बालिका गृह की पीड़िताओं का दर्द / पुलिस और सीबीआई को सभी ने बताया था कि उनके साथ दरिंदगी की इंतहा हुई

मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह में बच्चियों के साथ अत्याचार होता था। (फाइल फोटो) मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह में बच्चियों के साथ अत्याचार होता था। (फाइल फोटो)
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मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह में बच्चियों के साथ अत्याचार होता था। (फाइल फोटो)मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह में बच्चियों के साथ अत्याचार होता था। (फाइल फोटो)

  • ब्रजेश, बालिका गृह के स्टाफ और सीडब्ल्यूसी के सदस्य सहित अन्य लोग रात में पहुंचते थे
  • किशोरियों को छोटे-छोटे कपड़े पहनाकर अश्लील गानों पर डांस के लिए मजबूर करते और इनकार करने पर उन्हें मारा पीटा जाता था

दैनिक भास्कर

Feb 12, 2020, 10:33 AM IST

मुजफ्फरपुर.  बालिका गृह में रोज ब्रजेश ठाकुर की महफिल सजती थी। ब्रजेश, बालिका गृह के स्टाफ और सीडब्ल्यूसी के सदस्य सहित अन्य लोग रात में पहुंचते थे। किशोरियों को छोटे-छोटे कपड़े पहनाकर अश्लील गानों पर डांस के लिए मजबूर करते और इनकार करने पर उन्हें मारा पीटा जाता था। पूरी चार्जशीट भास्कर को मिली। इसमें 33 किशोरियों समेत 102 लोगों की गवाही दर्ज है। सीबीआई की चार्जशीट भी पुलिस की चार्जशीट के पैटर्न पर ही है।

1. बालिका गृह में रहते थे तो ब्रजेश कुमार मेरे इज्जत से खिलवाड़ करने का कोशिश किया पर मैं भाग गई। मेरे शोर मचाने पर बाकी लड़कियां भी भागी। मुझे स्टेशन से उठाकर ले गए। बालिका गृह में मुझे नशा की दवा खिलाई जाती थी। जब होश आया तो देखे की सारा कपड़ा खुला हुआ है।

2. मैं समझकर अपना बयान दे रही हूं। मेरे साथ गलत नहीं हुआ है। चंदा बहुत मारती थी। मार-मार कर शरीर पर छाप बना देती थी। किचन में काम करने के लिए बोलती थी और खाना भी बहुत कम देती थी। कपड़ा और चप्पल तक नहीं देते थे।

3. मुजफ्फरपुर होम में हेड सर सपना नाम की एक लड़की को मारते थे। चंदा अंटी लोहा के रॉड से मुझे मारती थी और किरण अंटी भी मारती थी। हेड सर बुरा काम करने की कोशिश करते थे। गलत गुप्त अंग पर हेड सर मारते थे। सीने पर और नीचे भी।

4. मैं 25 मई को मुजफ्फरपुर होम में आई। मेरे साथ मुजफ्फरपुर कोई गलत काम नहीं हुआ। अन्य लड़कियों से गलत काम हुआ है। वहां की लड़कियों ने बताई कि रौशन सर और विकास सर गलत काम करते हैं।

5. मैं मुजफ्फरपुर होम में सिर्फ आठ दिन रही हूं। चंदा आंटी सबको बहुत मारती थी। मेरे साथ कुछ गलत नहीं हुआ है। बाकी लड़कियों के साथ गलत हुआ। 

6 व 7. मुजफ्फरपुर होम में गलत काम होता है। रौशन और ब्रजेश कुमार गलत काम करते थे। मुझे चंदा अंटी ने जांघ पर मारा। मेरे साथ भी जबर्दस्ती होती थी। ब्रजेश सर नीचे ऑफिस में ले जाते थे और गलत तरीके से गंदे जगहों पर नोचते थे। 8. यह न बोल सकती है और नहीं सुन सकती है। 

9. जिस दिन घर से निकली उसी दिन स्टेशन पर अटक गई। मुझे पुलिस मुजफ‌फरपुर होम में ले गई। होम में रूम बंद करके रख देते थे। एक दीदी के साथ गलत काम हुआ है।

10. 25 मई 2018 को होम में आई थी। डंडे से मारकर चंदा आंटी ने किचन में रोटी बनाने के लिए कहा। पुरानी लड़कियों ने बताया कि होम में सर लोग बहुत गलत काम करते हैं।

11. मुझे झाड़ू-पोंछा और किचन में काम के लिए चंदा आंटी, मीनू आंटी और किरण आंटी मारती थी। एक लड़की के साथ ब्रजेश सर ने गलत काम किया।

12. चंदा आंटी मारती थी। जबर्दस्ती झाड़ू-पोंछा करवाती थी। मेरे साथ गलत काम नहीं हुआ है।

13. मैं मुजफ्फरपुर होम में 13 मई 18 को गई थी। वहां का माहौल बहुत खराब है। क्योंकि मैं मुम्बई से आई थी। चंदा आंटी किचन में काम करने के लिए मारती थी। बाकी लड़कियां बताती थीं कि सर लोग गलत काम करते थे।

14. मुजफ्फरपुर होम में मेरे साथ गलत नहीं है। मुझे पता है कि बाकी लड़कियों के साथ गलत काम होता था।

15. देख-रेख करने वाली आंटी बहुत मारती थी। रोटी नहीं बनाने के लिए मुझे मारती थी। बालिका गृह में आने वाले दो व्यक्ति का फोटो देखकर कहा मुझे जोर से दबाकर सोता था।

16. करीब दो वर्षों से बालिका गृह में रहती हूं। बच्चियों के साथ यहां गलत काम होता था। किरण आंटी बच्चियों के साथ गलत अवस्था में सोया करती थी। जबर्दस्ती बच्चियों को दूसरे कमरे में ले जाकर गलत काम करवाती थी। 

17. काफी दिन से होम में हूं। किरण गंदा काम करने के लिए बोलती थी। लेकिन मार खाने के डर से कुछ नहीं बाल पाते थे।

18. बालिका गृह में कई वर्षों से रह रही थी। किरण आंटी बालिका गृह में बच्चियों से गलत काम करती और करवाती थी। बड़ी बच्चियों के साथ नग्न अवस्था में सोती थी।

19. बालिका गृह में करीब एक वर्ष से रह रही थी। जब ज्यादा खाना मांगते थे तो चंदा आंटी गर्म पानी पीठ पर डाल देती थी। गर्म छोलनी से मारती थी। चंदा आंटी रात में सीना पकड़कर सोती थी।

20. बालिका गृह में कई वर्षों से रह रही थी। किरण आंटी नग्न अवस्था में सुलाती थी। जबर्दस्ती दूसरे कमरे में ले जाकर दूसरे लोग से गलत काम करवाती थी। विरोध करने पर गाली गलौज और मारपीट किया जाता था। चंदा आंटी ने गर्म पानी फेंक कर जला दिया था।

21. बालिका गृह में करीब चार वर्ष से रह रही हूं। यहां गलत काम होता था। एक बच्ची ने विरोध किया तो उसे मार दिया गया। टंकी के पास में दफन कर दिया गया। 

22. मेरे साथ कोई गंदा काम नहीं हुआ लेकिन अन्य लड़कियों के साथ यहां गंदा काम होता था। एक वर्ष से यहा रह रही हूं। 

23. दो वर्ष से बालिका गृह में रह रही हूं। किरण आंटी बच्चियों की देखभाल करती थी। मेरे साथ कुछ नहीं हुआ है।

24. ब्रजेश सर छत पर ले जाकर कपड़े खोलकर मारते थे। एक वर्ष से बालिका गृह में रहती थी। 

25. मेरे साथ गंदा काम नहीं किया, लेकिन बड़ी दीदी बताती थी कि उनके साथ गलत काम हुआ है। 

26. जब से बालिका गृह में आई तब से ब्रजेश सर ने मेरे साथ कई बार गलत काम किया। इसमें सभी स्टाफ की मिलीभगत थी। 

27. बालिका गृह में अक्सर नींद की गोली मिलाकर दे दिया जाता था। सुबह नींद खुलने पर पेट के नीचे में काफी दर्द होता था। 

28. बालिका गृह में एक साल से रहती थी। स्टेशन से पकड़कर पुलिस ने बालिका गृह भेज दिया। वहां किरण आंटी बहुत खराब औरत है। रात में खाना के बाद बेहोशी की दवा खिलाती थी, कीड़ा की दवा बोलकर। किरण आंटी रात में बच्ची लोग के साथ कपड़ा खोलकर सोती थी। 

29. बालिका गृह में कब से रही यह याद नहीं। दिल्ली स्थित घर से भाग गई थी। पुलिस होम में डाल दी। मीनू आंटी दवा खिलाती थी तो नींद आ जाती थी। सुबह उठने पर कुछ पता नहीं चलता था। 

30. मेरे माता-पिता मर चुके हैं। पुलिस ने बालिका गृह में भेजा। किरण आंटी और मीनू आंटी कीड़ा की दवा बोलकर बेहोशी की दवा देती थी। सुबह उठते थे तो देह में बहुत दर्द होता था। ब्रजेश सर पेट के नीचे मारते थे।

31. बालिका गृह में बहुत दिनों से रह रही हूं। बेहोशी की दवा खिलाया जाता था। नींद में गलत काम होता था। हेड सर मारे थे। उनका नाम नहीं पता। लंबे से थे। बड़ा पेट था।

32. सीतामढ़ी में एक घर में काम करती थी। वहां से पुलिस पकड़कर ले आई और बालिका गृह में रख दिया। किरण आंटी जबर्दस्ती बेहोशी की दवा देती थी। हेड सर लंबे और उनका बड़ा पेट था। बाथरूम में गई तो बच्ची नीलम को देखी। उसको फांसी लगाकर मार दिया गया था।

33. नाना-नानी घर से निकाल दिए तो ट्रेन पर बैठ गई। रास्ता भूल गई तो पुलिस अंकल ने होम में डाल दिया। वहां पर रात में मीनू आंटी दवा देती थी। सुबह पेट के नीचे दर्द होता था।

(1 से 33 तक दर्ज ये अंक पुलिस व सीबीआई ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में पीड़िताओं के लिए उपयोग किया है।)

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