पीजी की मेरिट लिस्ट में 50% वाले का नाम; 77% वाले बाहर, प्राेवीसी को घेरा

2 वर्ष पहले
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बीअारए बिहार विश्वविद्यालय के पीजी की मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी सामने अाई है। 50 प्रतिशत वाले छात्राें के नाम मेरिट लिस्ट में हैं, जबकि 77 प्रतिशत वाले स्टूडेंट्स इससे बाहर हैं। पहली बार अाॅनलाइन अावेदन में तकनीकी कारणाें से गड़बड़ी का अाराेप लगाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शनिवार काे नामांकन समिति की बैठक में पहुंचकर जमकर हंगामा किया। घेराव कर रहे प्रदर्शनकारी छात्राें, प्रतिकुलपति व सीसीडीसी के बीच नाेकझाेंक भी हुई। छात्र दाेपहर बाद विवि पहुंचे थे, उस समय प्रतिकुलपति कार्यालय में बैठक चल रही थी। सुरक्षा कर्मियाें की माैजूदगी के बावजूद छात्र नारेबाजी करते हुए विवि कार्यालय में घुस गए। छात्राें का कहना था कि बिना तैयारी के अाॅनलाइन अावेदन लेने के कारण काफी गड़बड़ियां हुई हैं। इसके कारण प्रतिभावान छात्राें का नाम मेरिट लिस्ट में नहीं अा सका है। कर्ई विद्यार्थियाें का चालान कट गया, लेकिन तकनीकी कारणाें से फाॅर्म सबमिट नहीं हाे सका। अच्छे अंक हाेने के बाद भी कर्ई छात्राें के नाम मेरिट लिस्ट से गायब हैं। यह मेधावी छात्राें के साथ अन्याय है। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन मंत्री पुरुषाेत्तम कुमार, विवि अध्यक्ष पुष्कर सिंह, विवि मंत्री धीरज सिंह, जिला संयाेजक प्रभात मिश्रा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चंद्रभानु सिंह, महानगर मंत्री अाशुताेष कुमार, सह मंत्री दीपांकर गिरी, संताेष सिंह अादि कर रहे थे।

प्रति कुलपति से बात करते हुए विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी।

ये हैं छात्राें की प्रमुख मांगें
अाॅनलाइन व्यवस्था काे दुरुस्त किया जाए, इसके बाद नामांकन हाे।

मेरिट लिस्ट में हुई गड़बड़ी में जल्द से जल्द सुधार हाे।

सभी विभागाें में कंप्यूटर अाॅपरेटर्स की व्यवस्था हाे।

विभागाें में दाखिले काे लेकर बनी गाइडलाइन की काॅपी भेजी जाए।

एनएसएस, एनसीसी स्पाेर्ट्स काेटा के अाधार पर भी दाखिला हाे।

राजभवन के निर्देशानुसार इच्छा अनुसार विषय चयन की प्रक्रिया हाे।

छात्राें के अावेदन काे देखते हुए पीजी की सीटें बढ़ाई जाएं।

चाॅइस सब्जेक्ट का अाॅप्शन नहीं

राजभवन ने इस बार चाॅइस सब्जेक्ट में दाखिले का भी अादेश दिया था। छात्राें का अाराेप है कि फाॅर्म में इसका अाॅप्शन ही नहीं दिया गया। इसके कारण छात्र अपने पसंदीदा विषय का चयन नहीं कर सके। काेर्ई उचित गाइडलाइन भी पीजी विभागाें में नहीं भेजी गई।

तीन-चार विभागाें में कंप्यूटर अाॅपरेटर

छात्राें ने प्रदर्शन के बाद पीजी विभागाें का भी घूम-घूमकर निरीक्षण किया। दाखिले की प्रक्रिया देखने के बाद कहा, तीन-चार विभागाें में कंप्यूटर अाॅपरेटर काम करते दिखे। कहीं मेरिट लिस्ट नहीं पहुंची है ताे कहीं कंप्यूटर अाॅपरेटर नहीं हाेने से छात्राें काे परेशानी हाे रही है।

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