पार्ट टू में दाे-दाे छात्रों काे एक ही रजिस्ट्रेशन 2130 का रिजल्ट रुका; फर्जीवाड़े की अाशंका
बीअारए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक पार्ट टू में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर दाे-दाे छात्रों का है। यह मामला एक-दाे छात्रों का नहीं बल्कि 2130 छात्र-छात्राअाें का है। परीक्षा के बाद रिजल्ट तैयार करने के दाैरान इसका खुलासा हुअा है। एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर हाेने के कारण इन सभी छात्र-छात्राअाें का रिजल्ट रुक गया है। खुलासे के बाद विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग भी हैरान है। परीक्षा नियंत्रक ने पूरे मामले की जांच का जिम्मा डिप्टी रजिस्ट्रार वन काे दिया है। रजिस्ट्रेशन विभाग में पहले इसकी जांच की जाएगी कि आखिर एेसा कैसे हुअा। दरअसल, पहले मैन्युअल रिजल्ट तैयार हाेता था। इसलिए पार्ट वन में गड़बड़ी का पता नहीं चला। लेकिन, पार्ट टू में कम्प्यूटराइज्ड रिजल्ट तैयार किया गया है। इस दाैरान अन्य छात्रों के रिजल्ट ताे निकल गए। लेकिन, विभिन्न कॉलेजों के 2130 विद्यार्थियों के रिजल्ट में दाे-दाे विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन नंबर एक ही शाे करने लगा। रजिस्ट्रेशन नंबर कॉलेजों से फाॅर्म पर भरकर दिए जाते हैं। एेसे में गड़बड़ी काॅलेज स्तर या विवि स्तर पर हुई। यह जांच के बाद ही पता चलेगा। यह भी आशंका जतायी जा रही है कि कहीं एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर आवंटित कर दूसरे छात्रों काे भी परीक्षा में शामिल करा दिया गया हाे। प्रारंभिक छानबीन में पता चला है कि पिछले दिनाें निकले पार्ट थ्री के रिजल्ट में भी कुछ छात्रों के साथ एेसे ही मामले सामने अाए थे। हालांकि, कम संख्या हाेने के कारण इसका समाधान निकाल लिया गया।
गड़बड़ी पता चलने के बाद जांच कराई जा रही है
कम्प्यूटराइज्ड रिजल्ट तैयार करने के दाैरान जब एक रजिस्ट्रेशन नंबर दाे-दाे छात्रों पर शाे करने लगा ताे इसका पता चला। अब तक 2130 छात्रों का इसके कारण रिजल्ट रुक गया है। इनमें किसी अाधे का रजिस्ट्रेशन सही हाेगा अाैर अाधे का गलत। इनमें काैन सही है अाैर काैन काे गलत ढंग से रजिस्ट्रेशन नंबर आवंटित हाे गया है। इसकी जांच के लिए कहा गया है। यदि दाेनाें सही हाेंगे अाैर गलती से एक ही रजिस्ट्रेशन मिला हाेगा ताे बदल कर रिजल्ट जारी किया जाएगा।
डॉ.मनोज कुमार, परीक्षा नियंत्रक, बीअारएबीयू