कैश लूट के दाैरान हत्या में चाेरी की धारा लगाने पर पिपराकोठी थानेदार हुए सस्पेंड

2 वर्ष पहले
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क्राइम रिपाेर्टर|मुजफ्फरपुर

सीएसपी संचालक से लूट की घटनाएं उत्तर बिहार में थमने का नाम नहीं ले रहीं। सीएसपी संचालक से लूट की घटना काे जब पुलिस हेड क्वार्टर ने गंभीरता से लिया ताे घटनाअाें काे दबाने के लिए चाेरी की धारा में कई थानेदाराें ने प्राथमिकी दर्ज करने का खेल शुरू कर दिया है। पिपराकाेठी थानेदार ने ताे लूट के दाैरान सीएसपी संचालक की हत्या के बावजूद मर्डर के साथ लूट की जगह चाेरी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर दी। तिरहुत डीअाईजी रवींद्र कुमार की मामले में पड़ताल के बाद थानेदार काे सस्पेंड करते हुए विभागीय कार्रवाही चलाने का अादेश दिया है। निलंबित थानेदार पिपराकाेठी से पहले मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा, माेतीपुर व बाेचहां में रह चुके हैं। घटना 18 जून की है। पिपराकाेठी स्टेट बैंक से सीएसपी संचालक बाइक से चला। उसके कंधे पर लटके बैग में कैश के साथ सीएसपी से संबंधित कागजात थे। कुड़िया ब्रिज के पहले दाे बाइक पर सवार चार अपराधियाें ने सीएसपी संचालक की गाेली मार कर हत्या कर दी। गिराेह बैग लूट कर भाग निकला। थानेदार अभिषेक रंजन ने पुलिसिया झांसे में प्राथमिकी के अावेदन में बैग लूटने की जगह बैग लेने की बात लिखा कर लूट की धारा-392 की जगह चाेरी की धारा 379 लगाई। बाद में घटना में शामिल दाे अपराधियाें की गिरफ्तारी हुई। मामला डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय तक पहुंचने के बाद उन्हाेंने अतिरिक्त प्रभार बेतिया डीअाईजी रवींद्र कुमार काे मामले की जांच की जिम्मेदारी साैंपी। शुक्रवार काे डीअाईजी ने जब पड़ताल शुरू की ताे थानेदार का बहाना ज्यादा समय नहीं चल सका। धारा में हेरफेर का मामला उजागर हाेने के बाद डीअाईजी के अादेश पर माेतिहारी एसपी ने थानेदार काे सस्पेंड किया है। हेडक्वार्टर काे भी अवगत कराया गया है।

ट्रक लूट की घटना की चाेरी में प्राथमिकी : अकेले पिपराकाेठी थानेदार अभिषेक रंजन ने लूट की घटना काे चाेरी में नहीं बदली। अहियापुर में कुछ माह पहले भी लूट के मामले में चाेरी की धारा लगाने का मामला सामने अाया था। सदर थाने में ताे कुछ माह पहले दाे-दाे बार ट्रक लूट की घटना की चाेरी में प्राथमिकी दर्ज हुई। फिर तत्कालीन अाईजी के अादेश पर जांच के बाद चाेरी की धारा काे लूट में बदला गया।

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