बालिका गृहकांड: 34 बच्चियों की जिंदगी नर्क बनाने वाले ये हैं वो 12 गुनाहगार, सामने आए इन दरिंदों की घिनौनी करतूतों के सबूत / बालिका गृहकांड: 34 बच्चियों की जिंदगी नर्क बनाने वाले ये हैं वो 12 गुनाहगार, सामने आए इन दरिंदों की घिनौनी करतूतों के सबूत

Dainikbhaskar.com

Jan 07, 2019, 01:29 PM IST

मुजफ्फरपुर न्यूज: होमोसेक्स के लिए बच्चियों को करती थी मजबूर, मना करने पर मिलती थी ये सजा

गृहकांड के खुलासे के बाद बच्चि गृहकांड के खुलासे के बाद बच्चि

मुजफ्फरपुर (बिहार). शेल्टर होम कांड के 21 आरोपितों पर दायर CBI की चार्जशीट से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यहां से जब्त ग्रे रंग की बेड शीट व कपड़ों की जब मुजफ्फरपुर की FSL यूनिट से जांच कराई गई, तो उसमें सिमेन और खून के धब्बे मिले। जिससे साफ है कि शेल्टर होम के घिनौने सच के सबूत सामने आ गए हैं। चार्जशीट के मुताबिक, इस जुर्म में एक पूरा नेक्सस काम करता था। जिसका मास्टरमाइड और कोई नहीं बल्कि शेल्टर होम का संचालक ब्रजेश ठाकुर था। आइए जानते हैं 34 बच्चियों की जिंदगी नर्क बनाने वाले उन 12 दरिंदों और उनकी घिनौनी करतूतों के बारे में।

1. ब्रजेश ठाकुर

शेल्टर होम का मुख्य कर्ता-धर्ता था। ब्रजेश पर 29 लड़कियों ने यौन हिंसा, दुष्कर्म और मारपीट समेत अन्य यातना के आरोप लगाए गए हैं। कुछ का कहना है कि ब्रजेश ने ही शेल्टर होम की तीन लड़कियों की हत्या की थी।

2. शाइस्ता परवीन उर्फ मधु

ब्रजेश की राजदार है। सेवा संकल्प एवं विकास समिति के कार्यों को मैनेज करती थी। किशोरियों को सेक्स की शिक्षा देती थी और इसके लिए धमकियां भी। इनकार करने वाली बच्चियों को नमक रोटी खिलवाती थी।

3. दिलीप वर्मा

बाल कल्याण समिति का अध्यक्ष था। अकसर शेल्टर होम में किशोरियों की काउंसलिंग के नाम पर उनके साथ दुष्कर्म करता था। ब्रजेश के साथ पूरे घिनौने कृत्य में यह भी शामिल था।

4. रोजी रानी

बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक थी। अकसर शेल्टर होम जाती थी। लड़कियां जब उससे शेल्टर होम में होने वाले यौन शोषण, दुष्कर्म और प्रताड़ना की शिकायत करती, तो वह फरियाद को दबा देती थी।

5. रवि रौशन

जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी था। लड़कियों के संरक्षण की जिम्मेदारी थी। उसने भी ब्रजेश, दिलीप वर्मा, गुड्डू आदि आरोपियों की तरह बच्चियों से दुष्कर्म किया है।

6. रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर साहब

'प्रात: कमल' अखबार और ब्रजेश के होटल का मैनेजर है। ब्रजेश के साथ यह भी लड़कियों की यौन हिंसा में शामिल है। उन्हें पीटता था और गंदी नजर से देखता था और यौन शोषण करता था।

7. डॉ. अश्विनी कुमार

लड़कियों को नशीली व बेहोशी की सूई लगाता था। शराब लाता था और रात में लड़कियों से डांस करवाने के बाद गलत काम करता था।

8.विक्की

ब्रजेश की राजदार मधु का भतीजा है। यह भी रात में शेल्टर होम पहुंचता था और किशोरियों से यौन हिंसा करता था।

9. इंदू कुमारी

शेल्टर होम की अधीक्षिका थी। बच्चियों का आरोप है कि वह उन्हें होमोसेक्स के लिए मजबूर करती थी। रेप की शिकायत करने वाली लड़कियों को पीटती थी।

10. मीनू देवी

शेल्टर होम में गृह माता थी। बच्चियों को घर जैसा माहौल देना इसकी जिम्मेदारी थी। लेकिन वो उन्हें नशीली दवाएं देती थी। इससे किशोरियों को रात में हुए दुष्कर्म का पता सुबह चलता था।

11. नेहा कुमारी

शेल्टर होम में नर्स के पद पर कार्यरत थी। किशोरियों को डंडे से पीटती थी। दुष्कर्म में आरोपितों को सहयोग करती थी।

12. किरण कुमारी

शेल्टर होम में हेल्पर थी। इसका काम गृह माता को सहयोग करना था। किशोरियों ने इस पर यौन प्रताड़ना का आरोप लगाया है। किशोरियों से मारपीट करती थी। जबर्दस्ती दुष्कर्म के लिए किशोरियों को कमरे में भेजती थी।

ऐसे हुआ था इस 'नर्कलोक' का खुलासा

मुंबई की टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की 'कोशिश' टीम की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में यह मामला सामने आया था। 28 मई, 2018 को FIR दर्ज हुई। इसके बाद शेल्टर होम से 46 नाबालिग लड़कियों को 31 मई को मुक्त कराया गया।

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