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शादी की रस्मों को लेकर दरवाजे पर जहां सजना था हनुमान दरबार, हादसे में मौत के बाद 6 परिजनों की वहीं सजी अर्थी

एक वर्ष पहले
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डीहजीवर गांव के एक ही परिवार के 6 मृतकों की पट्टीदारी में आसनारायण सहनी के पुत्र उदयचंद्र सहनी की इसी रविवार को ही शादी हाेती। लेकिन, हादसे के कारण अब बारात नहीं निकलेगी। शादी टल गई है। माैत की खबर सुन कर लड़की पक्ष के लाेग भी गांव पहुंचे। बारात मोतिहारी के रघुनाथपुर गांव जाने वाली थी। शनिवार की सुबह-सुबह अाई हादसे की मनहूस खबर से शादी की खुशियां मातम में बदल गई। शादी के लिए दरवाजे पर हनुमान आराधना होने वाली थी। हनुमान आराधना के दरबार के साथ अासनारायण सहनी अाैर पट्टीदारों के कई घर सजे हुए थे। पर, दरवाजे से परिवार के 6-6 अर्थी साथ निकलीं। शादी के गीत की जगह महिलाओं के चीत्कार से माहाैल गमगीन हाेता रहा। आंसू अाैर आहाें से परिवार अाैर गांव के लाेगाें की शादी व होली की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे में इसी एक डीहजीवर गांव के 9 लाेग मरे हैं। पूरे गांव में मातम छाई है। अासनारायण सहनी प्रतापगढ़ में ही रहते हैं। वह चार मार्च काे ही बेटे की शादी के लिए ट्रेन से घर अाए थे। बाकी लाेग ठेकेदार से हिसाब करने के बाद शनिवार काे पहुंचने वाले थे। ट्रेन में आरक्षण नहीं मिलने के कारण सभी लाेग स्काॅर्पियो भाड़े पर लेकर गांव अा रहे थे। उदय की शादी में शरीक हाेने के बाद हाेली का पर्व भी घर पर ही मनाना था।

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ट रमा हादसा विशुद्ध रूप से तेज रफ्तार व थकान का परिणाम है। ऐसे हादसे रोकने के लिए वाहन चालक थकान हाेने पर ड्राइविंग कतई न करें। खासकर सुबह 3 बजे से 5 बजे के बीच ताे बहुत ही सतर्कता की जरूरत हाेती है। इस समय झपकी अाने की संभावना ज्यादा रहती है। बेहतर हाे कि इस दाैरान ड्राइविंग करने की जगह गाड़ी पार्किंग में लगा दें। अाम ताैर पर डबल ड्राइवर रहने पर ही इस दाैरान ड्राइविंग करनी चाहिए। रात भर ड्राइविंग करने के बाद 3 बजे के बाद झपकी काे राेकना बहुत मुश्किल हाेता है। स्टडी बताती है कि हादसा हाेने में महज 30 सेकंड लगता है। इसी 30 सेकंड में आपकी जिंदगी आपके हाथ में हाेती है। एनएचएआई की डिजाइन हाईस्पीड की है, लेकिन गाड़ी अाप
उतनी ही तेज चलाएं, जिस पर आपात स्थिति में काबू कर सकें। अगर एेसा करते हैं तो बहुत हद तक हादसे काे टाला जा सकता है। ब्रेकिंग सिस्टम दुरुस्त हाेनी चाहिए। स्किलफुल ड्राइविंग हाेनी चाहिए।

-दिव्य प्रकाश, एमवीअाई, मुजफ्फरपुर

(जैसा कि दैनिक भास्कर को बताया)

हादसे में चली गई इनकीजान

मृत लाेगाें के राेते परिजन

टरमा हादसा तेज रफ्तार व थकान का परिणाम, ऐसे में कतई न करें ड्राइविंग

मनीष साह

डीहजीवर में दरवाजे पर एक साथ सजी अर्थी

सिकंदर सहनी

रंजन साह

विकास

ध्रुव नारायण सहनी

अरुण सहनी

गोकुल मांझी

गंभीर जख्मी : कमलेश सहनी व अजय।

दुर्घटना के बाद सड़क पर बिखरे पड़े शव
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