तत्काल टिकट / 'रेड मिर्ची' सॉफ्टवेयर स्लो होने के बाद आरक्षण काउंटर पर बढ़ी दलाली, हर टिकट पर 300 रु. की अवैध वसूली



Increased brokerage on reservation counters after red chilli software slow
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Increased brokerage on reservation counters after red chilli software slow

  • आधी रात के बाद ही दलाल के आदमी लग जाते हैं लाइन में 
  • आम यात्रियों को बिना सुविधा शुल्क के नहीं मिलता आरक्षित तत्काल टिकट

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 10:30 AM IST

मुजफ्फरपुर.  ट्रेनों के तत्काल टिकट में सेंधमारी के लिए अनाधिकृत रेड मिर्ची जैसे सॉफ्टवेयर पर अंकुश लगाए जाने के बाद रेल आरक्षण कार्यालय में दलाली बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से जंक्शन पर तत्काल टिकट में खेल धड़ल्ले से जारी है। सुविधा शुल्क दिए बगैर एक भी यात्री को तत्काल टिकट नहीं मिल रहा है। या यूं कहें कि आरक्षण काउंटर पर टिकट दलालों का कब्जा हो गया है। 

 

प्रत्येक तत्काल टिकट के लिए रेट तय कर दिया गया है। टोकन लेकर तत्काल टिकट लेने वाले यात्रियों को भी प्रति टिकट 300 रुपए अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। नतीजतन आम यात्रियों को काफी मशक्कत के बाद टिकट मिल पाता है। जबकि, टिकट दलाल का आदमी आधी रात से ही लाइन में खड़ा हो जाता है और तत्काल टिकट लेने में कामयाब हो जाता है। बुधवार को बीबीगंज के एक यात्री ने बताया कि वह सप्तक्रांति का आनंदविहार का टिकट लेने के लिए आधी रात से लाइन में खड़ा हुआ। संयोगवश उन्हें एक नंबर का ही कूपन मिल गया। लेकिन, जब काउंटर पर पहुंचे तब वहां कार्यरत आरक्षण पर्यवेक्षक ने तीन सौ रुपए लेकर समय से 15 मिनट पहले आने को कहा।

 

यात्री ने बताया कि उसने पर्यवेक्षक की बात को मान लिया। जब टिकट के लिए काउंटर पर पहुंचा तो अारक्षण पर्यवेक्षक ने पूछा कि अतिरिक्त रुपया लेकर आए हैं। उसने हां बोल दिया। इसके बाद वह वीडियो क्लिप बनाने लगा। आरक्षण पर्यवेक्षक ने उसे वीडियो क्लीप बनाते देख लिया। इस पर वह डर गया और अतिरिक्त तीन सौ रुपए लिए बगैर ही टिकट दे दिया। 

 

सॉफ्टवेयर पर कार्रवाई से दलाल परेशान
बताया जाता है कि आईआरसीटीसी द्वारा पिछले दिनों आनंदविहार, मुजफ्फरपुर व पटना में लाखों रुपए के टिकट के साथ पकड़े गए दलालों की निशानदेही पर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। पहले ये दलाल रेड मिर्ची सॉफ्टवेयर के माध्यम से तत्काल टिकट काटते थे। इस सॉफ्टवेयर से सेकेंड से भी कम समय में टिकट कट जाता था। इसके बदले एसबीआई और एचडीएफसी का डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट होता था। लेकिन तीन स्थानों पर बड़ी मात्रा में टिकट के साथ पकड़े जाने के बाद आईआरसीटीसी ने अब पेटीएम व यूटीआई के कार्ड से पेमेंट का प्रावधान लागू कर दिया। इसके बाद रेड मिर्ची सॉफ्टवेयर का प्रोसेस स्लो हो गया है। इससे तत्काल टिकट काटने में समय लगता है।

 

सख्ती के बाद भी देना पड़ता है सुविधा शुल्क
तत्काल के लिए लाइन में लगने वाले लोगों की सुबह 9 बजे आरपीएफ के अधिकारी जांच करते हैं। उनकी आईडी से मिलान करने के बाद एक रजिस्टर में नाम-पता दर्ज करते हैं। फिर यात्री काउंटर पर जाकर टिकट लेते हैं। लेकिन, काउंटर पर्यवेक्षक को बिना सुविधा शुल्क दिए आम यात्रियों को टिकट नहीं मिलता है।

 

निगरानी के लिए हाजीपुर में लगाई जाएगी मशीन
अनाधिकृत सॉफ्टवेयर पर निगरानी के लिए आरपीएफ ने पूर्व मध्य रेलवे के जीएम से मुख्यालय में एक मशीन लगाने का अनुरोध किया है। आरपीएक के एक उच्चाधिकारी ने कहा है कि मशीन लगने के बाद अनाधिकृत सॉफ्टवेयर से तत्काल टिकट काटने वाले दलालों को चिह्नित करने में मदद मिलेगी। जल्द ही हाजीपुर में यह मशीन लगा दी जाएगी।

 

मामला संज्ञान में लाया गया है। सोनपुर मंडल से इसकी जांच कराई जाएगी। यदि कोई कर्मचारी इसमें संलिप्त पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार, सीपीआरओ, पूर्व मध्य रेलवे    

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