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एसकेएमसीएच अाइसाेलेशन वार्ड में पीजी स्टूडेंट कर रहे ड्यूटी, फॉर्मेट पर हस्ताक्षर को रुका रहता सैंपल

एक वर्ष पहले
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एसकेएमसीएच में काेराेना वायरस काे लेकर बने अाइसाेलेशन वार्ड में संदिग्धाें का इलाज पीजी स्टूडेंट कर रहे हैं। यूं ताे इसके लिए वार्ड प्रभारी की नियुक्ति की गई है, लेकिन शनिवार काे वे दिनभर वार्ड में नहीं दिखे। उनके सहायक के रूप में प्रतिनियुक्त पीजी स्टूडेंट वीर रंजन चिरंजीवी अाैर माइक्राेबायाेेलाॅजी विभाग के रिसर्च सहायक मनीष कुमार तैनात थे। इन दाेनाें का जीएनएम करुणानिधि सहयाेग कर रही थीं। इसी बीच दिल्ली से लाैटे सीतामढ़ी के बेलसंड के एक युवक के जांच के लिए पहुंचने पर हड़कंप मच गया। पीजी स्टूडेंट डाॅ. वीर रंजन चिरंजीवी ने उसकी नाक अाैर अाेठ के स्वाॅब का सैंपल लिया। फिर उसे सुरक्षित व संक्रमणमुक्त तरीके से पैक कर पटना स्थित अारएमअाई में भेजा गया।

उक्त युवक काेराना वायरस का 14वां संदिग्ध बताया गया है। एसकेएमसीएच में अाइसाेलेशन वार्ड भीड़-भाड़ से अलग बनाया गया है। अाेपीडी से करीब अाधा किमी दूर 3 कमराें में 10-10 बेड का यह वार्ड है। हालांकि, इस वार्ड में किसी संदिग्ध काे भर्ती नहीं किया जा रहा है। संदिग्ध के अाने पर सैंपल लेने के बाद छाेड़ दिया जा रहा है। जिस किट से संदिग्ध का सैंपल लिया जा रहा है उस प्रति किट की कीमत 35 हजार रुपए बताई गई है। एक सैंपल लेने के बाद उसे डिस्ट्राॅय कर दिया जाता है। किट पूरी तरह संक्रमणमुक्त है।

अभियान के लिए 32 एंबुलेंस समेत 53 वाहन

सिविल सर्जन ने शनिवार को डब्ल्यूएचअाे की टीम व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियाें के साथ बैठक की। निर्णय लिया गया कि 32 एंबुलेंस व अारबीएसके के 21 वाहनाें में स्पीकर लगा प्रचार अभियान अाैर तेज किया जाएगा। अाशा व अांगनबाड़ी सेविकाएं घर-घर जाकर बुखार व खांसी पीड़ित-प्रभाविताें काे ढूंढेंगी। किसी संदिग्ध के मिलने पर अस्पताल भेजेंगी।

सदर अस्पताल में भी खुला 5 बेड का वार्ड

काेराेना काे लेकर सदर अस्पताल में भी 5 बेड का वार्ड खाेला गया है। सिविल सर्जन के अनुसार जरूरत पड़ने पर इसी को अाइसाेलेेशन वार्ड में तब्दील कर दिया जाएगा। वैसे एसडीअाे पूर्वी कुंदन कुमार ने दिन में निरीक्षण किया ताे जरूरी सामग्री भी नहीं देखी। उन्होंने कर्मचारियाें काे फटकार लगाई। उनके निर्देश पर शाम में वार्ड में वेंटिलेटर, जरूरी दवाएं और अन्य सामान रखे गए।

दाेस्त की शादी में 1 मार्च काे गया था दिल्ली वहां विदेश से आए कई लोगों से हुई थी भेंट

काेराेना का उक्त संदिग्ध युवक अपने दाेस्त की शादी में शामिल हाेने के लिए बीते 1 मार्च काे मुजफ्फरपुर से सप्तक्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली गया था। वहां शादी समाराेह में विदेश से अाए कई लाेगाें से मिला। दिल्ली में कई स्थानाें पर घूमा भी। इसके बाद 4 मार्च काे सद्भावना एक्सप्रेस से मुजफ्फरपुर अाया। यहां अाने पर उसे बुखार अाैर खांसी के साथ बदन में दर्द हाेने लगा। पहले ताे कई दिनाें तक घर पर ही इलाज कराया, लेकिन ठीक नहीं हाेने पर पहले सदर अस्पताल पहुंचा। वहां से एंबुलेंस से एसकेएमसीएच भेजा गया। अाइसाेलेशन वार्ड में सैंपल लेने के बाद उसे छाेड़ दिया गया।

सेनेटाइजर लगाकर लिया जाता सैंपल

एसकेएमसीएच पहुंचनेवाले संदिग्ध का सैंपल लेने के दाैरान चिकित्सक और माइक्राेबाॅयाेलाेजी विभाग के सहायक पूरी सावधानी बरत रहे हैं। बताया गया कि किसी प्रकार की चूक न रह जाए, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। चिकित्सक व अन्य स्टाफ सेनेटाइजर हाथ में लगा कर पूरी सावधानी बरतते हैं।

अाइसाेलेशन वार्ड प्रभारी के नहीं रहने से शनिवार काे संदिग्ध युवक का सैंपल अाधा घंटा लेट गया। शाम 4 बजे एक युवक एसकेएमसीएच पहुंचा। उसके स्वाॅब का सैंपल ताे ले लिया गया, लेकिन उसे पटना भेजने के लिए बने फाॅर्मेट पर पीजी स्टूडेंट हस्ताक्षर करना नहीं चाहते थे। बाद में सीनियर्स व वार्ड प्रभारी से बात कर साइन किया। उसके बाद सैंपल काे करीब अाधा घंटा विलंब से कूरियर से पटना भेजा गया।

कोरोना के संदिग्ध मरीजों का सैंपल लेने के लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग के टेक्नीशियन का रोस्टर बनाया गया है। इसके साथ ही एक सीनियर चिकित्सक और एक जूनियर चिकित्सक को लगाया गया है। शनिवार को संदिग्ध मरीज का सैंपल लेने के दौरान सीनियर चिकित्सक के नहीं होने की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी ले रहे हैं।
-डॉ. अमित, नोडल अधिकारी, कोरोना आइसोलेशन वार्ड।

पीओडी ड्यूटी में वार्ड में एसकेएमसीएच के पोस्ट ग्रेजुएट अध्ययनरत छात्र थे। इसलिए उन्हें ही कोरोना के संदिग्ध मरीज की काउंसलिंग के लिए भेजा गया था। वार्ड में जरूरत के अनुसार नोडल अधिकारी को भी बुलाया जाता है। जांच तो टेक्नीशियन करते हैं। एमबीबीएस के बाद पीजी की पढ़ाई होती है। आमतौर पर यह कोई बड़ी बात नहीं है।
-डॉ. सुनील कुमार शाही, अधीक्षक, एसकेएमसीएच।

वार्ड प्रभारी की अनुपस्थिति में ही दिल्ली से लाैटे युवक का सैंपल लेकर भेजा गया पटना

एसकेएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में तैनात डाॅक्टर अाैर कर्मी।
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