राज्य सरकार पैसा खोज रही और विवि के खजाने में पड़े हैं पौने 4 अरब रुपए

Muzaffarpur News - कोरोना संकट के बीच वित्तीय वर्ष के आखिरी में राज्य सरकार पैसे के जुगाड़ में लगी है। वहीं, बीआरए बिहार...

Mar 31, 2020, 07:40 AM IST

कोरोना संकट के बीच वित्तीय वर्ष के आखिरी में राज्य सरकार पैसे के जुगाड़ में लगी है। वहीं, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के खजाने में वेतन और पेंशन आदि के भुगतान के बाद भी वित्तीय वर्ष 2019-20 के पौने 4 अरब से अधिक रुपए पड़े हैं। इस राशि को अब मार्च के वेतन-पेंशन में खर्च करने की तैयारी है। कुलसचिव डॉ. मनोज कुमार ने इसका ब्याेरा सरकार को देते हुए वेतन-पेंशन देने की अनुमति मांगी है। दरअसल, यह राशि खजाने में इसलिए पड़ी है, क्योंकि विवि खर्च से ज्यादा मांग लेता है या पैसा मिलने के बाद सही तरीके से समय पर भुगतान नहीं होता है। सरकार ने इस पर आपत्ति भी जताई है। बताया जाता है कि बची हुर्इ राशि वापस होने के डर से भी आनन- फानन में सरकार को पत्र लिखा गया है। दरअसल, वित्तीय वर्ष की शुरुआत में प्रक्रिया पूरी होने में दो माह लग जाते हैं। ऐसे में मार्च और अप्रैल का वेतन मर्इ में एक साथ मिलता है। पीजी शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार राय ने कोरोना संक्रमण के दौर में वेतन के लोक लेखा खाते में जमा 1.70 अरब एवं पेंशन खाते में जमा 2.9 अरब से मार्च का वेतन देने की मांग कुलसचिव से की थी। कुलसचिव ने सरकार को भेजे पत्र में कहा है कि पेंशनरों का बकाया उपादान, अर्जित अवकाश आदि का लंबित भुगतान प्रक्रिया में है, जिसके भुगतान के बाद भी गैर वेतन आदि मद में नियमित पेंशन के लिए राशि उपलब्ध रहेगी। ऐसे में मार्च का वेतन दिया जा सकता है।

प्रगतिशील संघ देगा एक दिन का वेतन

मुजफ्फरपुर | बीआरएबीयू प्रगतिशील कर्मचारी संघ से जुड़े सभी सदस्य अपना एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में देंगे। संघ के सचिव नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सभी कर्मी मार्च माह के वेतन से एक दिन का मेहनताना आपदा प्रबंधन के लिए पीएम राहत कोष में देने का निर्णय लिया। सदस्यों से वीडियो कॉल के जरिए इस पर चर्चा की गई थी।

अब 15 दिनों में सुलझेंगी समस्याएं

मुजफ्फरपुर | बीआरएबीयू में अब छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निपटारा 15 दिनों के अंदर होगा। लंबित कार्य के निपटारा के बाद उन्हें कॉल या एसएमएस से जानकारी दी जाएगी। अपनी विविध समस्याएं जैसे रिजल्ट सुधार, सर्टिफिकेट, पेंडिंग, छात्रवृत्ति समेत अन्य मांगों को लेकर स्टूडेंट्स ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन मोड में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत की छात्रों को रशीद भी उपलब्ध होगी। तीन सदस्यीय कमेटी समस्याओं का निदान करेगी। वीसी डॉ. हनुमान प्रसाद पांडेय ने स्टूडेंट्स की समस्याओं को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी की सौंपी गई रिपोर्ट में पेंडिंग रिजल्ट से लेकर रजिस्ट्रेशन, सर्टिफिकेट समेत अन्य मांगें शामिल हैं। प्रवक्ता डॉ. सतीश कुमार राय ने बताया, लॉकडाउन समाप्त होने के बाद इस कार्य योजना को शुरू किया जाएगा।

शिक्षकों-शिक्षकेतर कर्मियों के खाते में दी जाए अनुदान राशि

मुजफ्फरपुर | डेमोक्रेटिक अलायंस अाॅफ टीचर्स के संस्थापक सदस्य डॉ. अरुण कुमार सिंह ने सीएम से आग्रह किया है कि पिछले वित्तीय वर्ष की अनुदान राशि शिक्षकों अाैर शिक्षकेतर कर्मचारियों के खाते में सीधे दिलवाएं। उन्होंने कहा है कि स्थापनानुमति माध्यमिक विद्यालय अाैर इंटर कॉलेज वित्तरहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षकों व कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति लॉकडाउन के कारण बदतर हो गई है। इस विषम परिस्थिति में अनुदान की राशि का वितरण कॉलेज व विद्यालय स्तर से मुमकिन नहीं है। सभी शिक्षकों अाैर कर्मियों के खाता विवरण संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध हैं। एेसे में सीएम से मांग की गई है कि वह शिक्षा विभाग को निर्देश देकर कम से कम एक वित्तीय वर्ष की राशि सीधे खाते में दिलवाएं।

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