हे भगवान भास्कर! कोरोना को दूर कर हमें सुख और समृद्धि देते रहना

Muzaffarpur News - आस्था के महापर्व चैती छठ के तीसरे दिन सोमवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को व्रतियाें ने अर्घ्य दिया। शहर से लेकर...

Mar 31, 2020, 07:40 AM IST

आस्था के महापर्व चैती छठ के तीसरे दिन सोमवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को व्रतियाें ने अर्घ्य दिया। शहर से लेकर गांव तक कुछ घाटाें पर व घर-घर भगवान सूर्य की आराधना की गई। व्रतियाें ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार, समाज और देश की उन्नति की कामना की। मंगलवार की सुबह उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ ही इस 4 दिवसीय महापर्व का समापन हो जाएगा। उधर, जिन घरों में छठ व्रत रखा गया था, उन घराें में महापर्व के तीसरे दिन सोमवार काे सुबह से ही साफ-सफाई से लेकर दरवाजे या छत पर घाट बनाने का काम हाेने लगा।

आश्रमघाट और अखाड़ाघाट में भी छठ पूजा, पर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान

अस्ताचलगामी सूर्य से हाथ जोड़कर सुख-समृद्धि की कामना करते श्रद्धालु।

अांबेडकर नगर में घर पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देतीं व्रती।

भगवान भास्कर को अर्घ्य देती व्रती।

व्रती महिलाअाें ने मिट्टी के चूल्हे पर छठी मैया को प्रसाद अर्पित करने के लिए ठेकुआ व अन्य प्रसाद बनाए। इसके बाद दौरा में सजाकर घाट पर ले जाया गया। वहां अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर धन्य-धान्य, अखंड सौभाग्य और सुख-शांति की कामना की। व्रती के साथ परिवार के अन्य लोगाें ने भी भगवान भास्कर से खुशहाली की कामना की। शाम में घर पर कोसी भी भरा गया। मंगलवार सुबह में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ इस पर्व का समापन हो जाएगा। उधर, कुछ परिवाराें ने आश्रमघाट और अखाड़ाघाट में भी छठ व्रत किया।

मुशहरी के रोहुआ में छठ पूजा करतीं महिलाएं।

भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के बाद प्रणाम करतीं व्रती महिलाएं।

ब्राम्हणटाेली में कठरे में पानी रख छठ पूजा करतीं महिलाएं।

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