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टास्क फोर्स की सलाह : भ्रांतियों और अफवाह से बचें कोरोना को लेकर सतर्कता और जागरूकता जरूरी

एक वर्ष पहले
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देश भर में कोरोना वायरस के 76 से अधिक मामलों की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार की अाेर से हाई अलर्ट किया गया है। कोरोना वायरस के प्रति काफी भ्रांतियां भी फैल रही हैं। स्थिति चिंताजनक न हो, इसको लेकर लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। शुक्रवार काे समाहरणालय में गठित जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में ये बातें डीडीसी उज्ज्वल कुमार सिंह ने कहीं। बताया गया कि कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। इस बीमारी से बचाव के लिए सिर्फ सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बैठक में निचले स्तर तक लोगों को जागरूक करने के लिए जिम्मेवारी तय की गई। बताया गया कि जिला और मेडिकल कॉलेजों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्यूर(एसओपी) भी उपलब्ध कराया गया है। पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट्स किट्स, एन-95 मास्क, इन्फ्रारेड थर्मामीटर सभी जिलों एवं मेडिकल कॉलेजों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. शैलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि पूर्व में जारी एडवायजरी के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों आशा, एएनएम एवं अन्य स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही पुलिस अधीक्षक चौकीदारों के माध्यम से यह जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे। बैठक में एसकेएमसीएच, शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन, नगर निगम से पदाधिकारी उपस्थित थे।

ऐसे बच सकते हैं कोरोना वायरस के संक्रमण से

बाहर से घर लौटते ही साबुन पानी से हाथ धोएं। सेनिटाइजर लगाएं। कुछ भी खाने से पहले अच्छी तरह हाथ धोएं।

सदर में 6 व एसकेएमसीएच में 10 बेड की व्यवस्था

सिविल सर्जन डाॅ. शैलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि अभी तक जो कोरोना के लक्षण पाए गए हैं, उसमें तेज बुखार, सर्दी, सूखी खांसी तथा सांस लेने में दिक्कत प्रमुख है। इसको लेकर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट मोड पर हैं। प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सदर अस्पताल में छह विशेष बेड व एसकेएमसीएच में कोरोना के मरीजों के लिए 10 बेड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि चार संदिग्ध की जांच रिपोर्ट निगेटिव है।

इन बातों का रखें ख्याल

{बुखार, सर्दी या सांस लेने में समस्या हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं एवं उन्हें बीते दिनों की यात्रा के बारे में बताएं।

{यदि कोई व्यक्ति बीमार लग रहा हो और खांस या छींक रहा हो तो उससे कम से कम 2 मीटर की दूरी बनाकर रखें।

{चेहरे पर मास्क का ठीक तरह से इस्तेमाल करें।

{नियमित रूप से बुखार की जांच करें।

{भीड़ में जाने से बचें।

ऐसे होता है संक्रमण

सामान्य लक्षण

इन लक्षणाें को परखें, रहेंगे स्वस्थ

खांसी या छींकते समय नाक और मुंह टिशू पेपर या रूमाल से ढंके। जहां-तहां न थूकें।

कोई भी संक्रामक
लक्षण दिखने पर तुंरंत डॉक्टर
से मिलें।

हाथ मिलाने की औपरिकता से बचें

आंख, नाक और चेहरे को बार-बार छुएं

सर्दी-जुकाम या फ्लू के लक्षण वाले व्यक्ति के अधिक निकट न रहें।

बुखार

दो दिन बाद सात दिनों तक सूखी खांसी होना

सांस की तकलीफ महसूस होना

पाचन संबंधी समस्याएं शुरू होना

डायरिया और पूरे शरीर में दर्द होना

संक्रमित व्यक्ति के कफ या छींक के संपर्क और संक्रमित वस्तुओं को छूने से।

गंभीर लक्षण

{100 डिग्री फारेनहाइट या इससे अधिक तेज बुखार

{निमोनिया और किडनी फेल हो जाना
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