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सुनवाई / मुजफ्फरपुर बालिका गृह के भवन को तोड़ने का आदेश



Order to break the building of Muzaffarpur Balika Ghar
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Order to break the building of Muzaffarpur Balika Ghar

  • बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन, नक्शा एक तल का पास, बना तीन मंजिल
  • एक माह का अल्टीमेटम, मकान मालिक नहीं तोड़ेंगे तो नगर निगम ढाह देगा

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 04:32 AM IST

मुजफ्फरपुर. बिल्डिंग बायलॉज के खिलाफ बने बालिका गृह के भवन को ध्वस्त करने का शनिवार को नगर आयुक्त ने आदेश दे दिया। भवन का नक्शा जी प्लस वन का पास था, जबकि भवन जी प्लस 3 की ऊंचाई का बना है। इस तरह पूरे भवन को ही अवैध मानते हुए उसे तोड़ देने का आदेश जारी कर दिया गया है।  

 

नगर निगम के नोटिस पर ब्रजेश ठाकुर के वकील ने शनिवार को नगर आयुक्त के सामने नक्शा पेश करते हुए पक्ष रखा। एमआरडीए से भवन का नक्शा जी प्लस वन  पारित है। नगर आयुक्त ने इसे बिल्डिंग बायलॉज के खिलाफ बताते हुए एक महीना के भीतर तोड़ लेने का आदेश दिया है। इस अवधि में मकान मालिक अगर भवन को नहीं तोड़ेंगे तो इसे निगम तोड़ेगा। इसका सारा खर्च मकान मालिक से वसूल किया जाएगा।

 

इस भवन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सवाल उठा था। कहा गया था कि बालिका गृह का भवन जेल से भी बदतर है। इसके बाद कोर्ट ने आदेश पारित किया। कोर्ट के आदेश पर निगम ने ब्रजेश ठाकुर को नोटिस जारी किया। जवाब नहीं मिलने पर निगम ने भवन पर नोटिस चिपकाया था। तब ब्रजेश की मां ने नक्शा पेश करने के लिए 30 दिनों की मोहलत मांगी थी। नगर आयुक्त ने 10 नवंबर की तिथि निर्धारित करते हुए नोटिस दिया था कि इस अवधि में नक्शा पेश नहीं किया गया, तो भवन तोड़ने का आदेश जारी कर दिया जाएगा।

 

अवैध भवन में बालिका गृह की अनुमति देने वाले भी फंसेंगे : बिल्डिंग बायलॉज के खिलाफ अवैध ढंग से बने भवन में बालिका गृह चलाने की अनुमति देने वाले समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी अब लपेटे में आएंगे। इससे स्पष्ट हो गया है कि इस भवन की जांच के बगैर ही कागजात पर बालिका गृह चलाने की अनुमति दे दी गई है। सीबीआई के अधिकारी इस दिशा में भी अपनी जांच का दायरा आगे बढ़ाएंगे। 2013 से बालिका गृह का संचालन ब्रजेश ठाकुर के प्रातः कमल प्रेस वाली बिल्डिंग में किया जा रहा है। वहीं, बालिका गृह को तोड़ने से जांच पर कोई असर पड़ेगा या नहीं इसको लेकर भी नगर निगम ने सीबीआई से मंतव्य मांगा है। सीबीआई से इस संदर्भ में अनापत्ति व रजामंदी ली जाएगी।

 

पदधारकों की संपत्ति जब्त करने पर सुनवाई : बालिका गृह का संचालन करने वाली सेवा संकल्प एवं विकास समिति के पदधारकों की चल एवं अचल संपत्ति को जब्त करने के मामले की शनिवार को जिला दंडाधिकारी की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान संस्था के सभी पदधारकों ने वकीलों के माध्यम से संबंधित सीओ द्वारा उपलब्ध कराई गई चल एवं अचल संपत्ति को अपने नाम पर नहीं होने की जानकारी दी।

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