पीजी में नामांकन के लिए अॉनलाइन अावेदन की तिथि 20 मार्च तक बढ़ाने की अनुशंसा
काॅलेजाें में अानन-फानन में अंकपत्र पहुंचाए जाने से सैकड़ाें छात्र नहीं कर सके अाॅनलाइन अावेदन
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी में नामांकन से वंचित छात्र-छात्राअाें काे राहत मिल सकती है। नामांकन समिति ने अाॅनलाइन अावेदन की तिथि 20 मार्च तक बढ़ाने की अनुशंसा कुलपति से की है। शुक्रवार काे कुलपति राजभवन गए थे। उनके अाने पर इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। शुक्रवार काे छात्र कल्याण अध्यक्ष डाॅ. अभय कुमार की अध्यक्षता में हुई नामांकन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। दरअसल, पीजी में अाॅनलाइन अावेदन की अाखिरी तिथि 12 मार्च काे ही खत्म हाे गई थी। लेकिन, समय सीमा के अंदर सैकड़ाें छात्र-छात्राएं अावेदन नहीं कर सके। अाॅनलाइन अावेदन के दाैरान स्नातक पार्ट थर्ड का अंक पत्र भी अनिवार्य रूप से अपलाेड करना है। मगर, कई काॅलेजाें में अंक पत्र पहुंचा ही नहीं। काॅलेजाें काे एक माह पहले विवि ने अंक पत्र प्राप्त कर लेने का निर्देश दिया था। कई काॅलेज अंक पत्र ले गए, पर एक दर्जन से अधिक काॅलेजाें ने इंटर अाैर मैट्रिक की परीक्षा हाेने का हवाला देते हुए निर्देश का अनुपालन नहीं किया। वैसे छात्राें के पास यह भी अाॅप्शन था कि वेबसाइट से डिजिटल मार्क्स शीट का प्रिंटआउट निकाल उसे स्कैन कर वे अपलोड कर सकते हैं। लेकिन छात्राें के अनुसार, आवेदन के समय स्कैन अंकपत्र अपलोड नहीं हुअा। स्नातक उत्तीर्ण छात्र राेहित कुमार, राजेश रंजन, रागिनी ने कहा कि अाॅनलाइन अावेदन के सारे प्रयास किए गए। इसमें सफलता नहीं मिली। स्कैन अंक पत्र अपलाेड नहीं हाेने पर उनलाेगाें ने जब विवि से शिकायत की ताे कहा गया कि अंक पत्र शीघ्र काॅलेज चला जाएगा। इस बीच अानन-फानन में थर्ड पार्ट का मार्क्स शीट काॅलेजाें में पहुंचा दिया गया। छात्र कल्याण अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा नियंत्रक से इस संबंध में बात हुई। सभी काॅलेजाें में अंक पत्र पहुंच चुके हैं। कुलपति से 14 से 20 मार्च तक तिथि बढ़ाने का अाग्रह किया गया है। तिथि बढ़ने पर वंचित छात्र भी अावेदन कर सकेंगे। कई छात्राें के पास अंक पत्र है। लेकिन, हाेली के कारण अावेदन नहीं कर सके थे।