आदेश / बालिका गृह कांड में दोषी करार रोजी रानी को किया गया बर्खास्त

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  • जांच में तथ्यों को छिपाने और सरकार को गुमराह करने का आरोप
  • सीबीआई चार महिलाओं समेत 7 से करेगी पूछताछ

दैनिक भास्कर

Feb 29, 2020, 10:07 AM IST

पटना. राज्य सरकार ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में दोषी करार दी गई जिला बाल संरक्षण इकाई की तत्कालीन सहायक निदेशक रोजी रानी को बर्खास्त कर दिया है। शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव दयानिधान पांडेय ने सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। 

15 जून 2018 को रोजी रानी को निलंबित कर दिया गया था। उस पर आरोप है कि मार्च 2014 से मार्च 2017 के बीच अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान अपने निरीक्षण रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर जिले में चल रहे बालिका गृहों में बच्चियों के साथ हिंसा, यौन दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न समेत किसी गंभीर घटना का उल्लेख नहीं किया। इस दौरान रोजी ने सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा संचालित बालिका गृह का 11 बार निरीक्षण किया। लेकिन, अपनी किसी रिपोर्ट में उन्होंने कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की। 

रोजी रानी पर तथ्यों को छिपाने और सरकार को गुमराह करने का आरोप है। इसके अलावा इनकी रिपोर्ट के आधार पर ही दोषी संस्थाओं को सरकारी अनुदान का भुगतान होता रहा। रोजी रानी के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही कमेटी ने उनके जवाब को अस्वीकृत कर दिया और बिहार लोकसेवा आयोग की सहमति के बाद बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।

सीबीआई चार महिलाओं समेत 7 से करेगी पूछताछ
बालिका गृह कांड में जांच कर रही सीबीआई शहर की 4 महिलाओं समेत सात लोगों से पूछताछ करेगी। यह सभी ब्रजेश ठाकुर की संस्था एवं बालिका गृह में कर्मचारी रह चुके हैं। सीबीआई ने गुरुवार को इन सभी के संबंध में जिला बाल संरक्षण इकाई में छानबीन की थी। सहायक निदेशक उदय झा से सभी सातों का ब्योरा लिया। सहायक निदेशक ने बताया कि पूर्ववर्ती नर्स, स्वीपर, ट्वीटर और व्यवसायिक प्रशिक्षकों के बारे में जानकारी ली गई है। इस कांड में सीबीआई ने अब तक डॉक्टर प्रमीला की तलाश नहीं कर पाई है। हालांकि उसे फरार बताते हुए चार्जशीट दाखिल की गई है।

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