तेरे माथे पर ये आंचल बहुत ही खूब है, लेकिन तू इस आंचल से इक परचम बना लेती तो अच्छा था...

Muzaffarpur News - डाॅ. शाेभना चंद्रा सीनियर डेंटिस्ट तेरे माथे पे ये आंचल बहुत ही खूब है लेकिन, तू इस आंचल से इक परचम बना लेती...

Mar 08, 2020, 08:20 AM IST
डाॅ. शाेभना चंद्रा
सीनियर डेंटिस्ट


तेरे माथे पे ये आंचल बहुत ही खूब है लेकिन, तू इस आंचल से इक परचम बना लेती तो अच्छा था। किसी शायर ने महिलाओं को समर्पित कर ये चंद पंक्तियां लिखी हैं। जुझारू, आत्मविश्वासी, स्वप्न द्रष्टा व कभी न हार मानने का जज्बा दिखाने वाली शहर की महिलाएं अपनी मेहनत से अपनी किस्मत लिख उक्त पंक्तियों काे साकार सच साबित कर रही हैं। सामाजिक कार्याें के जरिए महिला सशक्तीकरण कर मिसाल बन रही हैं। चाहे वह खेल के मैदान में धूल चटाने के दांव-पैंतरे हाें या राजनीति की बिसात पर शह और मात का खेल। प्रतिभा के मामले में उर्वर मुजफ्फरपुर की इस धरती से ही शिवांगी जैसी बेटी निकली है, जो नौसेना की पहली महिला पायलट बनी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ऐसी ही महिलाओं से जुड़ीं कहानियां पढ़िए, जिन्होंने अपनी कामयाबी अाैर सेवा के जज्बे से नई इबारत लिखी हैं अाैर लिख ही रही हैं।

सामाजिक कार्यों के जरिए महिला सशक्तीकरण कर बन रही हैं मिसाल

अधिकार के लिए लड़ीं, सरपंच से जिला पार्षद तक बनीं महिलाएं

अब तक एक हजार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ चुकीं

निर्भया कांड के बाद लड़कियों को सिखा रही हैं मार्शल आर्ट

संगीता कुमारी
अधिकारी, सेंटर डायरेक्ट


रंभा सिंह निर्देश

एक समय घर-आंगन से बाहर कदम नहीं रखने वालीं महिलाएं जब जागरूक होती हैं तो अपना अधिकार लड़ कर अाैर छीन कर भी ले लेती हैं। ऐसी ही कुछ महिलाएं जागरूक होकर सरपंच से लेकर जिला पार्षद पद तक का सफर तय करती हैं।

निर्देश संस्था की रंभा सिंह कहती हैं कि पिछले 25 वर्षों से यह संस्था महिलाओं को सशक्त करने का अभियान चला रही है, ताकि घर से लेकर बाहर तक वे सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सकें। अपनी मेहनत और नेतृत्व के बल पर उन्हें समाज में नई पहचान मिली है। रंभा सिंह ने बताया कि महिलाओं को अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी होगी। जब-जब वह अपना दायरा बढ़ाती हैं, तो यह समाज राहों में रोड़े अटकाता है। इससे जूझते हुए आगे बढ़ने का हौसला कायम रखना है, तभी आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

नारी सशक्तीकरण के दौर में संगीता महिलाओं के विकास की नई इबारत लिख रही हैं। अब तक वह जिले में एक हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ चुकी हैं। वह सेंटर डायरेक्ट की क्षेत्रीय पदाधिकारी हैं। कहती हैं कि उनका मकसद महिलाओं, छात्राओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण से लेकर रोजगार तक के क्षेत्र में जागरूक करना है। संगीता जिले में महिलाओं काे शिक्षा, बाल हिंसा, यौन हिंसा से लेकर उनकी आर्थिक प्रगति तक हर लिहाज से सशक्त करने के लिए अभियान चला रही हैं। संगीता कुमारी ने बताया कि वह सरैया प्रखंड में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ चुकी हैं। महिलाएं छोटे-छोटे रोजगार कर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करती हैं। उनके मुताबिक धीरे-धीरे यहां की महिलाएं जागरूक हो रही हैं, लेकिन और सशक्त होने की जरूरत है।

मुजफ्फरपुर की जानी-मानी डेंटल सर्जन डॉ. शोभना चंद्रा शहर की महिलाओं अाैर बेटियों काे आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दे रही हैं। वह शहर के सरकारी से लेकर निजी स्कूलों तक पहुंच कर छात्राओं को नि:शुल्क मार्शल आर्ट सिखाती हैं। अपनी देखरेख में ही प्रशिक्षण दिलाती हैं। सीनियर डेंटिस्ट डाॅ. चंद्रा बताती हैं कि निर्भया कांड और डॉ. प्रियंका रेड्डी के साथ हुई नृशंस घटना के बाद महिलाओं को जागने की जरूरत है। ऐसी किसी तरह की अनहोनी अाैर विपरीत परिस्थिति में खुद की रक्षा के लिए उन्हें तैयार होना चाहिए।

इसी मकसद से उन्हें अपराजिता नाम की ट्रेनिंग कराई जा रही है। ब्लैक बेल्ट चैंपियन शिवानंद की देखरेख में महिलाएं अाैर छात्राओं काे ट्रेंड किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका और विस्तार होगा।

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