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बौद्धकालीन मूल्यों को संरक्षित करने की जरूरत : प्रो. अभिषेक

3 वर्ष पहले
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राजेन्द्र प्रसाद मेमोरियल लेक्चर में अपनी बातें रखते हुए न्यूयार्क यूनिवर्सिटी से आए प्रो. अभिषेक सिंह अमर। इधर, उपस्थित प्राध्यापक और स्टूडेंट्स।

सिटी रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर

न्यूयार्क यूनिवर्सिटी यूएसए के हेमिल्टन कॉलेज के प्रो. अभिषेक सिंह अमर ने कहा कि बौद्धकालीन मूल्यों को संरक्षित करने के लिए समतामूलक पहल की आवश्यकता है। वर्तमान समय में भी बौद्ध धर्म की प्रासंगिकता बनी हुई है। प्रो. अभिषेक गुरुवार को एलएस कॉलेज में इतिहास विभाग की ओर से प्री-मॉडर्न इंडिया में बुद्धिज्म विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि तमाम प्रकार के वाद-विवाद और पूर्वाग्रह से मुक्त होकर सामाजिक समरसता के प्रश्न ज्वलंत बने हुए हैं। बौद्ध धर्म के पतन को लेकर व्याप्त भ्रांतियों एवं सतत इतिहास लेखन की प्रासंगिकता को नए साक्ष्य के संदर्भ में समीक्षा करने की जरूरत है। बौद्ध धर्म के विभिन्न आयाम एवं स्राेतों का उल्लेख सम-सामयिक लेखन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. भोजनंदन प्रसाद सिंह ने कहा कि इतिहास मात्र एक कथा वृतांत नहीं है। अनेक विचारधाराओं के बावजूद इतिहास की दृष्टि मानवीय संवेदनाओं से संबद्ध होती है। अध्यक्षता करते हुए इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. गजेन्द्र कुमार ने कहा कि सामाजिक विज्ञान का विषय होते हुए भी इतिहास की धारा और दशा-दिशा प्रगतिशील है। प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश राय ने कहा कि प्रो. अभिषेक विदेशों में भी भारतीय संस्कृति और परंपरा को इतिहास के माध्यम से जीवंत किए हुए हैं। इनके आने से कॉलेज में ग्लोबल एकेडमिक माहौल बना है।

राजेन्द्र प्रसाद मेमोरियल लेक्चर में पुरस्कृत हुए छात्र
दूसरे सत्र में कला संस्कृति विभाग की ओर से क्विज का आयोजन किया गया। इसमें असीम कुमार, अभेदय आनंद को पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन डॉ. पुष्पा कुमारी एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विजय कुमार ने किया। मौके पर डॉ. मनेन्द्र कुमार, अनिल कुमार सिंह, संजीव मिश्रा, एसआर चतुर्वेदी, एसके मुकुल, ललित किशोर, शिवदीपक शर्मा आदि मौजूद थे।

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