खुलने लगे राज / स्वाधार गृह में हो रहा था फर्जीवाड़ा जानते हुए भी अफसर रहे अनजान



ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु
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ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधुब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु

  • रिमांड पर लेकर महिला थाने में मधु से चल रही पूछताछ
  • स्वाधार गृह के नाम पर कितनी राशि का अब तक भुगतान हुआ? 

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 11:11 AM IST

मुजफ्फरपुर.  स्वाधार गृह में फर्जीवाड़े की कड़ी दर कड़ी सच्चाई सामने आने लगी है। मधु को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पहले दिन की पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि स्वाधार गृह में फर्जीवाड़ा अधिकारियों की जानकारी में हो रहा था। पूछताछ में भले ही पूरी तरह से खुलासा करने से मधु अब बच रही है। लेकिन प्रारंभिक पूछताछ में उसने जो संकेत दिया उससे साफ है कि वहां अधिकारियों की जानकारी में फर्जीवाड़ा चल रहा था। 

शनिवार को भी ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु से पूछताछ की जाएगी। बालिका गृह के किंगपिन ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु से महिला थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी व टाउन डीएसपी ने लंबी पूछताछ की। पहले दिन चार बिंदुओं पर पूछताछ को फोकस किया गया है। जिसमें क्या महिला स्वाधार गृह कागज में चल रहा था? अधिकारियों को फर्जीवाड़े की जानकारी थी या नहीं? स्वाधार गृह के संचालन में किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही? अब तक स्वाधार गृह के नाम पर कितनी राशि का भुगतान हुआ? इन्हीं चार बिंदुओं को फोकस करते हुए मधु से पूछताछ की गई।

 

स्वाधार गृह के नाम पर कितनी राशि का अब तक भुगतान हुआ? इस पर मधु ने साफ तौर पर कहा कि उसको इसकी पूरी जानकारी नहीं है। इसके लिए पूरा रिकॉर्ड व आय-व्यय से संबंधित रजिस्टर देखना होगा। 

 

जांच अधिकारियों के आने पर बाहर से बुलाया जाता था महिलाओं को
मधु ने दबी जुबान में कहा कि समय-समय पर स्वाधार गृह की जांच में अधिकारियों को आना है। वे आते भी थे। जब आते थे तो कुछ महिलाओं को बुला लिया जाता था। मधु से पूछताछ के आधार पर पुलिस अधिकारी का कहना है कि स्वाधार गृह में वैसी महिलाओं को रखना है, जिसको पति छोड़ चुके हों। किसी वजह से वह भटक कर आ गई हो? इसके लिए राज्य सरकार की ओर से स्वाधार गृह के संचालन के लिए राशि दी जाती है। 

 

बालिका गृह में 11 महिलाओं में मिली महज एक, होगी पूछताछ
बालिका गृह कांड का खुलासा होने के बाद स्वाधार गृह में संचालक के द्वारा ताला बंद कर दिया गया था। तब सामजिक सुरक्षा कोषांग विभाग के अधिकारी का कहना है कि वहां 11 महिलाएं रह रही थीं। खोजबीन के बाद सिर्फ एक महिला का पता चल सका। पुलिस अधिकारी का कहना है कि विभाग की ओर से महिलाओं की जो सूची उपलब्ध कराई गई थी। उस बावत अधिकारियों से भी पूछताछ होगी। 

 

मधु से पूछताछ में इन चार बिंदुओं पर रहा फोकस

  • क्या महिला स्वाधार गृह कागज में चल रहा था?
  • सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अधिकारियों को फर्जीवाड़ा की जानकारी थी या नहीं?
  • स्वाधार गृह के संचालन में किन अधिकारियों की क्या भूमिका होती है।
  • अब तक स्वाधार गृह के नाम पर कितनी राशि का भुगतान हुआ? 
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