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कार्रवाई / डिग्री बगैर एमबीबीएस-एमडी का बोर्ड लगा डॉक्टर की प्रैक्टिस करने पर पुलिस ने पकड़ा



पकड़े गए डाॅक्टर के बारे में सदर अस्पताल में सीएस से जानकारी लेती पुलिस। पकड़े गए डाॅक्टर के बारे में सदर अस्पताल में सीएस से जानकारी लेती पुलिस।
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पकड़े गए डाॅक्टर के बारे में सदर अस्पताल में सीएस से जानकारी लेती पुलिस।पकड़े गए डाॅक्टर के बारे में सदर अस्पताल में सीएस से जानकारी लेती पुलिस।

  • पुलिस ने क्लीनिक में आए मरीजों का भी बयान रिकॉर्ड किया

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2018, 03:16 PM IST

मुजफ्फरपुर.  बोर्ड पर पीजीडी इन फिजिशियन असिस्टेंट की डिग्री और एमबीबीएस एमडी लिख कर जूरन छपरा रोड नं.-4 में प्रैक्टिस करने के आरोप में बुधवार को पुलिस ने एक डॉक्टर को पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस ने क्लीनिक में आए मरीजों का भी बयान रिकॉर्ड किया। साथ ही क्लीनिक से पैड और अन्य कागजात भी जब्त किए। 

 

डॉक्टर को जब पुलिस ने पकड़ा तो गली में लगे बोर्ड को दूसरे डॉक्टर की होने की बात बताकर बचने की कोशिश की। जब पुलिस ने पूछा, इस नाम के दूसरे डॉक्टर की क्लीनिक कहां है। चल कर बताएं तो उन्होंने नजरें झुका लीं। 

 

सर्टिफिकेट के फर्जी होने का संदेह
छापेमारी का नेतृत्व कर रहे नगर डीएसपी मुकुल कुमार रंजन ने बताया कि डॉक्टर ने जो सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया है, उसके भी फर्जी होने का संदेह है। इसकी जांच के लिए सिविल सर्जन को पत्र लिखा गया है। डिग्री की प्रति भेज कर सिविल सर्जन से पूछा गया है कि क्या कोई व्यक्ति इसके आधार पर फिजिशियन की तरह प्रैक्टिस कर सकता है। 

 

दरअसल, डॉक्टर की एक रिश्तेदार ने इस बावत डीजीपी से लेकर एसएसपी तक से शिकायत की थी। इसी आवेदन के आधार पर आईजी सुनील कुमार ने डॉक्टर की डिग्री की जांच का निर्देश नगर डीएसपी व ब्रह्मपुरा थानेदार को दिया था। जिस गली में डॉक्टर की क्लीनिक है, उसी गली में आईजी का सरकारी आवास है। 

 

जांच घर पहुंची पुलिस तो भाग निकले कर्मी 
क्लीनिक में जांच के दौरान मीनापुर की एक महिला मरीज का पुलिस ने बयान लिया। उसने डॉक्टर को चिह्नित करते हुए कहा कि इन्होंने उसे देखा और पर्ची पर दवा लिखी। साथ ही पैथोलॉजिकल जांच कराने के लिए भी कहा है। मरीज ने जिस जांच घर की पर्ची नगर डीएसपी को दी, वहां भी पुलिस टीम पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही जांच घर के कर्मचारी वहां से भाग निकले। आसपास के दवा दुकानदार और क्लीनिक के स्टाफ भी कुछ बताने से कतराते रहे। 

 

फर्जी पैड छपवाकर फंसाने की है साजिश 
आरोपित डॉक्टर ने 3 सितंबर को नगर डीएसपी मुकुल रंजन को आवेदन देकर बताया था कि परीक्षा देकर भारत सरकार के मान्यता प्राप्त संस्थान से फिजिशियन असिस्टेंट का सर्टिफिकेट लिया हूं। इसके आधार पर छोटी-मोटी बीमारियों का प्राथमिक उपचार करता हूं। ब्लड प्रेशर आदि जांच करता हूं।

 

जमीन विवाद में भाई उनके विरुद्ध साजिश रच रहे हैं। प्रेस में उनके नाम की फर्जी पैड छपवाकर और उस पर झूठी डिग्री एमबीबीएस लिखकर और मेरा फोन नंबर भी डाल दिया है। डॉक्टर ने इस आधार पर जांच कर भाई पर कार्रवाई की मांग भी नगर डीएसपी से की थी। मामले में नगर डीएसपी ने कहा कि जांच हो रही है। सब साफ हो जाएगा। 

 

पुलिस के पत्र पर शाम में सीएस ने भेजा जांच दल 
डॉक्टर की डिग्री और उसके आधार पर क्लीनिक संचालित किए जाने की जांच के लिए पुलिस की ओर से सिविल सर्जन को भेजे गए पत्र के आधार पर शाम में सदर अस्पताल से जांच दल ब्रह्मपुरा पहुंची। डॉक्टरों की टीम ने डॉक्टर से उनकी डिग्री और पढ़ाई के संदर्भ में काफी देर तक पूछताछ की। 

 

पट्टीदार और रिश्तेदार से है विवाद, चल रहा केस 
जूरन छपरा में कीमती जमीन को लेकर डॉक्टर का अपने पट्टीदार और रिश्तेदार से विवाद चल रहा है। इसी वजह से काफी दिनों से डॉक्टर के नर्सिंग होम का निर्माण भी रुका पड़ा रहा।

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