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प्रतिभागियों ने सीखा रोबोट चलाना

3 वर्ष पहले
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एजुकेशन रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर

रोबोटिक्स पर कार्यशाला के बाद संस्थानों में लैब की स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है। राजकीय महिला पॉलीटेक्निक में हुई दो दिवसीय कार्यशाला के अाखिरी दिन गुरुवार को प्रशिक्षण पाने के बाद संस्थानों के प्राचार्यों ने यह निर्णय लिया। मुजफ्फरपुर समेत बिहार के 21 तकनीकी संस्थानों में रोबोटिक्स लैब स्थापित की जाएगी। कार्यशाला में संस्थानों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधियों को ई-यंत्रा के बारे में जानकारी देने के साथ ही लैब स्थापना के लिए किट भी दिए गए। इसकी सहायता से लैब स्थापित की जाएगी। इस बीच, कार्यशाला के दूसरे दिन 81 प्रशिक्षणार्थियों ने रोबोट चलाना, घुमाना, रोबोट पर नाम लिखना, मोटर कंट्रोल, एलईडी, साउंड कंट्रोल, पावर कंट्रोल करना सीखा। वहीं, हाईलाइटर, पीपीटी, संबंधित सॉफ्टवेयर का प्रैक्टिकल भी कराया गया। एमआईटी के प्राचार्य डॉ. जगदानंद झा ने कहा कि प्राध्यापकों को प्रशिक्षण मिलने से वे अपने संस्थान में इस तरह की प्रयोगशाला खोल सकेंगे। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल करने से कई कठिन कार्यों को कम समय में सहजता के साथ पूरा किया जा रहा है। संस्थानों में इस पर काम होने से मानव मशीन की ओर रुझान बढ़ेगा। प्रतिभागियों की मांग पर प्राचार्य वरुण कुमार राय ने आईआईटी बांबे के प्रो. कवि आर्या से शीघ्र रीयल रोबोट पर वर्कशॉप कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राध्यापकों में रोबोट के प्रति जागरुकता बढ़ी है। 2020 तक 1000 शिक्षण संस्थानों में रोबोटिक्स लैब स्थापित किए जाने हैं। अब तक 24 राज्यों में 317 संस्थानों में ही प्रयोगशाला स्थापित हुई है। इस मौके पर डॉ. सुमंगला झा, डॉ. मोनालिसा, डॉ. प्रकाश कुमार सिंह, प्रो. नीता शर्मा, डॉ. कुमारी शैलबाला, प्रो. अतुल कुमार गुप्ता, प्रो. कुमारी बॉबी, अंशुमन, विशाल रंजन, निशि गंधा, अनुपम, प्रियंका आदि ने भी विचार रखे।

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