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पनाह लेने वाली बच्चियों से गैंगरेप किया, ये दरिंदे...मरने तक जेल में ही रहेंगे

5 महीने पहले
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मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड का दोषी ब्रजेश ठाकुर।
  • 11 को उम्रकैद, ब्रजेश समेत 6 को अंतिम सांस तक कैद
  • 6 दोषियों को 10-10 साल की सजा, एक को 6 माह की कैद
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मुजफ्फरपुर. दिल्ली के साकेत कोर्ट ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में ब्रजेश ठाकुर समेत 6 आरोपियों को कई लड़कियों के यौन उत्पीड़न के लिए अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 5 दोषियों को उम्रकैद और 6 अन्य को 10-10 साल की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने अपने फैसले में कठोर शब्दों में कहा कि ब्रजेश बच्चियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से की गई साजिश का किंगपिन था। उसने अत्यधिक घिनौने काम किए। बच्चियों की देखभाल के जिम्मेवार पर्यवेक्षकों  और प्रशासकों ने शेल्टर होम में  खुद को दरिंदे और शिकारियों में बदल दिया।


नाबालिग बच्चियों से बलात्कार करने के लिए उन पर घिनौने तरीके के अत्याचार किए। इन मासूमों पर करीब  चार साल तक लगातार यौन हमले करते रहे। ब्रजेश ठाकुर के अपराधों की लम्बी फेहरिस्त है। जज ने कहा कि जो व्यक्ति इस तरह की बच्चियों की देखभाल करने वाली संस्था का  नियंत्रण और  प्रबंधन करता है, उससे उम्मीद की जाती है कि वह दया, संयम और नैतिककता प्रदर्शित करेगा।  लेकिन ब्रजेश और उसके शार्गिदों ने सारी हदें पार कर दीं। न केवल पीड़ित लड़कियों को धोखा दिया। बल्कि, इस तरह के घिनौने कृत्यों को अंजाम देकर अत्यधिक विकृत और संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन किया। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़िताएं एक राज्य वित्त पोषित शेल्टर होम में शरण ली हुई थीं। बलात्कार और उत्तेजित यौन हमलों के कारण उन्हें गंभीर शारीरिक-मानसिक पीड़ा हुई। ऐसे में इन अपराधियों को कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।

6 दोषियों को 10-10 साल की सजा, एक को 6 माह की कैद
ब्रजेश ठाकुर समेत 6 दोषियों को अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा सुनाई। इनमें ब्रजेश ठाकुर, रवि रौशन, दिलीप कुमार वर्मा, विकास कुमार, गुड्डू पटेल और विजय कुमार तिवारी शामिल हैं। वहीं, ब्रजेश की राजदार शाइस्ता परवीन उर्फ मधु, किरण कुमारी, रामानुज ठाकुर, मीनू देवी, कृष्ण कुमार राम को उम्रकैद की सजा हुई। 


ब्रजेश को 32 लाख रुपए जुर्माना भी भरना होगा। बालिका गृह का कथित डॉक्टर अश्वनी कुमार, मंजू देवी, चंदा देवी, रामाशंकर सिंह, हेमा मसीह व नेहा कुमारी को 10 वर्ष कैद की सजा हुई। इंदु कुमारी को तीन साल कैद व 10 हजार जुर्माना और रोजी रानी को छह माह कैद की सजा हुई है। रोजी रानी अपनी सजा न्यायिक हिरासत में पूरी कर चुकी है। इसलिए उसे मुक्त कर दिया गया है। सजा के बाद 18 दोषियों को तिहाड़ भेज दिया। जज ने सीबीआई को आदेश दिया कि पीड़िताओं का बंद लिफाफे में रिपोर्ट सरकार को दें ताकि पीड़िताओं को मुआवजे का भुगतान किया जा सके। कोर्ट ने पीड़िताओं को 25 हजार से 9 लाख तक मुआवजा देने का आदेश दिया।

टर्निंग पॉइंट: सोशल ऑडिट और सीबीआई जांच

  • टिस की कोशिश टीम ने नवंबर 2017 में बालिका गृह का किया सोशल ऑडिट। इसमें प्रताड़ना की शिकायतें आईं सामने
  • 31 मई की रात में एफआईआर दर्ज होने के बाद एसएसपी हरप्रीत कौर के निर्देश पर ब्रजेश समेत 8 आरोपियों की गिरफ्तारी
  • पटना, बेगूसराय व मधुबनी शिफ्ट कराई गईं किशोरियों ने आरोपियों की तस्वीर चिह्नित कर दुष्कर्म व यौन हिंसा का लगाया आरोप
  • सांसद पप्पू यादव द्वारा लोकसभा में मामले को उठाना और गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा
  • समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने पद गंवाया और घर पर छापे में अवैध हथियार मिला, पति संग जेल भी गईं
  • बालिका गृह में धृतराष्ट्र बने रहे 25 अफसरों पर लटकी तलवार, सीबीआई ने जांच रिपोर्ट के साथ की अनुशंसा
  • समाज कल्याण विभाग में एनजीओ को टेंडर देने में लापरवाही व भ्रष्टाचार पर कसा शिकंजा
  • बिहार की 122 एनजीओ का निबंधन रद्द

ऊपरी अदालत में भी दरिंदों को नहीं मिल सकेगी राहत
दोषियों के पास ऊपरी अदालत में जाने का विकल्प है। लेकिन, मुझे नहीं लगता कि जो सजा हुई है, उसमें किसी तरह की राहत की गुंजाइश है। आजीवन कारावास की सजा पॉक्सो एक्ट के प्रावधान के मुताबिक मिली है। सजा में वैज्ञानिक अनुसंधान भी महत्वपूर्ण कड़ी रही है। (जैसा कि वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. संगीता शाही ने बताया)

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