मुख्यालय को भी दी गई है। बिजली विभाग हर बार की तरह इस बार भी शीघ्र वायरिंग ठीक कराए जाने काे लेकर आश्वस्त किया है। 
 

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