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युवती काे जिंदा जलाने के अारोपित काे बेल मिलने से अपर लाेक अभियोजक और अाईअाे पर उठे सवाल

Muzaffarpur News - अहियापुर में जिंदा जलाई गई युवती के मामले में अभियुक्त मुकेश कुमार काे जमानत मिलने के बाद मामला तूल पकड़ लिया...

Feb 15, 2020, 08:56 AM IST
Muzaffarpur News - the questions raised on the upper lock prosecutor and the aayi after the girl was found to be implicated for burning the woman alive

अहियापुर में जिंदा जलाई गई युवती के मामले में अभियुक्त मुकेश कुमार काे जमानत मिलने के बाद मामला तूल पकड़ लिया है। पीड़िता की मां डीएम काे पत्र लिख कर अपर लाेक अभियोजक पर केस में मजबूत पक्ष नहीं रखने काे लेकर कार्रवाई की मांग की है। दूसरी अाेर, जनहित अधिवक्ता मंच ने डीजीपी काे पत्र लिख कर महिला थानेदार जांच अधिकारी अाभा रानी पर गंभीर अाराेप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। अपर लाेक अभियोजक ने भी पुलिस की भूमिका का बड़ा सवाल उठाते हुए कहा है कि पुलिस की अाेर से कई स्तर पर गलती व सुस्ती की गयी है। जिससे अभियुक्त काे जमानत मिला।

मृतका की मां ने शुक्रवार काे डीएम काे पत्र लिख कर कहा है कि अभियुक्त मुकेश कुमार के जमानत पर सुनवाई के दाैरान न्यायालय द्वारा 7 बार डायरी की मांग की गयी। डायरी नहीं अाने काे अाधार बना कर अभियुक्त काे जमानत मिल गयी। उक्त जमानत आवेदन की सुनवाई के दाैरान अपर लाेक अभियोजक ने अभियुक्त एवं पुलिस से मिलीभगत कर डायरी उपलब्ध नहीं कराया एवं प्राथमिकी में केस से जुड़े हत्या की धारा 302 के बारे में भी न्यायालय काे जानकारी नहीं दी। एलसीअार की भी मांग नहीं की। जिसकी वजह से अभियुक्त काे जमानत मिला। डीएम के साथ आवेदन की कॉपी जिला लाेक अभियाेजक,एसएसपी काे भी दी गयी है।

डीजीपी से कार्रवाई की मांग

पीड़ित पक्ष का मामला देख रहे अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने शुक्रवार काे डीजीपी काे पत्र लिख कर जांच अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की। मंच द्वारा कहा गया है कि बार-बार केस डायरी की डिमांड काेर्ट से करने के बावजूद डायरी नहीं दिया गया। डायरी नहीं हाेने की वजह से जमानत मिली। यह मामला रेयरेस्ट अाॅफ द रेयर है। जिसमें किसी भी तरह की लापरवाही से समाज में गलत संदेश जाएगा। अाम जनता का भराेसा पुलिस प्रशासन से उठ जाएगा।

अपर लाेक अभियोजक ने कहा-पुलिस की अाेर से गंभीर चूक हुई

अपर लाेक अभियोजक कृष्ण देव साह का कहना है कि पूरे मामले में पुलिस की अाेर से गंभीर चूक हुई है। 16 दिसंबर काे इलाज के दाैरान युवती की माैत हुर्ई। इसके पहले ही 13 दिसंबर काे अभियुक्त मुकेश सरेंडर किया। अभियुक्त की अाेर से प्राथमिकी का नकल 18 दिसंबर काे काेर्ट से लिया गया। जिंदा जलाने के मामले में घटना के समय दर्ज मामले में 302 नहीं जुड़ा था। 16 काे जब युवती की माैत हाे गयी ताे 17 काे काेर्ट में पुलिस की अाेर से प्राथमिकी में हत्या का धारा जाेड़ने के लिए आवेदन देना चाहिए। पुलिस संभवत: इंतजार करती रही कि अभियुक्त की अाेर से काेर्ट से प्राथमिकी का नकल ले लिया जाए। 18 काे नकल लेने के बाद 19 दिसंबर काे हत्या का धारा जाेड़ने के लिए अर्जी दी। काेर्ट में सुनवाई के दाैरान डायरी की मांग पुलिस से की गयी। दाे बार काेर्ट व दाे बार पीपी अाॅफिस के माध्यम से डायरी मांगी गयी। लेकिन, डायरी नहीं मिली।

पीड़िता के घर पर तैनात जवान काे हटाया

अहियापुर में जिंदा जलाई गई युवती के घर पर सुरक्षा के लिए तैनात जवान काे हटा लिया गया है। जनहित मंच के अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह का कहना है कि पीड़िता के घर से सुरक्षाकर्मी काे नहीं हटाना चाहिए। इस मामले काे लेकर वरीय पदाधिकारी से शिकायत की जायेगी।

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