पर्यटन की ऐसी ललक कि अब भी पहुंच रहे सैलानी
बाेेले संजीव- जांच के लिए पहुंचने पर एसकेएमसीएच में नहीं हुअा अच्छा बर्ताव
इटली से 23 फरवरी को पैतृक गांव मारकन हसनपुर पहुंचे संजीव कुमार की छुट्टी खत्म हाे गई है। लेकिन, वे जिस कंपनी में काम करते हैं वहां के प्रबंधन ने अभी भारत में ही रहने के लिए कहा है। वे छाेटे भाई की शादी में शामिल हाेने के लिए परिवार के साथ अाए हैं। जब विमान से दिल्ली उतरे थे ताे उस समय एयरपोर्ट पर कोरोना बीमारी की जांच शुरू नहीं हुई थी। संजीव के करीबी ने बताया कि 23 फरवरी काे वे परिवार के साथ पैतृक गांव पहुंचे। लेकिन, शासन-प्रशासन की नींद शुक्रवार 13 मार्च काे खुली। दाेपहर 2 बजे विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम मुरौल पीएचसी से एम्बुलेंस लेकर उनके घर पहुंची अाैर कोरोना जांच के लिए सहयोग मांगा। संजीव प|ी के साथ एसकेएमसीएच पहुंचे। लेकिन, उनके अनुसार वहां कर्मचारियाें ने उनसे अच्छा व्यवहार नहीं किया। बताया कि कोरोना की जांच कराने की बात कहते ही वहां मौजूद सभी लोग अभद्र व्यवहार करने लगे। बल्कि, डॉक्टर ने भी कहा कि तुम बाहर निकल जाओ, कहीं अाैर जाकर जांच करा लो। जब उन्हें कहा कि आप लिख कर दें कि जांच नहीं करेंगे, ताे इनकार कर दिया। बाद में एसकेएमसीएच प्रबंधक की पहल दंपती व 3 महीने की बच्ची का सैंपल लिया गया। रात करीब 8 बजे तीनों को एसकेएमसीएच से छुट्टी दी गई।
मुर्गे पर आई शामत, नहर में फेंक रहे हैं कारोबारी
भास्कर न्यूज | मड़वन
कोरोना वायरस के डर से इन दिनों चिकन की बिक्री लगभग रुक गई है। इससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बिक्री नहीं होने पर प्रखंड के गोरियारा स्थित तिरहुत नहर में रातों-रात सैकड़ों मुर्गा फेंक कोई व्यक्ति फरार हो गया। पानी में डूब कर मुर्गे के मर जाने से आसपास में दुर्गंध फैल गई है। वहीं, मड़वन-गोरियारा रोड से आने जाने वालों को इसके दुर्गंध से भारी परेशानी हो रही है। भगवानलाल, आनंद कुमार, संजीव कुमार, आनंद कुमार, कन्हैयालाल, क्रांति कुमार, काजल कुमारी, किरण कुमारी, आरती कुमारी आदि ने बताया कि दुर्गंध इतना ज्यादा है कि इस रास्ते से आना-जाना भी मुश्किल है।
सभी ने प्रशासन से अविलंब इसका समाधान निकालने की मांग की है। उधर, साहेबगंज में कोरोना वायरस को लेकर चिकेन (मुर्गा) की बिक्री पर गंभीर असर पड़ा है। शनिवार को बल्थी चौक पर मुर्गा 20 रुपए प्रति पीस बिका। इसके अलावा अन्य इलाकों में भी मुर्गे की बिक्री नहीं के बराबर हो रही है।
जंक्शन पर बंटे साबुन मास्क व सेनेटाइजर
रेल एसपी के निर्देश पर जीआरपी ने जंक्शन पर जवानाें के साथ माइकिंग करते हुए यात्रियाें काे बचाव के तरीके बताए। कई यात्रियाें में साबुन बांटे। स्टेशन अधीक्षक प्रियदर्शी राजीव ने कर्मचारियाें के बीच वायरस से बचाव को करीब 100 मास्क, सेनेटाइजर, हैंडवास अादि बांटे। हालांकि, इतना ही बांटने के लिए अभी दिया गया था।
कमिश्नर ने सिविल सर्जन से मांगी रिपोर्ट
काेराेना वायरस से बचाव के लिए जिले में तैयारी से संबंधित रिपाेर्ट प्रमंडलीय अायुक्त ने सिविल सर्जन से मांगी है। उन्हाेंने सदर अस्पताल व एसकेएमसीएच में क्या-क्या तैयारी है, कितने मरीज अाए, इलाज की क्या व्यवस्था है, मरीज का फाॅलाेअप हाे रहा या नहीं अादि की रिपाेर्ट मांगी है। साथ ही जागरूकता को किए जा रहे कार्याें के बारे में भी विस्तार से रिपाेर्ट देने काे कहा है।
स्थानीय लोग कम आ रहे, दुकानदार बना कर रख रहे दूरी
कोरोना वायरस संक्रमण के डर से स्थानीय लोग बहुत कम संख्या अशोक स्तंभ परिसर आ रहे हैं। वहीं, दुकानदार विदेशी पर्यटकों से दूरी बना कर रख रहे हैं। मास्क लगाकर ही विदेशी पर्यटकों से बात करते हैं। अशोक स्तम्भ परिसर के आसपास कई बौद्ध टेंपल एवं बौद्ध विहार स्थापित हैं। जिसमें वत्रा थाई भीखूनि विहार, म्यामांर टेंपल प्रमुख हैं, जहां विदेशी पर्यटक रुकते हैं।वहां भी घोर लापरवाही बरती जा रही है। किसी भी प्रकार की जांच एवं जागरूकता का अभाव दिख रहा है। राज्य सरकार द्वारा म्यूजियम एवं पार्क को बंद करने के आदेश तथा सामूहिक रूप से इकट्ठा होने पर रोक के बावजूद बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक व बौद्ध भिक्षु पहुंच रहे हैं। ये राज्य सरकार के आदेश का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है।
बंद रखने के आदेश के बावजूद खुले रहे निजी स्कूल व कोचिंग संस्थान
कोरोना वायरस के डर से नहीं हो रही चिकन की बिक्री।
सफाई अभियान को मेयर व डिप्टी मेयर ने दिया निर्देश
सरैया के कोल्हुआ स्थित अशोक स्तंभ परिसर में जुटे बौद्ध पर्यटक।
इटली से आए दंपती का लिया गया सैंपल
भास्कर न्यूज | सरैया
विश्वव्यापी महामारी का रूप ले रहे कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट के बावजूद सरैया के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का आना जारी है। सरैया के कोल्हुआ स्थित अशोक स्तंभ परिसर के भ्रमण पर आनेवाले विदेशी सैलानी बिना मास्क के ही पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी सैकड़ों बौद्ध पर्यटक अशोक स्तम्भ परिसर पहुंचे। इनमें से अधिक संख्या श्रीलंका, म्यांमार, कम्बोडिया के नागरिकों की थी। परिसर के भीतर बने पार्क में म्यांमार, श्रीलंका के अलावा महाराष्ट्र से पहुंचे बौद्ध धर्मावलंबियों ने सामूहिक रूप से प्रार्थना भी की। म्यांमार के पर्यटकों के साथ पहुंचे गाइड नर्मदेश्वर ने बताया कि हम लोग बोधगया से वैशाली पहुंचे हैं। यहां से नेपाल जाना था, लेकिन रोक लग जाने के कारण लखनऊ जाकर वहां से सभी पर्यटक अपने देश लौट जाएंगे। वैसे सैलानी कोरोना के डर से यात्रा कम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जापान, थाईलैंड आदि देशों के पर्यटकों का अशोक स्तम्भ परिसर पहुंचना बहुत कम हो गया है। भारत में कोरोना का मामला सामने आने के बाद से चाइनीज पर्यटकों को लेकर इक्का-दुक्का ही वाहन ही कोल्हुआ पहुंचा है।
उधर, पर्यटन स्थलों पर निगरानी में कमी देखी जा रही है। जबकि, सरकार एडवाइजरी जारी कर चुकी है कि सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले विदेशी पर्यटकों के लिए कोरोना से बचाव को लेकर जरूरी एहतियात बरती जाए। अॉब्जर्वेशन पर रखने के बाद उन्हें मास्क लगा कर ही पर्यटन स्थलों पर घूमने दिया जाए।
साहेबगंज | कोरोना वायरस से बचाव को लेकर सरकार द्वारा 31 मार्च तक निजी स्कूलों व कोचिंग संस्थानों को बंद कर देने के आदेश का असर क्षेत्र में खुले कोचिंग संचालकों पर नहीं पड़ा है। शनिवार को भी अधिकतर कोचिंग व निजी स्कूल खुले रहे। बीईओ प्यारे मोहन तिवारी ने बताया कि सोमवार को टीम बना कर निजी स्कूलों एवं कोचिंग संस्थानों की जांच की जाएगी। खुले पाए जाने पर कार्रवाई करने की बात कही।
मुजफ्फरपुर | सतर्कता के तहत मेयर सुरेश कुमार व डिप्टी मेयर मान मर्दन शुक्ला ने शहर में सफाई अभियान चलाने का निर्देश जारी किया है। मेयर ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर रात्री पाली में भी कूड़ा उठाव किया जाएगा। दाे पालियाें में फॉगिंग व नालाें में मच्छररोधी दवा छिड़काव कराए जाएंगे। सफाई कर्मचारियों काे मास्क, ग्लब्स अादि जरूरी उपकरण दिए जाएंगे। इसके लिए मेयर व डिप्टी मेयर ने नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा काे पत्र भेजा है।
ग्रामीणों के साथ हनुमान अाराधना में की शिरकत
हसनपुर निवासी संजीव 2 वर्षाें से इटली के (निराम) शहर में रह रहे हैं। वहां टाटा कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। वहीं 3 महीने पहले बेटी हुई। संजीव के पिता राम सिरताज सिंह 6 माह पहले गुजर गए। उस समय भी वे गांव अाए थे। कहा कि टाटा रिसर्च सेंटर में 200 समेत पूरे निराम शहर में करीब एक हजार भारतीय हैं। फरवरी तक वहां कोरोना की उतनी चर्चा नहीं थी। पीएम मोदी के चलते वहां के लोग भारतीय नागरिकों से अच्छा व्यवहार करते हैं। लेकिन, काेराेना काे लेकर छुट्टी खत्म हाे जाने पर भी कंपनी ने अभी भारत में ही रहने का सुझाव दिया है। वे शनिवार काे ग्रामीणाें के साथ हनुमान अाराधना में बैठे थे।
राज्य सरकार से कोई निर्देश नहीं मिला है
अब तक विभाग अथवा राज्य सरकार की ओर से इसे लेकर किसी प्रकार का कोई आदेश नहीं मिला है। हालांकि, अशोक स्तंभ परिसर में तैनात कर्मचारी एवं सुरक्षा गार्ड एहतियात के रूप में बचाव के लिए मास्क पहन रहे हैं एवं विदेशी पर्यटकों से दूरी बना कर ड्यूटी कर रहे हैं।
-विक्रम कुमार झा, सीए, अशोक स्तम्भ
सुबह से दोपहर तक लगे रहे 22 वाहन
जाड़े में अशोक स्तंभ पहुंचने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या 3 से 6 हजार प्रतिदिन होती है। जबकि, आम दिनों में 1500 से 3 हजार। शनिवार की सुबह 4 बजे से दोपहर एक बजे तक बौद्ध धर्मावलंबियों के 22 वाहन अशोक स्तंभ परिसर पहुंचे। जिनमें से करीब 1100 विदेशी पर्यटक मौजूद थे। इनमें से महज 10 फीसदी ही मुंह पर मास्क लगाए थे।
साेनपुर रेलमंडल से हेल्पलाइन नंबर जारी
साेनपुर मंडल ने शनिवार काे हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। डीअारएम अनिल गुप्ता ने जागरूकता व बचाव केे कार्याें का जायजा लिया। एडीअारएम पंकज कुमार ने बताया कि मेडिकल हेल्पलाइन नंबर 62860-61 व 7369021570 जारी किया गया है। इसके अलाव अापात नियंत्रण कक्ष भी बना है, जिसका नंबर 62225 है। वहीं साफ-सफाई व जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।