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एसकेएमसीएच में डॉक्टर ने इमरजेंसी वार्ड से बाहर जाने को कहा, परिजनों का हंगामा

एक वर्ष पहले
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एसकेएमसीएच में शुक्रवार को मुरौल पीएचसी से एक ही परिवार के चार लोग कोरोना वायरस के संदेह पर जांच कराने पहुंचे। यहां कोरोना का नाम सुनते ही डॉक्टर ने इमरजेंसी वार्ड से बाहर जाने को कहा। इसके बाद मरीज के परिजन आक्रोशित हो गए। आक्रोश में आए डॉक्टर ने बूढ़ी महिला मरीज को धक्का दे दिया। इस पर परिजनों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। इमरजेंसी वार्ड में अफरातफरी मच गई। बाद में हॉस्पिटल मैनेजर संजय कुमार और सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को समझा कर शांत कराया। अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शाही भी पहुंचे। उन्होंने मरीज के परिजनों को अश्वस्त किया। इसके बाद मास्क पहनाने के बाद सभी मरीजों को एंबुलेंस से आइसोलेशन वार्ड पहुंचाया गया। इटली से एक ही परिवार के पति-प|ी और एक बच्चा समेत चार लोग 23 फरवरी को घर आए थे। 13 मार्च को एयरपोर्ट के कुछ अधिकारी घर पहुंचे। उन्होंने सभी को विदेश से लौटने के कारण जांच कराने को कहा और सभी को पीएचसी ले गए। वहां से एंबुलेंस के जरिए एसकेएमसीएच लाए। यहां आने के बाद जैसे डॉक्टरों ने जाना की विदेश से आए हैं। इग्नोर करने लगे। इसके बाद विवाद बढ़ गया।

31 तक डाॅक्टर्स-स्वास्थ्यकर्मियाें की छुट्टी रद्द

काेराेना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए चिकित्सा पदाधिकारियों अाैर स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टी 31 मार्च तक रद्द कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के आदेश में चिकित्सा पदाधिकारी, निदेशक प्रमुख, प्राचार्य, अधीक्षक, चिकित्सा काॅलेज, अस्पताल से लेकर जूनियर रेजिडेंट, सभी स्वास्थ्यकर्मी, संविदा नियोजित सहित, स्वास्थ्य प्रशिक्षक, पारा मेडिकल्स, जीएनएम, एएनएम, शल्य कक्ष सहायक, लैब टेक्नीशियन, सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का अवकाश रद्द रहेगा। अध्ययन अाैर मातृत्व अवकाश काे आदेश से अलग रखा गया है।

नेपाल से लाैटे परिवार का चाैथा सदस्य भी स्वस्थ, ब्लड सैंपल की जरूरत नहीं

सिटी रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर

काेराेना वायरस काे लेकर सभी विभाग अलर्ट पर हैं। अाधा दर्जन संदिग्ध लाेगाें की जांच अाैर निगरानी के बाद शुक्रवार काे स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह से ही मॉनिटरिंग में जुटी रही। नेपाल से लाैटे परिवार का चाैथा सदस्य भी प्रारंभिक जांच में ही स्वस्थ निकला। एसीएमअाे विनय कुमार शर्मा ने कहा कि प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया में पूरी कर ली गई है। उक्त व्यक्ति बिल्कुल स्वस्थ है। इसलिए ब्लड सैंपल जांच के लिए नहीं लिया गया। पहले से चिह्नित मरीजों की राेज मॉनिटरिंग हाे रही है। इधर, सदर अस्पताल अाैर एसकेएमसीएच में डॉक्टर्स के साथ ही स्वास्थ्यकर्मी भी एहतियातन मास्क लगा रहे हैं। सदर अस्पताल ओपीडी में मरीजों काे स्वास्थ्यकर्मी काेराेना वायरस के प्रति जागरूक करेंगे। निजी अस्पताल प्रबंधन काे भी सिविल सर्जन डाॅ. शैलेश प्रसाद सिंह ने पत्र भेजा है। उन्हें काेराेना काे लेकर संदेह हाेते ही तुरंत जिला स्वास्थ्य टीम काे सूचित करने काे कहा गया है।

राहत }प्रारंभिक जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम की रिपोर्ट

सदर अस्पताल में मास्क लगा कर मरीजों की जांच करते डॉक्टर।

एसकेएमसीएच में मरीज के परिजन के पहुंचने के बाद कुछ परेशानी हुई थी। उसे अस्पताल प्रबंधन के सहयोग से दूर कर लिया गया है। मरीज को जांच के बाद छोड़ दिया गया है। मरीज के परिजनों के शिकायत की जांच कर जो भी दोषी होंगे उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुनील कुमार शाही, अधीक्षक

कोरोना वायरस से बचाव के लिए एसकेएमसीएच में मास्क लगाए डक्टर।

अस्पताल पहुंचने वाले आम मरीज और परिजन भी इस तरह बरत रहे एहतियात।
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