हिंदी को मिला बाजार का साथ, लेकिन यह बोलियों के समुच्चय से ही कट गई

Muzaffarpur News - आज हिंदी दिवस है। धीरे-धीरे ही सही लेकिन यह समृद्ध होने के लिए संघर्ष कर रही है। इस कड़ी में हिंदी को बाजार का साथ भी...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 08:45 AM IST
Muzaffarpur News - hindi got the support of the market but it was cut from the set of dialects
आज हिंदी दिवस है। धीरे-धीरे ही सही लेकिन यह समृद्ध होने के लिए संघर्ष कर रही है। इस कड़ी में हिंदी को बाजार का साथ भी मिला है। लेकिन दूसरी ओर हिंदी बाजार के माध्यम से अपनी जगह बनाने के चक्कर में उन समाजों और अस्मिताअाें से कटती जा रही है जिन बोलियों के समुच्चय से उसका निर्माण हुआ था। कुछ लोग कहते हैं कि यह हिंदी के भविष्य के लिए बेहतर नहीं है। दूसरा धरा यह कहता है कि बाजार ने हिंदी को काफी समृद्ध किया है। यही कारण है कि आज अंग्रेजी को इससे भय लग रहा है। साहित्यकारों और चिंतकों के बीच इसको लेकर वाद-विवाद काफी पुराना है। यह आगे भी चलता रहेगा।

प्रशिक्षण से अफसरों के कार्य में होगा सुधार : सीबी सिंह

मुजफ्फरपुर |इलाहाबाद बैंक के प्रधान कार्यालय के तत्वावधान में मुजफ्फरपुर मंडल में कार्यरत 400 अधिकारियों-कर्मचारियों को नवोदय जागृति कार्यक्रम से कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार के लिए प्रेरित किया गया। मुजफ्फरपुर मंडल प्रमुख सीबी सिंह ने कहा कि उम्मीद है कि कार्यक्रम से कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्य करने के तरीके में गुणात्मक सुधार आएगा। कार्यक्रम के मुख्य प्रेरक रिटायर एजीएम एसबी पांडेय ने कहा कि बैंक के व्यवसाय में वृद्धि करने के साथ-साथ सारे नियम का पालन कर उत्तम ग्राहक सेवा प्रदान करना प्राथमिकता है। धन्यवाद ज्ञापन दिलीप कुमार ने किया।

हिंदी दिवस आज


बीआरएबीयू में नहीं शुरू हो सका पुस्तकों का हिंदी अनुवाद

मुजफ्फरपुर | बीआरए बिहार विवि में 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक हिंदी माध्यम में पुस्तकों का अनुवाद शुरू नहीं हो सका है। इससे विवि के छात्रों को हिंदी में ज्ञान-विज्ञान की पुस्तक हासिल नहीं हो पा रही है। इसमें विज्ञान से लेकर अन्य तकनीकी विषयों का हिंदी अनुवाद किया जाना शामिल था। इसको लेकर 2016 में यूजीसी की ओर से प्रस्ताव दिया गया था। इसको लेकर विवि के स्तर से कमेटी का भी गठन किया गया। यूजीसी से इसको लेकर अनुदान दिए जाने की भी बात सामने आई थी। लेकिन इसकी फाइल अब तक विवि में कहीं पड़ी हुई है।

बाजार की शब्दावली व तंत्र में हिंदी का महत्व बढ़ा



भाषा का बैंक के ग्राहकों के साथ है अटूट रिश्ता : नकुल

मुजफ्फरपुर |बैंक अॉफ इंडिया के आंचलिक प्रबंधक नकुल बेहेरा ने कहा, हिंदी भाषा समाज को जोड़ती है। दैनिक कार्यों में हिंदी का बेहतर प्रयोग किया जा सकता है। वह शुक्रवार को मिठनपुरा में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्य प्रबंधक आरके मिश्रा, दीपक सहाय, फैयाज आलम ने भी विचार रखे। प्रधान कार्यालय स्तर पर आयोजित ऑनलाइन अखिल भारतीय बैकिंग ज्ञान व राजभाषा ज्ञान स्पर्धा में मनीष किशोर, नीलमणि, मनीष कुमार, रिया, ऋषि राज, पम्मी गुप्ता, प्रभात रंजन, अमित कुमार, मेघा अग्रवाल, दीपक चौरसिया, अवनि कुमारी, हिंदी निबंध स्पर्धा में वरुण, अभिषेक, पंकज ठाकुर, स्वरचित कविता स्पर्धा में अवनि, शिखा, नीलमणि,रिया, पंकज ठाकुर, टिप्पण स्पर्धा में प्रेमजीत प्रसाद, अशोक सिन्हा, रिया, मेघा अग्रवाल, अमित ओझा, हिंदी पत्र लेखन में पी उपाध्याय, फैयाज आलम, रिया, वरुण व सत्यप्रकाश को पुरस्कार दिया गया।



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