सच हुआ सपना / बचपन में गांव में हेलिकॉप्टर उतरते देखा तो उसी समय ठान लिया कि पायलट ही बनूंगी

कोच्चि नेवल बेस पर ऑपरेशनल ड्यूटी ज्वॉइन करने से पहले मां के साथ शिवांगी। कोच्चि नेवल बेस पर ऑपरेशनल ड्यूटी ज्वॉइन करने से पहले मां के साथ शिवांगी।
In my childhood, when I saw helicopters coming down in the village, I decided to become a pilot at the same time
In my childhood, when I saw helicopters coming down in the village, I decided to become a pilot at the same time
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कोच्चि नेवल बेस पर ऑपरेशनल ड्यूटी ज्वॉइन करने से पहले मां के साथ शिवांगी।कोच्चि नेवल बेस पर ऑपरेशनल ड्यूटी ज्वॉइन करने से पहले मां के साथ शिवांगी।
In my childhood, when I saw helicopters coming down in the village, I decided to become a pilot at the same time
In my childhood, when I saw helicopters coming down in the village, I decided to become a pilot at the same time

  • बिहार की शिवांगी स्वरूप बनीं नेवी की पहली महिला पायलट
  • शिवांगी को कोच्चि में नौसेना के दक्षिणी कमांड हेड एके चावला ने बैज लगाया

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 10:06 AM IST

मुजफ्फरपुर (प्रशांत कुमार). मुजफ्फरपुर की बेटी सब लेफ्टिनेंट शिवांगी स्वरूप के रूप में नौसेना को सोमवार को पहली महिला पायलट मिल गई। शिवांगी प्रशिक्षण पूरा कर ऑपरेशन ड्यूटी में शामिल हो गई। 24 वर्षीय शिवांगी डोनियर 228 सर्विलांस एयरक्राफ्ट उड़ाएंगी। यह एयरक्राफ्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने तैयार किया है। पिता हरिभूषण सिंह ने बताया कि शिवांगी को कोच्चि में नौसेना के दक्षिणी कमांड हेड एके चावला ने बैज लगाया। शिवांगी से दैनिक भास्कर की विशेष बातचीत के मुख्य अंश...

मणिपाल से बीटेक हैं शिवांगी
मुजफ्फरपुर की शिवांगी के पिता हरिभूषण सिंह ब्रह्मर्षि यमुना बालिका उच्च विद्यालय में हेडमास्टर हैं। शिवांगी की एक और बहन और एक भाई है। मां प्रियंका गृहिणी हैं। शिवांगी सिक्किम मणिपाल प्रौद्योगिकी संस्थान से बीटेक है। पिछले साल जून में उन्होंने नेवी में कमीशन हासिल किया।

मां-बाप का मिला भरपूर साथ
शिवांगी ने कहा कि बचपन में अपने घर के नजदीक एक हेलिकॉप्टर को उतरते देखा था। तब स्कूल जाना शायद शुरू ही किया था। उन दिनों हेलिकॉप्टर देखने का भी कौतूहल होता था। उन्हीं दिनों ख्वाब बुना कि हवाई जहाज उड़ाएंगी। बाद में जब समझ हुई तो ठान लिया कि पायलट ही बनूंगी। इस निर्णय को परिजनों खासकर मां और पिता का भरपूर साथ मिला। अब लंबे परिश्रम के बाद अंतत: यह दिन आ ही गया। बचपन से हमने हर बाधा को चुनौती के रूप में लिया। 

भावना भी बिहार की
इसी वर्ष वायुसेना को भी पहली महिला पायलट के रूप में फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ मिली थी। वह दरभंगा की है।

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