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समय से काेर्ट में केस डायरी नहीं देने पर थानेदार काे माना जाएगा अाराेपित काे फायदा पहुंचाने का दाेषी

एक वर्ष पहले
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जमानत अर्जी पर सुनवाई के दाैरान काेर्ट के अादेश पर समय से केस डायरी नहीं देने का मुद्दा गुरुवार काे हुए एसएसपी की क्राइम मीटिंग में छाई रही। समय से केस डायरी नहीं भेजने वाले थानेदार पर अब अाराेपियाें काे लाभ पहुंचाने की साजिश मानकर कार्रवाई की जाएगी। मीटिंग में 150 से अधिक कांडाें की सूची थानेदाराें काे साैंपी गई। उन्हें चेतावनी दी गई कि रविवार तक संबंधित केस की अद्यतन जांच की केस डायरी पुलिस कार्यालय जमा कराएं। हाल ही में अहियापुर के जिंदा जला डाली गई युवती के मामले में महिला थानेदार के द्वारा समय से केस डायरी नहीं भेजने के कारण अाराेपी काे जमानत मिल गई थी। इसके साथ ही क्राइम मीटिंग में वारदाताें की जांच घाेटाला का भी मुद्दा छाया रहा।

सैकड़ाें अापराधिक वारदात में अाधी अधूरी जांच कर इसे डेली रिपाेर्ट में थानेदाराें ने डिस्पाेजल दिखा दिया गया है। इस तरह डिस्पाेजल दिखाए जाने के कारण इन कांडाें की समीक्षा वरीय अधिकारी नहीं कर पा रहे हैं। क्राइम मीटिंग में लाेक अभियाेजक पीके शाही ने ये दाेनाें मुद्दा उठाया। क्राइम मीटिंग में एसएसपी व पीपी के अलावा सिटी एसपी नीरज कुमार सिंह, एएसपी पूर्वी अमितेश कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस पूरन कुमार झा, नगर डीएसपी रामनरेश पासवान, डीएसपी पश्चिमी कृष्ण मुरारी प्रसाद, एसडीपीओ सरैया राजेश शर्मा, मेजर साबिर हसन खां व अन्य मौजूद थे।

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