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लोकभाषा की धाराएं मिल कर ही राष्ट्रभाषा हिंदी को समृद्ध बनाती है : डॉ. भगवानलाल

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 04:16 AM IST

Muzaffarpur News - पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष डॉ भगवान लाल सहनी ने कहा कि तिरहुत साहित्य उत्सव हमारे क्षेत्रीय भाषाई संस्कृति का आइना...

Muzaffarpur News - national language enrichs hindi with the charter of official language dr bhagal lal
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पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष डॉ भगवान लाल सहनी ने कहा कि तिरहुत साहित्य उत्सव हमारे क्षेत्रीय भाषाई संस्कृति का आइना है। लोकभाषा की धारा ही मिल कर राष्ट्रभाषा हिंदी को समृद्ध बनाती है। वह शनिवार को लंगट सिंह महाविद्यालय में दो दिवसीय तिरहुत साहित्य उत्सव 2019 के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रकवि दिनकर अकादमी, लंगट सिंह कॉलेज और भारतीय युवा रचनाकार मंच के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। एलएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ ओपी राय ने कहा कि एलएस कॉलेज ने राष्ट्र को दिनकर समेत कई विभूतियां दी हैं। तिरहुत साहित्य महोत्सव बिहार में साहित्य युग की नई शुरूआत है। एलएस कॉलेज सभागार में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं इसके बाद लोकगायिका इंदुबाला शर्मा, महेश्वर चौधरी और ममता बनर्जी ने देशभक्ति के गीतों से श्रोताओं का मनोरंजन किया। कार्यक्रम में बीआरएबीयू के पूर्व कुलपति प्रो. पीके राय, कामेश्वर सिंह संस्कृत विवि के पूर्व कुलसचिव डॉ देवेंद्र कुमार, दिनकर अकादमी के निदेशक आचार्य चंद्रकिशोर पराशर ने कार्यक्रम समेत मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। साहित्योत्सव के दूसरे सत्र में डॉ शैलेंद्र शर्मा त्यागी की अध्यक्षता में बिहार की आंचलिक भाषाएं : दशा और दिशा पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें बज्जिका साहित्यकार डॉ रामविलास, डॉ जयकांत सिंह जय समेत अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। समारोह के अंतिम सत्र में कवि तेजनारायण ठाकुर की अध्यक्षता में लोकभाषा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें डॉ रामविलास,शुभनारायण शुभंकर, राम उचित पासवान, ठाकुर विनय शर्मा, देवेंद्र कुमार, संजय गर्ग, उमेश राज, अभय कुमार, डॉ जयकांत सिंह जय, अभिनव सागर, धीरज कुमार समेत अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। यह जानकारी देते हुए आचार्य चंद्रकिशोर पराशर ने कहा कि तिरहुत साहित्य उत्सव के दूसरे दिन शहर कुछ कहता है विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। वहीं वैश्विक फलक पर हिंदी की विकास यात्रा पर व्याख्यान होगा। कार्यक्रम के आखिर में फूलों की होली होगी।

गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष।

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