विक्रेताओं के साथ दाे नाॅमनी काे सरकारी सेवक घाेषित करे सरकार : फेयर प्राइस डीलर्स एसाे.

Muzaffarpur News - सिटी रिपाेर्टर | मुजफ्फरपुर फेयर प्राइस डीलर्स एसाेसिएशन की बैठक रविवार काे कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर हुई।...

Nov 11, 2019, 08:55 AM IST
सिटी रिपाेर्टर | मुजफ्फरपुर

फेयर प्राइस डीलर्स एसाेसिएशन की बैठक रविवार काे कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर हुई। इसमें पाॅश मशीन लगाने के निर्णय का स्वागत किया गया। लेकिन, इस व्यवस्था में विक्रेता के साथ दाे नाॅमनी जाेड़े जाने की निंदा की गई। एसाेसिएशन ने कहा कि सरकार की अाेर से विक्रेता काे 70 पैसे प्रति किलाे कमीशन दिया जाता है। इससे विक्रेताअाें का भरण-पाेषण संभव नहीं है। एेसी स्थिति में दाे नाॅमनी काे जाेड़ना असंवैधानिक है। माैके पर अरुण चाैधरी, देवन रजक, शिशिर कुमार, शशिनाथ ठाकुर, राकेश कुमार, विश्वनाथ चाैधरी, प्रमाेद प्रसाद चाैधरी, विजय ठाकुर, हरिलाल प्रसाद यादव, अनिल कुमार, चंदन कुमार, विश्वनाथ प्रसाद राय, मेघू रजक, राजकिशाेर प्रसाद, रामरतन राय, अमित कुमार, राजेश कुमार, दिनेश प्रसाद अादि उपस्थित थे।

वक्ताअाें ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार विक्रेताअाें के साथ दाेनाें नाॅमनी काे सरकारी सेवक घाेषित करें, नहीं ताे वे दिसंबर से खाद्यान्न का उठाव व वितरण बंद कर देंगे। महासचिव देवन रजक ने कहा कि अारसी-1 अाैर अारसी 2 का काम प्रशासन का है। विक्रेता ताे कमीशन एजेंट हैं। एेसे में विक्रेताअाें से जाे भी काम सरकार द्वारा लिया जाता है उसका कमीशन देना चाहिए। लेकिन, अब तक स्थानीय प्रशासन द्वारा विक्रेताअाें पर जबरन दबाव बनाया जा रहा है, जाे निंदनीय है। कहा कि पूर्व में विक्रेताअाें की दुकान की जांच उनके कार्यक्षेत्र के उपभाेक्ताअाें की लिखित शिकायत पर हाेती थी, लेकिन अब चरणबद्ध सभी प्रखंडाें में जांच अभियान प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा है। जांच के नाम पर विक्रेताअाें का दाेहन-शाेषण किया जा रहा है।

दिसंबर से उठाव व वितरण बंद करने की चेतावनी

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