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मुजफ्फरपुर कांड: ब्रजेश से बरामद पर्ची में मिले 3 मंत्रियों के नंबर, मोबाइल नंबरों का किया जा रहा मिलान

बृजेश के पास मिले नंबरों में से कुछ समाज कल्याण विभाग के अफसरों और नेताओं के हैं

Bhaskar News | Last Modified - Aug 13, 2018, 04:44 AM IST

मुजफ्फरपुर कांड: ब्रजेश से बरामद पर्ची में मिले 3 मंत्रियों के नंबर, मोबाइल नंबरों का किया जा रहा मिलान

मुजफ्फरपुर/ पटना.जेल में बंद ब्रजेश ठाकुर के पास से मिले डायरी के तीन पन्ने में 3 मंत्री और कई वरीय अधिकारी के निजी फोन नंबर हैं। जेल अस्पताल में मिले मोबाइल के सीडीआर से ब्रजेश से बात करने वाले हाई प्रोफाइल लोग बेनकाब होंगे। उसके पास से मिले मोबाइल नंबरों का भी सीडीआर मिलान किया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि ब्रजेश बालिका गृह कांड को मैनेज करने के लिए जेल से मोबाइल पर बात करता था। पुलिस ने कोर्ट में इस सूची को प्रस्तुत कर दिया है। सूची में अफसाना, ममता समेत कई महिलाओं के नंबर भी हैं। इससे सवाल उठ रहा है कि ब्रजेश आखिर इन महिलाओं का नंबर जेल में क्यों रखा था। सीबीआई ने चार दिन पहले ब्रजेश के वाहन चालक से पूछताछ की थी और उसके मोबाइल कॉल को खंगाला था।

पर्ची की जांच में लगी सीबीआई:मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में ब्रजेश ठाकुर के पास मिली पर्ची सीबीआई की जांच टीम के पास पहुंच गई है। पुलिस ने तीनों पेपर उपलब्ध करा दिए हैं। इनमें 40 से अधिक मोबाइल नंबर व नाम लिखे हैं। बदले हालात में जांच टीम ने उन तमाम मोबाइल नंबरों का सीडीआर (कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड) निकालने की कवायद शुरू कर दी है। सीडीआर की जांच में ब्रजेश के जेल जाने के बाद बातचीत का खुलासा हो जाएगा। साथ ही यह पता भी चलेगा कि मामला दर्ज होने के पहले या बाद में वह किन लोगों के संपर्क में ब्रजेश था। इन परिस्थितियों में आने वाले दिनों में उन लोगों से पूछताछ हो सकती है जिनसे मोबाइल पर ब्रजेश बात करता था। संबंधित लोगों से बातचीत की वजह के साथ ही अन्य बिंदुओं पर जानकारी हासिल की जाएगी। हालांकि जेल प्रशासन या पुलिस अफसर फिलहाल पर्ची में लिखे नंबर या नाम के बाबत मुंह खोलने से परहेज कर रहे हैं।

3 बार तलाशी में पर्ची छिपाने में कामयाब रहा:जेल में शनिवार को हुई छापेमारी के लिए गठित दल में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि जेल अस्पताल में ब्रजेश व उसके सामान की तीन बार तलाशी ली गई। वह तीन बार की तलाशी में मोबाइल नंबरों को छिपाने में कामयाब हो गया। चौथी बार जब उसकी बॉडी सर्च की गई तो मोबाइल नंबर लिखा डायरी का पन्ना और बैंक खाते से निकासी व लेन-देन का ब्योरा मिला।

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