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मनमर्जी पार्किंग लेती है जान, पिछले वर्ष एनएच 57 पर बोचहां इलाके में सड़क हादसों में 15 की हो गई मौत

एक वर्ष पहले
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एनएच-57 मुजफ्फरपुर दरभंगा हाइवे पर जगह-जगह छोटे-बड़े वाहनों के खड़े रहने व विपरीत दिशा से वाहनों का आना-जाना दुर्घटनाओं का गवाह बना हुआ है। एनएचएआई की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में एनएच 57 पर हुई 184 सड़क दुर्घटनाअाें में 15 लोगों की जिंदगी जा चुकी है। यह रिपोर्ट 11 जनवरी को मैठी टोल प्लाजा के समीप आयोजित सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम में एनएचएआई के अधिकारियों ने एनएच 57 पर हुए हादसे के बारे में जानकारी दी थी। जीएम गणेश प्रसाद ने लोगों को कार्यक्रम के माध्यम बताया कि बिहार में शराबबंदी के बाद हादसाें में कमी आई है, फिर भी हाइवे पर वाहनों का परिचालन करने की समय सतर्कता बरतनी चाहिए, तभी सड़क हादसे में कमी हो सकती है।

उन्होंने बताया था कि वर्ष 2016 में 278 हादसे में 36 लोगों की जानें जा चुकी थी। वर्ष 2017 में 332 हादसे में 40, वर्ष 2018 में 190 हादसे में विभिन्न जगहों पर 33 लोगों की मौत हो गई थी। हाइवे के किनारे खड़े होने वाले वाहनों और उनसे होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में पुलिस व प्रशासन तथा एनएचएआई के अधिकारी भलीभांति परिचित हैं, उसके बावजूद हाइवे पर खड़े होने वाले वाहनों के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की जा रही है। लाइन होटल व ढाबाें पर लगी वाहनों की कतार आम लोगों को भी नागवार लग रही है। सरफुद्दीनपुर गांव के सामाजिक कार्यकर्ता रणजीत चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, कृष्णदेव चौधरी गौरव चौधरी दिलीप कुमार चौधरी, रामलगन राय एवं अन्य प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि सबसे पहले सरफुद्दीनपुर एवं एतवारपुर चौक पर बने ओवर ब्रिज के समीप रिंग सड़क का निर्माण होना चाहिए, तभी विपरीत दिशा से आने-जाने वाले वाहनों पर रोक लग सकती है। रात के अंधेरे में कई बार एकाएक इनके नजर नहीं आने से दुर्घटना घट जाती है।

हाईवे पर ऐसे कई चिह्नित पाइंट हैं, जहां पर ट्रक चालकों की मनमर्जी पार्किंग हादसों का सबब बन रही है। रात के समय में तो ट्रक दिखाई नहीं देने के काराण कई बार दुर्घटना हो चुकी है। इस गंभीर समस्या को लेकर हाईवे के आसपास रहने वाले ग्रामीण कई बार पुलिस से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया।

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